मीराबाई चानू का CWG 2026 में तिहरा रिकॉर्ड, सहदेव यादव बोले — एशियाई खेलों के लिए रणनीतिक तैयारी जारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (WFI) के अध्यक्ष सहदेव यादव ने 27 जुलाई 2026 को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के वेटलिफ्टिंग मुकाबलों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। मीराबाई चानू के ऐतिहासिक स्वर्ण पदक की उन्होंने भरपूर सराहना की, जबकि मुथुपंडी राजा के रजत पदक के प्रदर्शन पर असंतोष जताया।
मीराबाई का तिहरा रिकॉर्ड और चौथा CWG पदक
मीराबाई चानू ने ग्लासगो में कुल 190 किग्रा (85 किग्रा स्नैच + 105 किग्रा क्लीन एंड जर्क) भार उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उल्लेखनीय यह है कि उन्होंने स्नैच, क्लीन एंड जर्क और कुल भार — तीनों श्रेणियों में कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड तोड़ा।
यह उनका चौथा कॉमनवेल्थ गेम्स पदक है। इससे पहले उन्होंने ग्लासगो 2014 में 48 किग्रा वर्ग में रजत, गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 में स्वर्ण पदक जीते थे। गौरतलब है कि यह जीत ऐसे समय में आई है जब WFI उन्हें आगामी एशियाई खेलों के लिए एक भारी भार वर्ग में उतारने की विशेष रणनीति पर काम कर रहा है।
सहदेव यादव का मीराबाई पर बयान
WFI प्रमुख सहदेव यादव ने कहा, 'जहां तक मीराबाई की बात है, उन्होंने बिना खुद पर अधिक जोर डाले शानदार प्रदर्शन किया, क्योंकि हम उन्हें आने वाले एशियाई खेलों में 1 किलोग्राम अधिक वजन वाले वर्ग के लिए खास रणनीति के साथ तैयार कर रहे हैं।'
यह बयान स्पष्ट करता है कि मीराबाई का ग्लासगो प्रदर्शन उनकी पूरी क्षमता का प्रदर्शन नहीं था — बल्कि एशियाई खेलों को ध्यान में रखते हुए एक सोची-समझी संयमित रणनीति का हिस्सा था।
राजा के प्रदर्शन पर असंतोष
मुथुपंडी राजा ने पुरुषों के 65 किग्रा इवेंट में कुल 286 किग्रा (126 किग्रा स्नैच + 160 किग्रा क्लीन एंड जर्क) भार उठाकर रजत पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 125 किग्रा से शुरुआत की और दूसरी कोशिश में 126 किग्रा उठाया, लेकिन तीसरी कोशिश में 129 किग्रा उठाने में असफल रहे। क्लीन एंड जर्क में 158 किग्रा और 160 किग्रा सफलतापूर्वक उठाया, परंतु अंतिम प्रयास में 170 किग्रा नहीं उठा पाए।
सहदेव यादव ने कहा, 'मैं राजा के प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हूं। पहले 172 किग्रा वजन उठाने के बाद अगर उनकी कोशिशें सफल रहतीं, तो वह स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दे सकते थे। इस स्तर पर, एक भी असफल लिफ्ट से बहुत बड़ा अंतर आ जाता है।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राजा की उम्र को देखते हुए फेडरेशन अब वेटलिफ्टर्स की अगली पीढ़ी को तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
ऋषिकंत सिंह का प्रदर्शन
ऋषिकंत सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा इवेंट में रजत पदक जीतकर भारत के वेटलिफ्टिंग अभियान की शुरुआत की। मणिपुर के 28 वर्षीय इस वेटलिफ्टर ने कुल 264 किग्रा (121 किग्रा + 143 किग्रा) भार उठाया, जो 11 प्रतिभागियों में दूसरा सर्वश्रेष्ठ रहा।
WFI प्रमुख ने कहा, 'ऋषिकंत का प्रदर्शन ठीक-ठाक रहा। हालांकि, उनके प्रदर्शन में थोड़ी कमी रह गई — जो लिफ्ट मंजूर होनी चाहिए थी, वह सफल नहीं हो पाई, जिससे पदक का रंग बदल गया। पुरुषों के वर्ग में हम दोनों स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए।'
आगे क्या होगा
सोमवार को भारत पुरुषों के 71 किग्रा, महिलाओं के 53 किग्रा और महिलाओं के 58 किग्रा इवेंट में पदक की दावेदारी करेगा। सहदेव यादव ने उम्मीद जताई कि भारत इन तीन स्पर्धाओं में एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीतने में सफल रहेगा।