2 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अंकुश पंघाल का गोल्डन पंच: एशियन गेम्स 2026 में भारत ने बॉक्सिंग में 3 गोल्ड समेत 6 मेडल जीते

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अंकुश पंघाल का गोल्डन पंच: एशियन गेम्स 2026 में भारत ने बॉक्सिंग में 3 गोल्ड समेत 6 मेडल जीते

सारांश

निशियो में अंकुश पंघाल का 4-0 का गोल्डन पंच सिर्फ एक फाइनल नहीं था — यह भारतीय बॉक्सिंग की नई ऊँचाई थी। लवलीना और परवीन के गोल्ड के साथ मिलाकर 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज — गोल्ड की संख्या के लिहाज़ से एशियन गेम्स में भारत का अब तक का सबसे सफल बॉक्सिंग अभियान।

मुख्य बातें

अंकुश पंघाल ने 2 अक्टूबर 2026 को पुरुषों के 80 किग्रा फाइनल में साउथ कोरिया के मिनसोंग किम को 4-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा फाइनल में चीन की जियी बाओ को 5-0 से हराया — अपने 29वें जन्मदिन पर; यह 12 साल में भारतीय महिला बॉक्सर का पहला एशियन गेम्स गोल्ड।
परवीन हुड्डा ने चीनी ताइपे की निएन-चिन चे को 3-2 के स्प्लिट फैसले से हराकर गोल्ड जीता; वे एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनीं।
कपिल पोखरिया , नरेंद्र बेरवाल और प्रिया घांघस ने ब्रॉन्ज मेडल जीते।
भारत ने आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में बॉक्सिंग में 3 गोल्ड + 3 ब्रॉन्ज = 6 मेडल जीते — गोल्ड संख्या के लिहाज़ से अब तक का सर्वश्रेष्ठ एशियन गेम्स अभियान।

अंकुश पंघाल ने 2 अक्टूबर 2026 को निशियो जिम्नेजियम में पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में साउथ कोरिया के मिनसोंग किम को 4-0 से पराजित कर भारत की झोली में गोल्ड मेडल डाला, जिससे एशियन गेम्स 2026 में भारत का बॉक्सिंग अभियान यादगार अंदाज में समाप्त हुआ। आइची-नागोया खेलों में भारतीय बॉक्सरों ने कुल 6 मेडल — 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज — जीतकर गोल्ड की संख्या के लिहाज़ से देश का अब तक का सबसे सफल एशियन गेम्स बॉक्सिंग अभियान दर्ज किया।

अंकुश पंघाल का दबदबा

पंघाल ने मुकाबले की शुरुआत से ही पूर्ण नियंत्रण बनाए रखा। पाँच में से चार जजों ने उनके पक्ष में 30-26 का फैसला सुनाया, जबकि एक जज ने दोनों बॉक्सरों को 28-28 पर बराबर रखा। किम को पहले राउंड में चेतावनी मिलने के कारण एक प्वाइंट का नुकसान उठाना पड़ा, जिसका फायदा उठाते हुए अंकुश ने पहला राउंड 4-1 से जीता।

दूसरे राउंड में पंघाल ने 1-2 कॉम्बिनेशन और काउंटर पंच के दम पर 5-0 की बढ़त बनाई। तीसरे और निर्णायक राउंड में उन्होंने डिफेंस और अटैक का बेहतरीन तालमेल बिठाते हुए राउंड 4-1 से अपने नाम किया और समग्र मुकाबला 4-0 से जीत लिया। किम ने संघर्ष किया, लेकिन पंघाल की लय के सामने वे कहीं नहीं टिक सके।

लवलीना और परवीन का सुनहरा प्रदर्शन

लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा फाइनल में चीन की जियी बाओ को 5-0 से हराकर गोल्ड जीता — और यह जीत उनके 29वें जन्मदिन पर आई। गौरतलब है कि यह एशियन गेम्स में 12 साल में भारतीय महिला बॉक्सर का पहला गोल्ड मेडल था। टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज जीतने वाली लवलीना ने एशियन गेम्स 2022 के सिल्वर से आगे बढ़कर इस बार गोल्ड पर कब्ज़ा किया।

परवीन हुड्डा ने भी महिलाओं की बॉक्सिंग में सुनहरी कामयाबी हासिल की। रोहतक की इस बॉक्सर ने चीनी ताइपे की निएन-चिन चे के खिलाफ पहला राउंड 5-0 से जीता, लेकिन चे ने दूसरे राउंड में 5-0 से वापसी की। निर्णायक तीसरे राउंड में परवीन ने संयम बनाए रखते हुए 3-2 से राउंड जीता और 3-2 के स्प्लिट फैसले से गोल्ड मेडल पक्का किया। परवीन अब एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गई हैं — इससे पहले एमसी मैरी कॉम ने इंचियोन एशियन गेम्स 2014 में महिलाओं के 51 किग्रा इवेंट में यह उपलब्धि हासिल की थी।

