एशियन गेम्स मुक्केबाजी: अंकुश पंघाल फाइनल में, नरेंद्र को ब्रॉन्ज से करना पड़ा संतोष
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2023 में भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने 29 सितंबर को निशियो में पुरुषों के 80 किग्रा सेमीफाइनल में उज़्बेकिस्तान के फजलिद्दीन एर्किनबोव को 4-1 से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ अंकुश एशियाड फाइनल में पहुँचने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बन गए, जो 2018 जकार्ता गेम्स में अमित पंघाल की 49 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीत के बाद यह मुकाम हासिल कर सका है।
अंकुश की शानदार वापसी
सेमीफाइनल मुकाबले में अंकुश पहले राउंड के अंत में 1-4 से पिछड़ रहे थे, जो किसी भी मुक्केबाज के लिए कठिन स्थिति होती है। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे राउंड में सटीक और प्रभावशाली पंचों के दम पर 3-2 से बाज़ी पलट दी।
तीसरे व अंतिम राउंड में अंकुश पूरी तरह हावी रहे और उन्होंने 5-0 से यह राउंड अपने नाम किया। कुल मिलाकर पाँच में से चार जजों ने उनके पक्ष में 29-28 का फैसला सुनाया, जबकि एक जज ने 28-29 से एर्किनबोव का पक्ष लिया। इस जीत के साथ अंकुश का गोल्ड मेडल के लिए फाइनल में पहुँचना सुनिश्चित हो गया और यह मौजूदा गेम्स में मुक्केबाजी में भारत का दूसरा पक्का सिल्वर मेडल भी बन गया।
नरेंद्र का सेमीफाइनल में संघर्ष, ब्रॉन्ज से संतोष
वहीं, भारत के नरेंद्र को अपने सेमीफाइनल मुकाबले में कज़ाकिस्तान के वर्ल्ड चैंपियन ओरलबे के सामने 0-5 के एकमत फैसले से हार का सामना करना पड़ा। ओरलबे ने पहले राउंड से ही आक्रामक मुक्कों से दबदबा बनाए रखा और पहला राउंड 5-0 से जीता।
दूसरे राउंड में भी कज़ाख मुक्केबाज का वर्चस्व बना रहा और उनके जोरदार हमलों ने नरेंद्र को लगातार बचाव की स्थिति में रखा। तीसरे राउंड में ओरलबे ने डिफेंसिव रणनीति अपनाते हुए बढ़त बरकरार रखी और 5-0 से यह राउंड भी जीता। नरेंद्र ने अच्छा खेल दिखाया, लेकिन वर्ल्ड चैंपियन के सामने बराबरी नहीं कर पाए, और अब उनके खाते में ब्रॉन्ज मेडल आया।
परवीन हुड्डा भी फाइनल में
इससे पहले भारत की परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किग्रा इवेंट के सेमीफाइनल में चीन की ली शू को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। परवीन का गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन से होगा।
भारतीय मुक्केबाजी का ऐतिहासिक पड़ाव
गौरतलब है कि एशियन गेम्स में भारत की मुक्केबाजी में यह प्रदर्शन 2018 जकार्ता के बाद का सबसे उम्दा दौर माना जा रहा है। 2023 एशियाड में भारतीय मुक्केबाज एक के बाद एक पदक सुनिश्चित करते जा रहे हैं। अंकुश और परवीन दोनों के फाइनल में पहुँचने से भारत के पदक तालिका में और सुधार की संभावना है। आने वाले दिनों में इन दोनों के फाइनल मुकाबले सबकी नज़रों में रहेंगे।