2 अक्टूबर 2026
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अंकुश ने एशियन गेम्स 2026 में 80 किग्रा गोल्ड जीता, अमित पंघाल की 2018 विरासत को किया जीवंत

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अंकुश ने एशियन गेम्स 2026 में 80 किग्रा गोल्ड जीता, अमित पंघाल की 2018 विरासत को किया जीवंत

सारांश

अंकुश ने एशियन गेम्स 2026 में 80 किग्रा का गोल्ड जीतकर अमित पंघाल की 2018 विरासत को जीवंत कर दिया। वर्ल्ड चैंपियन को सेमीफाइनल में हराने के बाद फाइनल में 4 0 की जीत — 21 साल के इस युवा मुक्केबाज का 2026 अब तक का सबसे बड़ा साल साबित हुआ।

मुख्य बातें

अंकुश ने एशियन गेम्स 2026 में 80 किग्रा वर्ग का गोल्ड मेडल जीता।
फाइनल में साउथ कोरिया के किम मिनसोंग को 4 0 से हराया।
2018 जकार्ता में अमित पंघाल के बाद गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बने।
सेमीफाइनल में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन फजलिद्दीन एर्किनबोएव को 4 1 से हराया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के बाद यह 21 वर्षीय अंकुश का इस वर्ष दूसरा बड़ा गोल्ड मेडल।
लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा के उसी दिन गोल्ड जीतने से अंकुश को अतिरिक्त प्रेरणा मिली।

भारतीय मुक्केबाज अंकुश ने एशियन गेम्स 2026 में 80 किग्रा वर्ग का गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। 2 अक्टूबर को निशियो में खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्होंने साउथ कोरिया के किम मिनसोंग को 4 0 से पराजित किया। 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में ओलंपियन अमित पंघाल के गोल्ड के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बने।

अमित पंघाल की प्रेरणा और अंकुश का सपना

अंकुश ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा, अमित पंघाल उनके बड़े भाई जैसे हैं और उनकी उपलब्धियाँ सदा प्रेरणास्रोत रही हैं। उन्होंने बताया, "हाँ, वह मेरे बड़े भाई जैसे हैं। मैं उनसे बात करता था। मैं अब भी उनसे बात करता हूँ। 2018 में अमित पंघाल ने गोल्ड जीता था, इस बार मैं भी वैसा ही करना चाहता था।" यह सपना अब हकीकत में बदल चुका है।

सेमीफाइनल में वर्ल्ड चैंपियन को पछाड़ा

फाइनल से पहले अंकुश ने सेमीफाइनल में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन फजलिद्दीन एर्किनबोएव को 4 1 के स्कोर से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। गौरतलब है कि फाइनल में उनके प्रतिद्वंद्वी किम मिनसोंग को इसी साल की एशियाई चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में एर्किनबोएव से हार का सामना करना पड़ा था, जहाँ कोरियाई खिलाड़ी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस तरह अंकुश के सामने टूर्नामेंट का एक मजबूत ड्रॉ था।

आत्मविश्वास, लेकिन अति आत्मविश्वास नहीं

वर्ल्ड चैंपियन को हराने के बावजूद अंकुश ने स्वीकार किया कि फाइनल में वे बिना किसी दबाव के उतरे, लेकिन अहंकार से कोसों दूर थे। उनके शब्दों में, "नहीं, मुझमें अति आत्मविश्वास नहीं था। मगर मुझे भरोसा था कि मैं फाइनल जीतूंगा। मैं बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता था।" उन्होंने यह भी बताया कि उसी दिन लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और परवीन हुड्डा (65 किग्रा) के गोल्ड मेडल ने उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा दी। उन्होंने कहा, "देश ने दो गोल्ड मेडल जीत लिए हैं और अब मुझे तीसरा मेडल लाना है।"

2026 — अंकुश के लिए सर्वश्रेष्ठ वर्ष

21 वर्षीय अंकुश ने इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी गोल्ड मेडल जीता था, जिससे इस वर्ष उनके खाते में दो बड़े अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जुड़ गए हैं। उन्होंने कहा, "पिछले 10 वर्षों में यह मेरे लिए सबसे अच्छा साल रहा है। पहले मुझे सिल्वर या ब्रॉन्ज मेडल मिलते थे, लेकिन इस बार मेरे पास दो गोल्ड मेडल हैं।" उनका मानना है कि निरंतर ट्रेनिंग और शिविर में की गई कड़ी मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया।

कबड्डी से बॉक्सिंग तक का सफर

अंकुश का खेल जीवन कबड्डी से शुरू हुआ था क्योंकि उनके पिता भी कबड्डी खेलते थे। स्कूल में 2 3 साल कबड्डी खेलने के बाद उन्होंने एकल खेल की राह चुनी और 10 साल पहले मुक्केबाजी अपना ली। 2018 में स्कूल नेशनल में गोल्ड मेडल मिलने के बाद उन्होंने बॉक्सिंग को पूरी तरह समर्पित होकर अपनाया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाजी का भविष्य नई पीढ़ी के हाथों में आता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कोचिंग और प्रतिस्पर्धी एक्सपोज़र — अब परिणाम दे रहा है। हालाँकि असली परीक्षा ओलंपिक मंच पर होगी, जहाँ भारत का मुक्केबाजी रिकॉर्ड अब भी असमान रहा है। वर्ल्ड चैंपियन को सेमीफाइनल में हराना उम्मीद जगाता है, लेकिन ओलंपिक चक्र में निरंतरता बनाए रखना ही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंकुश ने एशियन गेम्स 2026 में कौन सा मेडल जीता?
अंकुश ने एशियन गेम्स 2026 में 80 किग्रा वर्ग का गोल्ड मेडल जीता। फाइनल में उन्होंने साउथ कोरिया के किम मिनसोंग को 4 0 से हराया।
अंकुश और अमित पंघाल का क्या संबंध है?
अंकुश ने अमित पंघाल को अपना बड़ा भाई बताया है और कहा कि उनसे हमेशा प्रेरणा मिलती है। 2018 एशियन गेम्स में अमित के गोल्ड जीतने के बाद से अंकुश का सपना भी वही उपलब्धि दोहराना था।
अंकुश ने सेमीफाइनल में किसे हराया?
अंकुश ने सेमीफाइनल में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन फजलिद्दीन एर्किनबोएव को 4 1 से हराया। यह जीत उनके टूर्नामेंट में सबसे चुनौतीपूर्ण मुकाबला मानी जा रही है।
2026 में अंकुश ने कितने बड़े गोल्ड मेडल जीते?
2026 में अंकुश ने दो बड़े अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल जीते — पहला कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में और दूसरा एशियन गेम्स 2026 में। 21 साल के इस मुक्केबाज के लिए यह दशक का सबसे सफल वर्ष रहा।
अंकुश ने बॉक्सिंग कब और क्यों शुरू की?
अंकुश ने बॉक्सिंग करीब 10 साल पहले शुरू की, स्कूल में 2 3 साल कबड्डी खेलने के बाद। 2018 में स्कूल नेशनल में गोल्ड मेडल मिलने के बाद उन्होंने पूरी तरह मुक्केबाजी पर ध्यान केंद्रित किया।
राष्ट्र प्रेस
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