अंकुश पंघाल का गोल्डन पंच: एशियन गेम्स 2026 में भारत ने बॉक्सिंग में 3 गोल्ड समेत 6 मेडल जीते
सारांश
मुख्य बातें
अंकुश पंघाल ने 2 अक्टूबर 2026 को निशियो जिम्नेजियम में पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में साउथ कोरिया के मिनसोंग किम को 4-0 से पराजित कर भारत की झोली में गोल्ड मेडल डाला, जिससे एशियन गेम्स 2026 में भारत का बॉक्सिंग अभियान यादगार अंदाज में समाप्त हुआ। आइची-नागोया खेलों में भारतीय बॉक्सरों ने कुल 6 मेडल — 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज — जीतकर गोल्ड की संख्या के लिहाज़ से देश का अब तक का सबसे सफल एशियन गेम्स बॉक्सिंग अभियान दर्ज किया।
अंकुश पंघाल का दबदबा
पंघाल ने मुकाबले की शुरुआत से ही पूर्ण नियंत्रण बनाए रखा। पाँच में से चार जजों ने उनके पक्ष में 30-26 का फैसला सुनाया, जबकि एक जज ने दोनों बॉक्सरों को 28-28 पर बराबर रखा। किम को पहले राउंड में चेतावनी मिलने के कारण एक प्वाइंट का नुकसान उठाना पड़ा, जिसका फायदा उठाते हुए अंकुश ने पहला राउंड 4-1 से जीता।
दूसरे राउंड में पंघाल ने 1-2 कॉम्बिनेशन और काउंटर पंच के दम पर 5-0 की बढ़त बनाई। तीसरे और निर्णायक राउंड में उन्होंने डिफेंस और अटैक का बेहतरीन तालमेल बिठाते हुए राउंड 4-1 से अपने नाम किया और समग्र मुकाबला 4-0 से जीत लिया। किम ने संघर्ष किया, लेकिन पंघाल की लय के सामने वे कहीं नहीं टिक सके।
लवलीना और परवीन का सुनहरा प्रदर्शन
लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा फाइनल में चीन की जियी बाओ को 5-0 से हराकर गोल्ड जीता — और यह जीत उनके 29वें जन्मदिन पर आई। गौरतलब है कि यह एशियन गेम्स में 12 साल में भारतीय महिला बॉक्सर का पहला गोल्ड मेडल था। टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज जीतने वाली लवलीना ने एशियन गेम्स 2022 के सिल्वर से आगे बढ़कर इस बार गोल्ड पर कब्ज़ा किया।
परवीन हुड्डा ने भी महिलाओं की बॉक्सिंग में सुनहरी कामयाबी हासिल की। रोहतक की इस बॉक्सर ने चीनी ताइपे की निएन-चिन चे के खिलाफ पहला राउंड 5-0 से जीता, लेकिन चे ने दूसरे राउंड में 5-0 से वापसी की। निर्णायक तीसरे राउंड में परवीन ने संयम बनाए रखते हुए 3-2 से राउंड जीता और 3-2 के स्प्लिट फैसले से गोल्ड मेडल पक्का किया। परवीन अब एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गई हैं — इससे पहले एमसी मैरी कॉम ने इंचियोन एशियन गेम्स 2014 में महिलाओं के 51 किग्रा इवेंट में यह उपलब्धि हासिल की थी।
ब्रॉन्ज मेडलिस्ट और अन्य प्रदर्शन
भारत के तीन ब्रॉन्ज मेडल कपिल पोखरिया (पुरुष 90 किग्रा), नरेंद्र बेरवाल (पुरुष 90 प्लस किग्रा) और प्रिया घांघस (महिला 60 किग्रा) ने जीते। तीनों ने सेमीफाइनल में जगह बनाई, परंतु अंतिम-4 मुकाबले हारने के कारण ब्रॉन्ज पर संतोष करना पड़ा।
भारत के 11 बॉक्सरों में से कुछ खिलाड़ी शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए। साक्षी चौधरी (महिला 51 किग्रा) राउंड ऑफ 16 में कजाकिस्तान की मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अलुआ बाल्किबेकोवा से हारीं। प्रीति पंवार (महिला 54 किग्रा) प्री-क्वार्टर फाइनल में उत्तर कोरिया की पैंग चोल मी से, जादुमनी सिंह (पुरुष 55 किग्रा) फिलीपींस के कार्लो पालाम से, सचिन सिवाच (पुरुष 60 किग्रा) जापान के शुनसुके कितामोटो से और सुमित कुंडू (पुरुष 70 किग्रा) ईरान के अली कासिम अल-सराय से हारकर बाहर हुए।
ऐतिहासिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बॉक्सिंग को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिल रही है। एशियन गेम्स 2022 में भारत ने बॉक्सिंग में 4 मेडल (1 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज) जीते थे, जबकि 2026 में 6 मेडल और 3 गोल्ड के साथ यह मेडल संख्या में उल्लेखनीय सुधार है। हालाँकि एशियन गेम्स 2010 में भारत ने बॉक्सिंग में कुल 9 मेडल जीते थे, लेकिन गोल्ड की संख्या के लिहाज़ से 2026 का यह अभियान अब तक का सर्वश्रेष्ठ रहा।
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