कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: झंडू कुमार का पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य, मुथुपंडी राजा का वेटलिफ्टिंग में रजत — दोनों ने कहा, अगला लक्ष्य गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुष पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। 27 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनकी वापसी पर जोरदार स्वागत हुआ। इसी आयोजन में मुथुपंडी राजा ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया।
झंडू कुमार: कांस्य से संतोष, स्वर्ण की ललक
हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए झंडू कुमार ने कहा, 'आज का दिन मेरे लिए बहुत खास है। मुझे जो प्यार और समर्थन मिला है, उसके लिए मैं सभी का आभारी हूं। भारत के लिए पदक जीतना और देश का तिरंगा ऊंचा लहराते देखना गर्व की बात है।'
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि स्वर्ण पदक न जीत पाने का अफसोस है। उन्होंने कहा, 'अगली बार और अधिक मेहनत करके गोल्ड जीतने की कोशिश करूंगा। इस बार थोड़ी सी तकनीकी कमी रह गई; आगे उसको दूर करने की कोशिश करूंगा।' गौरतलब है कि झंडू कुमार ने इससे पहले 2025 में चीन और थाईलैंड में भी भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। उन्होंने बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) में चयन के बाद से उनके प्रदर्शन में निरंतर सुधार आया है।
मुथुपंडी राजा: रजत से खुश, स्वर्ण का सपना बरकरार
पुरुषों के 65 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में रजत पदक विजेता मुथुपंडी राजा ने कहा, 'मैं स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरा था, लेकिन ट्रेनिंग के दौरान जैसा प्रदर्शन कर रहा था, वैसा नहीं कर सका। इसके बावजूद रजत पदक जीतकर खुश हूं।'
उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन और अपने कोच विजय शर्मा को इस सफर में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और आलोचकों का कहना है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर वे अगले बड़े आयोजन में स्वर्ण तक पहुंच सकते हैं।
जदुमणि सिंह: भारत-पाकिस्तान मुकाबले में जीत
पुरुषों के 55 किलोग्राम बॉक्सिंग वर्ग के राउंड ऑफ-16 में भारतीय मुक्केबाज जदुमणि सिंह मंदेंगबाम ने पाकिस्तान के सुमामा रहमान को हराया। उन्होंने कहा, 'भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले का महत्व सभी जानते हैं। मेरा पूरा ध्यान भारत को जीत दिलाने पर था और आज मैं अपने लक्ष्य में सफल रहा।' यह जीत भारतीय मुक्केबाजी के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
हॉकी टीम का आत्मविश्वास बुलंद
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ी आशीष तानी पूर्ति ने क्वालिफिकेशन के बाद कहा, 'क्वालिफाई करने के बाद टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। हम आगे भी कड़ी मेहनत करेंगे और अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए गोल्ड मेडल लाने की कोशिश करेंगे।' यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पुरानी साख वापस पाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
आगे की राह
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का यह प्रदर्शन देश की बहु-खेल प्रतिभा का प्रमाण है। झंडू कुमार और मुथुपंडी राजा दोनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी नज़र अगले आयोजन में स्वर्ण पदक पर है। SAI और संबंधित फेडरेशनों से मिल रहे समर्थन के साथ, भारतीय दल के भविष्य के प्रदर्शन पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।