कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: नाइजीरिया पदक तालिका में शीर्ष पर, मार्क स्वान ने जीता पहला गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पहले दो सेशन में 24 जुलाई को नाइजीरिया ने पैरा पावरलिफ्टिंग में दबदबा दिखाते हुए 1 स्वर्ण और 2 रजत पदक के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। इंग्लैंड 1 स्वर्ण और 1 कांस्य के साथ दूसरे, जबकि मलेशिया 1 कांस्य के साथ तीसरे स्थान पर है।
मार्क स्वान का नाटकीय स्वर्ण
इंग्लैंड के मार्क स्वान ने शुक्रवार को पैरा पावरलिफ्टिंग की पुरुष लाइटवेट श्रेणी में ग्लासगो 2026 का पहला स्वर्ण पदक जीता — और यह जीत किसी रोमांचक फिल्म से कम नहीं थी। स्वान ने अपनी दूसरी कोशिश में अपने शरीर के वजन से तीन गुना अधिक — 222 किग्रा — वजन उठाया। फाइनल राउंड से पहले वह 153.9 अंक के साथ नाइजीरिया के अनुभवी रोलैंड एजुरुइके के साथ स्वर्ण की दौड़ में बराबरी पर थे।
फाइनल राउंड में एजुरुइके की आखिरी लिफ्ट फाउल घोषित हो गई, जिसके बाद स्वान ने 232 किग्रा पर गेम्स रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की — हालाँकि यह प्रयास सफल नहीं रहा। नतीजतन, दूसरे राउंड के स्कोर के आधार पर स्वान को स्वर्ण और एजुरुइके को रजत पदक मिला।
नाइजीरिया का पैरा पावरलिफ्टिंग में दबदबा
महिला लाइटवेट इवेंट में एस्थर न्वोरगु ने स्वर्ण और एस्थर ओयेमा ने रजत पदक जीतकर नाइजीरिया के लिए दोहरी सफलता दर्ज की। इन दोनों पदकों के साथ नाइजीरिया ने पदक तालिका में अपनी बढ़त पक्की कर ली।
पुरुष लाइटवेट श्रेणी में 72 किग्रा तक के बॉडी वेट वाले एथलीट शामिल हुए। पदक एक कोएफिशिएंट फॉर्मूले के आधार पर तय किए गए, जो लिफ्ट को एथलीट के शरीर के वजन के अनुपात में रैंक करता है — ताकि विभिन्न वजन के खिलाड़ियों के बीच निष्पक्ष तुलना हो सके।
बोनी बुनयाउ गुस्टिन से चूका पदक
मलेशिया के बोनी बुनयाउ गुस्टिन — जो दो बार के पैरालंपिक चैंपियन और 72 किग्रा के वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हैं — फाइनल राउंड से पहले मात्र 0.4 अंक के अंतर से तीसरे स्थान पर थे। हालाँकि, आखिरी लिफ्ट में वह अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके और कांस्य पदक के साथ संतोष करना पड़ा।
गौरतलब है कि गुस्टिन का वर्ल्ड रिकॉर्ड और पैरालंपिक खिताब उन्हें इस स्पर्धा के सबसे बड़े दावेदारों में से एक बनाता था, लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स का कोएफिशिएंट-आधारित स्कोरिंग सिस्टम अलग समीकरण पेश करता है।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
नौवें स्थान पर रहे ऑस्ट्रेलिया के डेनियल बोस ने प्रतियोगिता के माहौल की तारीफ करते हुए कहा, 'यहां का पूरा माहौल उत्साहजनक था। मैंने ऐसा पहले कभी अनुभव नहीं किया।'
आगे क्या
ग्लासगो 2026 के शेष सेशन में और इवेंट होने हैं, जिनमें पदक तालिका में बड़े बदलाव संभव हैं। भारत समेत अन्य राष्ट्रमंडल देशों के खिलाड़ी आगामी स्पर्धाओं में उतरेंगे और पदक संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है।