राजा मुथुपंडी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 65 किग्रा वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर, खेल मंत्री मांडविया ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय भारोत्तोलक राजा मुथुपंडी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों के 65 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया। 27 जुलाई 2026 को हुए इस इवेंट में उनके प्रदर्शन पर केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बधाई देते हुए इसे भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए गर्व का क्षण बताया।
खेल मंत्री की प्रतिक्रिया
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'इंडियन वेटलिफ्टिंग के लिए गर्व का पल! राजा मुथुपंडी को पुरुषों की 65 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीतने पर बहुत-बहुत बधाई।' यह बधाई भारतीय खेल जगत में इस उपलब्धि को मिली व्यापक स्वीकृति को दर्शाती है।
राजा मुथुपंडी का बयान
पदक जीतने के बाद राजा मुथुपंडी ने कहा, 'मैंने गोल्ड जीतने के लिए उतना अच्छा परफॉर्म नहीं किया और ट्रेनिंग में जैसा मैं परफॉर्म कर रहा था, उसके मुकाबले यह मेरा बेस्ट भी नहीं था। फिर भी, मैं सिल्वर मेडल जीतकर खुश हूं।' उन्होंने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन और अपने कोच विजय शर्मा को इस सफर में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मुथुपंडी ने यह भी स्वीकार किया कि इस अनुभव से उन्हें और अधिक प्रशिक्षण की ज़रूरत का एहसास हुआ।
फेडरेशन प्रमुख का आकलन
इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के अध्यक्ष सहदेव यादव ने प्रदर्शन पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'मैं राजा के परफॉर्मेंस से पूरी तरह खुश नहीं हूं। उसने पहले 172 किलोग्राम उठाया था और अगर उसने अपनी सभी कोशिशें सफलतापूर्वक पूरी कर ली होतीं, तो वह गोल्ड मेडलिस्ट को कड़ी टक्कर दे सकता था। इस लेवल पर एक लिफ्ट मिस होने से बहुत फर्क पड़ता है।' यादव ने यह भी बताया कि फेडरेशन अब अगली पीढ़ी के भारोत्तोलकों को तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
मीराबाई चानू का स्वर्णिम प्रदर्शन
इसी कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता, जो उनका लगातार दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड और कुल चौथा सीडब्ल्यूजी पदक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर उन्हें बधाई देते हुए लिखा, 'इंडियन वेटलिफ्टिंग में एक और शानदार चैप्टर! टैलेंटेड मीराबाई चानू ने एक बार फिर कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम कैटेगरी में शानदार परफॉर्मेंस देकर गोल्ड जीतकर अपनी स्किल्स दिखाईं।' फेडरेशन अध्यक्ष यादव के अनुसार, मीराबाई को एशियन गेम्स के लिए उच्च भार वर्ग में तैयार किया जा रहा है, इसलिए इस बार उन पर अतिरिक्त दबाव नहीं डाला गया।
आगे की राह
राजा मुथुपंडी के लिए यह रजत पदक एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन उनके अपने बयान और फेडरेशन के रुख से स्पष्ट है कि स्वर्ण पदक की दौड़ में अभी और मेहनत बाकी है। भारतीय वेटलिफ्टिंग का ध्यान अब आगामी एशियन गेम्स की तैयारियों पर केंद्रित होगा, जहाँ मीराबाई चानू उच्च भार वर्ग में उतरने की तैयारी में हैं।