27 जुलाई 2026
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पैरा-पावरलिफ्टर झंडू कुमार को खेल मंत्री मांडविया ने ₹10 लाख से नवाज़ा, कॉमनवेल्थ 2026 में जीता था कांस्य

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पैरा-पावरलिफ्टर झंडू कुमार को खेल मंत्री मांडविया ने ₹10 लाख से नवाज़ा, कॉमनवेल्थ 2026 में जीता था कांस्य

सारांश

पोलियोग्रस्त होने के बावजूद बिहार के हरनौत से उठकर ग्लासगो तक का सफर — पैरा-पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 130.9 अंक और 190 किग्रा की लिफ्ट से कांस्य पदक जीता। खेल मंत्री मांडविया ने ₹10 लाख के पुरस्कार से उनका सम्मान किया।

मुख्य बातें

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 27 जुलाई 2026 को पैरा-पावरलिफ्टर झंडू कुमार को ₹10 लाख के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया।
झंडू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की हैवीवेट स्पर्धा में 130.9 अंक और 190 किग्रा की बेस्ट लिफ्ट के साथ कांस्य पदक जीता।
संयुक्त तालिका में वे रजत पदक से मात्र 0.1 अंक पीछे रहे; स्वर्ण नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस (132.8 अंक) को मिला।
बिहार के नालंदा जिले के झंडू जन्म से पोलियोग्रस्त हैं; उन्होंने 2017 में पैरा एथलेटिक्स से करियर शुरू किया।
2025 में 206 किग्रा का नेशनल रिकॉर्ड बनाया; बीजिंग वर्ल्ड कप 2025 और एशियन-ओशिनिया चैंपियनशिप 2026 में भी कांस्य पदक जीते।

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार, 27 जुलाई 2026 को पैरा-पावरलिफ्टर झंडू कुमार से मुलाकात कर उन्हें ₹10 लाख के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया। झंडू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की हैवीवेट पैरा-पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में 130.9 अंक और 190 किग्रा की बेस्ट लिफ्ट के साथ कांस्य पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया था।

मुकाबले का घटनाक्रम

दो समूहों में हुई इस स्पर्धा में झंडू ने ग्रुप बी में 130.9 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया — युगांडा के डेनिस मबाजीरा (114.1 अंक) और ऑस्ट्रेलिया के बेन राइट (110.9 अंक) को पीछे छोड़ते हुए। संयुक्त तालिका में नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने 132.8 अंक के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने 131.0 अंक से रजत जीता। झंडू का प्रयास रजत से मात्र 0.1 अंक पीछे रहा, फिर भी कांस्य पदक पक्का करने के लिए पर्याप्त था।

खेल मंत्री की प्रतिक्रिया

मांडविया ने एक्स पर लिखा, "पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार से मिलकर खुशी हुई। उन्होंने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर भारत को गर्व महसूस कराया। उनकी यह कामयाबी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैरा-स्पोर्ट्स को मुख्यधारा में लाने और यह पक्का करने के विजन का सबूत है कि हमारे पैरा-एथलीटों को हर दूसरे एथलीट की तरह ही प्राथमिकता, सहयोग और अवसर मिलें।"

झंडू कुमार की संघर्ष-कथा

बिहार के नालंदा जिले के हरनौत में जन्मे झंडू जन्म से ही पोलियो से पीड़ित थे। उन्होंने 2017 में पैरा एथलेटिक्स से अपना खेल-करियर शुरू किया और F55 शॉट पुट व डिस्कस थ्रो में कई जिला एवं राज्य स्तरीय पदक जीते। जिम में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के दौरान पावरलिफ्टिंग में उनकी रुचि जागी और कोच राजिंदर सिंह राहेलू के मार्गदर्शन में वे तेज़ी से भारत के शीर्ष पैरा पावरलिफ्टर्स में शामिल हो गए।

राष्ट्रीय रिकॉर्ड से कॉमनवेल्थ तक का सफर

2025 में झंडू ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 205 किग्रा लिफ्ट कर नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया और खेलो इंडिया पैरा गेम्स में इसे 206 किग्रा तक बेहतर किया। इसी वर्ष उन्होंने बीजिंग वर्ल्ड कप 2025 में कांस्य पदक जीता। इसके बाद एशियन और ओशिनिया चैंपियनशिप 2026 में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई किया। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से शारीरिक चुनौतियाँ भी बड़े सपनों की राह नहीं रोक सकतीं। आने वाले अंतरराष्ट्रीय पैरा-स्पर्धाओं में झंडू से और बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या यह एकमुश्त इनाम दीर्घकालिक कोचिंग, उपकरण-सहायता और पुनर्वास-वित्तपोषण की जगह ले सकता है। गौरतलब है कि झंडू ने बिना किसी बड़े संस्थागत समर्थन के नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते। पैरा-स्पोर्ट्स नीति की असली कसौटी तब होगी जब ऐसे एथलीटों को पुरस्कार नहीं, बल्कि व्यवस्थागत सहयोग पहले मिले।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झंडू कुमार को ₹10 लाख का पुरस्कार क्यों दिया गया?
पैरा-पावरलिफ्टर झंडू कुमार को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की हैवीवेट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 27 जुलाई 2026 को ₹10 लाख के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में झंडू कुमार का प्रदर्शन कैसा रहा?
झंडू कुमार ने 130.9 अंक और 190 किग्रा की बेस्ट लिफ्ट के साथ कांस्य पदक जीता। वे संयुक्त तालिका में रजत पदक विजेता इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग से मात्र 0.1 अंक पीछे रहे।
झंडू कुमार कौन हैं और उनकी पृष्ठभूमि क्या है?
झंडू कुमार बिहार के नालंदा जिले के हरनौत के रहने वाले हैं और जन्म से पोलियो से पीड़ित हैं। उन्होंने 2017 में पैरा एथलेटिक्स से करियर शुरू किया और कोच राजिंदर सिंह राहेलू के मार्गदर्शन में पावरलिफ्टिंग में आए।
झंडू कुमार का नेशनल रिकॉर्ड क्या है?
झंडू कुमार ने 2025 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 205 किग्रा लिफ्ट कर नेशनल रिकॉर्ड बनाया और खेलो इंडिया पैरा गेम्स में इसे 206 किग्रा तक बेहतर किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 हैवीवेट पैरा-पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण किसने जीता?
नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने 132.8 अंक की सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट के साथ स्वर्ण पदक जीता। इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने 131.0 अंक से रजत और भारत के झंडू कुमार ने 130.9 अंक से कांस्य पदक जीता।
राष्ट्र प्रेस
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