ब्रॉन्ज मेडलिस्ट और अन्य प्रदर्शन

भारत के तीन ब्रॉन्ज मेडल कपिल पोखरिया (पुरुष 90 किग्रा), नरेंद्र बेरवाल (पुरुष 90 प्लस किग्रा) और प्रिया घांघस (महिला 60 किग्रा) ने जीते। तीनों ने सेमीफाइनल में जगह बनाई, परंतु अंतिम-4 मुकाबले हारने के कारण ब्रॉन्ज पर संतोष करना पड़ा।

भारत के 11 बॉक्सरों में से कुछ खिलाड़ी शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए। साक्षी चौधरी (महिला 51 किग्रा) राउंड ऑफ 16 में कजाकिस्तान की मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अलुआ बाल्किबेकोवा से हारीं। प्रीति पंवार (महिला 54 किग्रा) प्री-क्वार्टर फाइनल में उत्तर कोरिया की पैंग चोल मी से, जादुमनी सिंह (पुरुष 55 किग्रा) फिलीपींस के कार्लो पालाम से, सचिन सिवाच (पुरुष 60 किग्रा) जापान के शुनसुके कितामोटो से और सुमित कुंडू (पुरुष 70 किग्रा) ईरान के अली कासिम अल-सराय से हारकर बाहर हुए।

ऐतिहासिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बॉक्सिंग को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिल रही है। एशियन गेम्स 2022 में भारत ने बॉक्सिंग में 4 मेडल (1 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज) जीते थे, जबकि 2026 में 6 मेडल और 3 गोल्ड के साथ यह मेडल संख्या में उल्लेखनीय सुधार है। हालाँकि एशियन गेम्स 2010 में भारत ने बॉक्सिंग में कुल 9 मेडल जीते थे, लेकिन गोल्ड की संख्या के लिहाज़ से 2026 का यह अभियान अब तक का सर्वश्रेष्ठ रहा।

आने वाले वर्षों में पेरिस ओलंपिक 2028 के मद्देनज़र इन बॉक्सरों का प्रदर्शन भारतीय बॉक्सिंग के भविष्य के लिए उम्मीद की किरण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह निरंतरता बन पाएगी। एशियन गेम्स 2010 में 9 मेडल जीतने के बाद भारत का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है, और 2022 में महज़ 1 सिल्वर + 3 ब्रॉन्ज तक सिमट गया था। लवलीना का जन्मदिन पर गोल्ड और परवीन का स्प्लिट-डिसीजन जीत दोनों तकनीकी परिपक्वता दर्शाते हैं, लेकिन 2028 ओलंपिक में पदक की राह इससे कहीं अधिक कठिन होगी। ज़रूरत है कि एशियन गेम्स की इस उपलब्धि को संस्थागत समर्थन और सुसंगत प्रशिक्षण ढाँचे से पोषित किया जाए — वरना यह सुनहरा क्षण इतिहास की किताब में सिमटकर रह जाएगा।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में भारत ने बॉक्सिंग में कितने मेडल जीते?
भारत ने आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में बॉक्सिंग में कुल 6 मेडल जीते — 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज। गोल्ड की संख्या के लिहाज़ से यह एशियन गेम्स में भारत का अब तक का सबसे सफल बॉक्सिंग अभियान है।
अंकुश पंघाल ने एशियन गेम्स 2026 फाइनल कैसे जीता?
अंकुश पंघाल ने 80 किग्रा फाइनल में साउथ कोरिया के मिनसोंग किम को 4-0 से हराया। पाँच में से चार जजों ने 30-26 का फैसला पंघाल के पक्ष में दिया; किम को पहले राउंड में चेतावनी मिलने से एक प्वाइंट का नुकसान भी उठाना पड़ा।
लवलीना बोरगोहेन का एशियन गेम्स 2026 में प्रदर्शन क्यों ऐतिहासिक है?
लवलीना ने महिलाओं के 75 किग्रा फाइनल में चीन की जियी बाओ को 5-0 से हराया — यह 12 साल में एशियन गेम्स में किसी भारतीय महिला बॉक्सर का पहला गोल्ड था। यह जीत उनके 29वें जन्मदिन पर आई और उन्होंने एशियन गेम्स 2022 के सिल्वर को गोल्ड में बदला।
परवीन हुड्डा एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला बॉक्सर कैसे बनीं?
परवीन हुड्डा ने चीनी ताइपे की निएन-चिन चे को 3-2 के स्प्लिट फैसले से हराया। उनसे पहले एमसी मैरी कॉम ने इंचियोन एशियन गेम्स 2014 में 51 किग्रा इवेंट में और लवलीना ने 2026 में 75 किग्रा में गोल्ड जीता था।
भारत के एशियन गेम्स 2026 बॉक्सिंग प्रदर्शन की पिछले संस्करणों से तुलना कैसी है?
एशियन गेम्स 2022 में भारत ने बॉक्सिंग में 4 मेडल (1 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज) जीते थे, जबकि 2026 में 6 मेडल (3 गोल्ड, 3 ब्रॉन्ज) आए। मेडल की कुल संख्या में एशियन गेम्स 2010 (9 मेडल) आगे है, लेकिन गोल्ड की संख्या के लिहाज़ से 2026 का अभियान अब तक का सर्वश्रेष्ठ है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले