क्या खेल से जुड़ी सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना संभव है? पीएम मोदी

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क्या खेल से जुड़ी सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना संभव है? पीएम मोदी

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर खेलो भारत नीति के माध्यम से खेलों को गांव-गांव तक पहुंचाने की बात की। यह नीति खेल को एक करियर के रूप में स्थापित करने और नागरिकों को सशक्त बनाने का प्रयास है। क्या हम इस दिशा में सफल होंगे?

मुख्य बातें

खेलों को गांवों तक पहुंचाना खेलो भारत नीति का कार्यान्वयन सामाजिक समावेशिता महिलाओं और हाशिए पर पड़े समूहों को सशक्त बनाना 2036 ओलंपिक की तैयारी

नई दिल्ली, 15 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित किया। अपने भाषण में, उन्होंने कहा कि सरकार एक ऐसा ईको सिस्टम विकसित करने का लक्ष्य रखती है जिसमें खेल से संबंधित सभी संसाधनों का निर्माण संभव हो सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "एक समय था जब बच्चों का खेल में मन लगाना माता-पिता को पसंद नहीं आता था। अब स्थिति बदल गई है। आज, जब बच्चे खेलों में आगे बढ़ते हैं, तो माता-पिता गर्व महसूस करते हैं। यह एक सकारात्मक संकेत है।" उन्होंने कहा कि परिवारों में खेल को प्रोत्साहित करने का माहौल देखकर उन्हें गर्व होता है, जो देश के भविष्य के लिए शुभ संकेत है।

उन्होंने आगे कहा, "खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए, हम नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी और 'खेलो भारत नीति' का कार्यान्वयन कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य खेल क्षेत्र का समग्र विकास करना है। स्कूलों से लेकर ओलंपिक स्तर तक, हम एक पूरा ईको सिस्टम तैयार करना चाहते हैं, जिसमें कोचिंग, फिटनेस और आवश्यक साधनों की व्यवस्था हो। लघु उद्योगों को भी खेल संसाधन विकसित करने में मदद की जाएगी, और हम ऐसा ईको सिस्टम बनाना चाहते हैं जो देश के गांवों तक पहुंचे।"

खेलो भारत नीति 2025 का उद्देश्य देश के खेल परिदृश्य को नया रूप देना और नागरिकों को खेलों के माध्यम से सशक्त बनाना है। यह पहल जमीनी स्तर से लेकर उच्च स्तर तक खेल कार्यक्रमों को मजबूती प्रदान करने पर केंद्रित है। इसके अंतर्गत प्रतिभाओं की पहचान, प्रतिस्पर्धी लीगों और प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देना, और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है।

सरकार इस नीति के माध्यम से महिलाओं, हाशिए पर पड़े समुदायों, जनजातीय समूहों और विकलांग व्यक्तियों की खेलों में भागीदारी को बढ़ावा देते हुए उन्हें सशक्त बनाना चाहती है। इसके अलावा, खेल को एक करियर के रूप में स्थापित करने का प्रयास भी किया जाएगा।

खेलो भारत नीति का एक लक्ष्य 2036 ओलंपिक में उत्कृष्टता प्राप्त करना है, जिससे भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित किया जा सके और संभावित रूप से इन खेलों की मेज़बानी का अवसर प्राप्त हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह नीति खेलों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल खेल को प्रोत्साहित करती है, बल्कि सामाजिक समावेश और स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देती है। हमें इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खेलो भारत नीति का उद्देश्य क्या है?
खेलो भारत नीति का उद्देश्य देश के खेल परिदृश्य को नया रूप देना और खेलों के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाना है।
सरकार कैसे खेलों को बढ़ावा दे रही है?
सरकार ने नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी और खेलो भारत नीति के माध्यम से खेलों को बढ़ावा देने का प्रयास किया है।
खेलो भारत नीति के तहत क्या योजनाएं हैं?
इस नीति के तहत प्रतिभाओं की पहचान, प्रतिस्पर्धी लीगों और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए तंत्र का विकास करना शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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