2 अगस्त 2026
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अंकुश पंघाल का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड, 80 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड के शिट्टू को 4-1 से हराया

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अंकुश पंघाल का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड, 80 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड के शिट्टू को 4-1 से हराया

सारांश

0-5 से पिछड़ने के बाद रणनीति बदली, कोच से घंटों मंथन किया — और अंकुश पंघाल ने उसी इंग्लैंड के बॉक्सर को 4-1 से धूल चटाई जिसने वर्ल्ड कप में हराया था। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारतीय मुक्केबाजी का यह सोना देश को मेडल टैली में चौथे स्थान पर ले आया।

मुख्य बातें

अंकुश पंघाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 80 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीता।
फाइनल में इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को 4-1 से हराया; पहले बाउट में 0-5 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की।
कोच प्रदीप सावंत ने बताया कि शिट्टू के खिलाफ पहले से रणनीति तैयार थी क्योंकि वर्ल्ड कप फाइनल में अंकुश उनसे हार चुके थे।
भारतीय मुक्केबाजी टीम ने 10वें दिन कुल 10 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण शामिल।
2 अगस्त को 16 पदक जीतने के बाद भारत मेडल टैली में 10वें से चौथे स्थान पर आया; कुल 13 स्वर्ण, 17 रजत, 9 कांस्य ।

अंकुश पंघाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन 80 किलोग्राम मुक्केबाजी वर्ग में इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को 4-1 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ग्लासगो, स्कॉटलैंड में खेले गए इस फाइनल मुकाबले के साथ भारतीय मुक्केबाजी टीम ने उस दिन कुल 10 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण शामिल रहे।

मुख्य मुकाबला: 0-5 से पिछड़कर चैंपियन बने

फाइनल का पहला बाउट अंकुश के लिए आसान नहीं रहा — वे शुरुआत में 0-5 से पीछे हो गए थे। हालाँकि, इसके बाद उन्होंने रणनीति में बदलाव किया और राउंड दर राउंड वापसी करते हुए अंततः 4-1 के स्कोर से जीत दर्ज की। अंकुश ने जीत के बाद कहा, 'गोल्ड मेडल जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है, हालांकि पहले बाउट में 0-5 से पीछे हो गया था, तो दबाव आ गया था कि कैसे भी करके बाउट लेनी है। बस खुद के ऊपर विश्वास रखा और सब हो गया।'

कोच प्रदीप सावंत की रणनीति

अंकुश के कोच प्रदीप सावंत ने बताया कि यह जीत अचानक नहीं, बल्कि सुनियोजित रणनीति का परिणाम थी। उन्होंने कहा, 'अंकुश जब 11 साल के थे तब से मेरे पास आने लगे थे। हमने पहले से ही प्लानिंग कर रखी थी कि कॉमनवेल्थ गेम्स में सिर्फ इंग्लैंड और कनाडा ही हैं, जो हमको ज्यादा टक्कर देंगे।' गौरतलब है कि वर्ल्ड कप के फाइनल में अंकुश इसी इंग्लैंड के बॉक्सर से हार चुके थे, जिसने इस बार की तैयारी को और अधिक लक्षित बना दिया।

सावंत ने आगे बताया, 'हमने इंग्लैंड के बॉक्सर के खिलाफ इस बार पूरी तैयारी की थी कि कैसे उन्हें हराना है। मैंने शनिवार को अंकुश से घंटों बात की और हमने यह तय किया कि राउंड दर राउंड हमको अपने प्लान में बदलाव करना है। अंकुश प्लान के अनुसार ही खेले और वह चैंपियन बनने में सफल रहे।'

भारत की मेडल टैली में उछाल

इस स्वर्ण पदक के साथ भारत ने 2 अगस्त को एक ही दिन में 16 पदक जीते। इस प्रदर्शन के बाद भारत मेडल टैली में 10वें स्थान से उछलकर चौथे स्थान पर आ गया। कुल मिलाकर भारत ने अब तक 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक अर्जित किए हैं।

अंकुश का समर्पण और आगे की राह

अंकुश पंघाल ने यह पदक अपने परिवार और कोच प्रदीप सावंत को समर्पित किया। उन्होंने कहा, 'परिवार से बात हुई थी और सभी काफी खुश हैं। मैं अपना यह मेडल परिवार और अपने कोच को समर्पित करना चाहता हूँ।' इस जीत के बाद अंकुश का आत्मविश्वास बढ़ा है और उन्होंने एशियन गेम्स में और बेहतर प्रदर्शन का संकल्प लिया है — यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि आने वाली बड़ी चुनौतियों की तैयारी का पहला पड़ाव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अब केवल शारीरिक बल पर नहीं, विश्लेषण पर भी टिकी है। हालाँकि असली कसौटी एशियन गेम्स होगी, जहाँ प्रतिस्पर्धा का स्तर कहीं अधिक ऊँचा होगा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यही रणनीतिक लचीलापन वहाँ भी कारगर साबित होता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंकुश पंघाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड कैसे जीता?
अंकुश पंघाल ने 80 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। पहले बाउट में 0-5 से पिछड़ने के बाद उन्होंने रणनीति बदली और शानदार वापसी की।
कोच प्रदीप सावंत ने अंकुश पंघाल को कैसे तैयार किया?
कोच प्रदीप सावंत ने बताया कि उन्होंने पहले से तय कर लिया था कि इंग्लैंड और कनाडा सबसे कड़ी चुनौती देंगे। फाइनल से पहले शनिवार को घंटों मंथन कर राउंड दर राउंड रणनीति बदलने की योजना बनाई गई।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की मेडल टैली क्या है?
2 अगस्त तक भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीते हैं। एक दिन में 16 पदक जीतने के बाद भारत मेडल टैली में 10वें से चौथे स्थान पर आ गया।
अंकुश पंघाल पहले इंग्लैंड के इसी बॉक्सर से कब हारे थे?
अंकुश पंघाल वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू से हार चुके थे। उसी हार से सबक लेकर कोच सावंत के साथ मिलकर इस बार विशेष रणनीति तैयार की गई।
अंकुश पंघाल का अगला लक्ष्य क्या है?
कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीतने के बाद अंकुश पंघाल ने एशियन गेम्स में और बेहतर प्रदर्शन का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि यहाँ जीतकर आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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