कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: अंकुश 80 किग्रा बॉक्सिंग क्वार्टरफाइनल में, सचिन भी 60 किग्रा में अंतिम आठ में
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मुक्केबाज अंकुश ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुष 80 किग्रा बॉक्सिंग क्वार्टरफाइनल में पहुँच गए हैं और अब पदक से महज एक जीत दूर हैं। उनके साथी सचिन ने भी पुरुष 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टरफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। 27 जुलाई 2026 को खेले गए राउंड ऑफ 16 मुकाबलों में दोनों भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया।
अंकुश की दमदार जीत
अंकुश, जिन्होंने 2025 में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में रजत पदक जीता था, ने सोमवार को एंटीगुआ और बारबुडा के प्रतिद्वंद्वी जलान को अंक के आधार पर 5-0 से हराया। यह जीत किसी भी मायने में एकतरफा रही — अंकुश ने तीनों राउंड में वर्चस्व बनाए रखा और पाँचों जजों से परफेक्ट स्कोर हासिल किया। रिंग में उनका नियंत्रण शुरुआत से अंत तक अटूट रहा।
सचिन का रणनीतिक खेल
सचिन ने इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 के निर्णय से हराकर 60 किग्रा क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। मैच में कजाकिस्तान, कनाडा, मैक्सिको और मोरक्को के जजों ने सचिन के पक्ष में 29-27 का स्कोर दिया, जबकि तुर्की के जज ने हेविट को 29-27 से आगे रखा। सचिन ने मैच के दौरान एक पॉइंट गँवाया, लेकिन उनके शार्प कॉम्बिनेशन, आक्रामक खेल और रणनीतिक कौशल ने अंततः जीत सुनिश्चित की।
पदक से एक कदम दूर
कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार, क्वार्टरफाइनल में जीत के साथ ही पदक पक्का हो जाता है। यानी अंकुश और सचिन दोनों अपना अगला मुकाबला जीतते ही भारत के लिए कम-से-कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर देंगे। ग्लासगो 2026 में भारतीय मुक्केबाजी दल का यह प्रदर्शन उत्साहजनक संकेत दे रहा है।
आगे क्या
दोनों मुक्केबाजों के क्वार्टरफाइनल मुकाबले आने वाले दिनों में निर्धारित हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ग्लासगो 2026 में मुक्केबाजी में अपना पदक तालिका में योगदान बढ़ाने की कोशिश में है। गौरतलब है कि भारतीय मुक्केबाजी ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है।