कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: अंकुश पंघाल फाइनल में, जोशुआ ओफोरी को 5-0 से रौंदा; भारत का रजत पक्का
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने 31 जुलाई 2026 को ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुष 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कनाडा के जोशुआ ओफोरी को सर्वसम्मत 5-0 से पराजित कर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ भारत के लिए इस भार वर्ग में कम से कम रजत पदक सुनिश्चित हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम: तीनों राउंड में पंघाल का दबदबा
अंकुश पंघाल ने पहली घंटी से ही मुकाबले की कमान अपने हाथ में ले ली। उनके सटीक सीधे पंच और दमदार हुक बार-बार निशाने पर लगे, जबकि तेज मूवमेंट और सुनियोजित कॉम्बिनेशन ने ओफोरी को लय बनाने का मौका नहीं दिया। पहला राउंड सर्वसम्मति से पंघाल के नाम रहा।
दूसरे राउंड में भारतीय बॉक्सर ने अपनी पकड़ और मजबूत की। सटीक राइट हुक के साथ तेज कॉम्बिनेशन और अनुशासित डिफेंस ने यह राउंड भी उनकी झोली में डाल दिया। तीसरे और अंतिम राउंड में जोशुआ ओफोरी ने वापसी की कोशिश की और पंघाल के गार्ड में थोड़ी सी चूक का फायदा उठाते हुए लेफ्ट हुक जड़ा, लेकिन शुरुआती दो राउंड में बनाई गई बढ़त इतनी मजबूत थी कि परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ा।
जजों के स्कोरकार्ड में चार ऑफिशियल ने मुकाबला 30-26 और पाँचवें ने 29-27 से पंघाल के पक्ष में दिया — इस अभियान में उनकी लगातार तीसरी सर्वसम्मत जीत।
प्रीति पवार भी फाइनल में: एक और ऐतिहासिक प्रदर्शन
इससे पहले विश्व रैंकिंग में नंबर 3 भारतीय महिला मुक्केबाज प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किग्रा सेमीफाइनल में जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई और ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर बनीं।
प्रीति ने तेज जैब और सटीक बाएँ हाथ के पंचों से शुरुआत से ही दबाव बनाया, जिससे म्वापे को पहले राउंड में ही आठ-काउंट का सामना करना पड़ा। दूसरे राउंड में जाम्बियन बॉक्सर ने रफ्तार बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन प्रीति ने चतुर फुटवर्क से एंगल बनाए और क्लीन कॉम्बिनेशन के साथ दमदार राइट हैंड लगाए। इस दौर में म्वापे को दो और स्टैंडिंग काउंट झेलने पड़े।
अंतिम राउंड में प्रीति ने स्मार्ट बॉक्सिंग जारी रखी — रिंग का भरपूर उपयोग किया, प्रतिद्वंद्वी के हमलों को बेअसर किया और शरीर पर क्लीन शॉट लगाए। सभी पाँचों जजों ने मुकाबला भारतीय खिलाड़ी के नाम किया। फाइनल में प्रीति का सामना कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो से होगा।
भारत के पदक खाते पर असर
अंकुश और प्रीति दोनों के फाइनल में पहुँचने से भारत के लिए कम से कम दो रजत पदक सुनिश्चित हो गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाजी दल ग्लासगो में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहा है। गौरतलब है कि पंघाल इस पूरे अभियान में एक भी राउंड नहीं हारे हैं।
क्या होगा आगे
अंकुश पंघाल अब पुरुष 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में स्वर्ण पदक के लिए उतरेंगे। प्रीति पवार का फाइनल मुकाबला कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो से होगा। दोनों भारतीय बॉक्सरों के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका है।