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एशियन गेम्स मुक्केबाजी: अंकुश पंघाल फाइनल में, नरेंद्र को ब्रॉन्ज से करना पड़ा संतोष

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एशियन गेम्स मुक्केबाजी: अंकुश पंघाल फाइनल में, नरेंद्र को ब्रॉन्ज से करना पड़ा संतोष

सारांश

एशियन गेम्स 2023 में भारतीय मुक्केबाजी का जलवा — अंकुश पंघाल ने 1-4 से पिछड़कर 4-1 से जीत दर्ज की और 2018 के बाद पहली बार कोई भारतीय पुरुष मुक्केबाज एशियाड फाइनल में पहुँचा। नरेंद्र को ब्रॉन्ज से संतोष, जबकि परवीन हुड्डा भी 65 किग्रा फाइनल में।

मुख्य बातें

अंकुश पंघाल ने 80 किग्रा सेमीफाइनल में फजलिद्दीन एर्किनबोव को 4-1 से हराकर एशियन गेम्स 2023 के फाइनल में प्रवेश किया।
अंकुश 2018 जकार्ता के बाद एशियाड फाइनल में पहुँचने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बने।
नरेंद्र को सेमीफाइनल में वर्ल्ड चैंपियन ओरलबे से 0-5 से हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।
परवीन हुड्डा ने 65 किग्रा सेमीफाइनल में चीन की ली शू को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
परवीन का फाइनल मुकाबला चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन से होगा।

एशियन गेम्स 2023 में भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने 29 सितंबर को निशियो में पुरुषों के 80 किग्रा सेमीफाइनल में उज़्बेकिस्तान के फजलिद्दीन एर्किनबोव को 4-1 से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ अंकुश एशियाड फाइनल में पहुँचने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बन गए, जो 2018 जकार्ता गेम्स में अमित पंघाल की 49 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीत के बाद यह मुकाम हासिल कर सका है।

अंकुश की शानदार वापसी

सेमीफाइनल मुकाबले में अंकुश पहले राउंड के अंत में 1-4 से पिछड़ रहे थे, जो किसी भी मुक्केबाज के लिए कठिन स्थिति होती है। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे राउंड में सटीक और प्रभावशाली पंचों के दम पर 3-2 से बाज़ी पलट दी।

तीसरे व अंतिम राउंड में अंकुश पूरी तरह हावी रहे और उन्होंने 5-0 से यह राउंड अपने नाम किया। कुल मिलाकर पाँच में से चार जजों ने उनके पक्ष में 29-28 का फैसला सुनाया, जबकि एक जज ने 28-29 से एर्किनबोव का पक्ष लिया। इस जीत के साथ अंकुश का गोल्ड मेडल के लिए फाइनल में पहुँचना सुनिश्चित हो गया और यह मौजूदा गेम्स में मुक्केबाजी में भारत का दूसरा पक्का सिल्वर मेडल भी बन गया।

नरेंद्र का सेमीफाइनल में संघर्ष, ब्रॉन्ज से संतोष

वहीं, भारत के नरेंद्र को अपने सेमीफाइनल मुकाबले में कज़ाकिस्तान के वर्ल्ड चैंपियन ओरलबे के सामने 0-5 के एकमत फैसले से हार का सामना करना पड़ा। ओरलबे ने पहले राउंड से ही आक्रामक मुक्कों से दबदबा बनाए रखा और पहला राउंड 5-0 से जीता।

दूसरे राउंड में भी कज़ाख मुक्केबाज का वर्चस्व बना रहा और उनके जोरदार हमलों ने नरेंद्र को लगातार बचाव की स्थिति में रखा। तीसरे राउंड में ओरलबे ने डिफेंसिव रणनीति अपनाते हुए बढ़त बरकरार रखी और 5-0 से यह राउंड भी जीता। नरेंद्र ने अच्छा खेल दिखाया, लेकिन वर्ल्ड चैंपियन के सामने बराबरी नहीं कर पाए, और अब उनके खाते में ब्रॉन्ज मेडल आया।

