कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: अशोक मलिक 143.8 अंक के साथ चौथे, पैरा-पावरलिफ्टिंग पदक से मामूली चूक
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के अनुभवी पैरा पावरलिफ्टर अशोक कुमार मलिक ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों के लाइटवेट पैरा-पावरलिफ्टिंग इवेंट में पोडियम से महज एक स्थान दूर रह गए। 200 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट दर्ज करने के बावजूद वे 143.8 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे। यह 24 जुलाई 2026 को आयोजित इस इवेंट में भारत के लिए निराशाजनक परिणाम रहा।
मुख्य घटनाक्रम
इंग्लैंड के मार्क स्वान ने 222 किलोग्राम का शीर्ष लिफ्ट हासिल कर 153.9 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। यह ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला गोल्ड मेडल भी था। नाइजीरिया के पैरालंपिक पदक विजेता रोलैंड एजुरुइके ने अंकों में स्वान की बराबरी की, किंतु काउंटबैक के आधार पर उन्हें 185 किग्रा के सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
कांस्य पदक मलेशिया के बोनी बनयाउ गुस्टिन ने 153.5 अंक के साथ जीता। गुस्टिन इस श्रेणी के डिफेंडिंग चैंपियन और विश्व रिकॉर्ड धारक हैं — उनकी उपस्थिति ने मलिक की पदक राह को और कठिन बना दिया।
पूर्ण परिणाम तालिका
भारत के दूसरे प्रतिभागी परमजीत कुमार 135.6 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहे। स्कॉटलैंड के फिनले डेविडसन 141.4 अंक के साथ पाँचवें और नाइजीरिया के इब्राहिम दौदा 140.1 अंक के साथ छठे स्थान पर रहे। इसके बाद केन्या के न्गुंगी मारिंगा (127.0), ऑस्ट्रेलिया के डेनियल बोस (123.3), कैमरून के बेलिंगा मंगा (103.9), सोलोमन आइलैंड्स के मोफेट टोलोमा (94.0) और माल्टा के निक मर्सिएका (92.5) रहे।
अशोक मलिक का परिचय
हरियाणा के रहने वाले अशोक कुमार मलिक भारत के सबसे अनुभवी पैरा पावरलिफ्टर्स में से एक हैं। वे पुरुषों की 65 किग्रा भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हैं और पैरालंपिक, एशियन पैरा गेम्स तथा विश्व पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
आगे क्या
इस चूक के बावजूद अशोक मलिक का 200 किग्रा का लिफ्ट उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का प्रमाण है। आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में वे पोडियम पर वापसी के प्रबल दावेदार बने रहेंगे।