परवीन हुड्डा भी फाइनल में

इससे पहले भारत की परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किग्रा इवेंट के सेमीफाइनल में चीन की ली शू को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। परवीन का गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन से होगा।

भारतीय मुक्केबाजी का ऐतिहासिक पड़ाव

गौरतलब है कि एशियन गेम्स में भारत की मुक्केबाजी में यह प्रदर्शन 2018 जकार्ता के बाद का सबसे उम्दा दौर माना जा रहा है। 2023 एशियाड में भारतीय मुक्केबाज एक के बाद एक पदक सुनिश्चित करते जा रहे हैं। अंकुश और परवीन दोनों के फाइनल में पहुँचने से भारत के पदक तालिका में और सुधार की संभावना है। आने वाले दिनों में इन दोनों के फाइनल मुकाबले सबकी नज़रों में रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय मुक्केबाजी के मानसिक दृढ़ता का प्रमाण है — पहले राउंड में 1-4 से पिछड़कर फाइनल में पहुँचना असाधारण है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारत का मुक्केबाजी ढाँचा इस स्तर की प्रतिभा को नियमित रूप से तैयार कर पा रहा है, जबकि कज़ाकिस्तान और उज़्बेकिस्तान जैसे देश लगातार वर्ल्ड चैंपियन तैयार करते हैं। नरेंद्र का 0-5 से हारना यह भी दर्शाता है कि एशिया के शीर्ष मुक्केबाजों के खिलाफ तकनीकी और शारीरिक खाई अभी भी मौजूद है। परवीन हुड्डा का फाइनल में पहुँचना संकेत देता है कि महिला वर्ग में भारत की तैयारी पुरुष वर्ग से कहीं अधिक संतुलित हो रही है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंकुश पंघाल ने एशियन गेम्स सेमीफाइनल कैसे जीता?
अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा सेमीफाइनल में फजलिद्दीन एर्किनबोव को 4-1 से हराया। पहले राउंड में 1-4 से पिछड़ने के बाद उन्होंने दूसरा राउंड 3-2 और तीसरा राउंड 5-0 से जीता, जिससे पाँच में से चार जजों ने उनके पक्ष में 29-28 का फैसला दिया।
नरेंद्र को एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल कैसे मिला?
नरेंद्र अपना सेमीफाइनल मुकाबला कज़ाकिस्तान के वर्ल्ड चैंपियन ओरलबे से 0-5 के एकमत फैसले से हार गए। एशियाड नियमों के अनुसार दोनों सेमीफाइनल हारने वाले मुक्केबाजों को ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया जाता है।
परवीन हुड्डा का एशियन गेम्स फाइनल किससे होगा?
परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किग्रा सेमीफाइनल में चीन की ली शू को 5-0 से हराया। उनका गोल्ड मेडल के लिए फाइनल मुकाबला चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन से होगा।
अंकुश पंघाल एशियाड फाइनल में पहुँचने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज क्यों कहे जा रहे हैं?
2018 जकार्ता एशियन गेम्स में अमित पंघाल ने 49 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। उसके बाद से किसी भी भारतीय पुरुष मुक्केबाज ने एशियाड फाइनल में जगह नहीं बनाई थी। अंकुश ने यह सिलसिला तोड़ते हुए पाँच साल बाद यह उपलब्धि हासिल की है।
एशियन गेम्स 2023 में भारत की मुक्केबाजी में अब तक के नतीजे क्या हैं?
मौजूदा एशियन गेम्स में भारतीय मुक्केबाजी का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। अंकुश पंघाल के फाइनल में पहुँचने से भारत का कम से कम सिल्वर मेडल पक्का हो गया है, जो इस गेम्स में मुक्केबाजी का दूसरा सुनिश्चित सिल्वर है। नरेंद्र को ब्रॉन्ज और परवीन हुड्डा भी फाइनल में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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