सछ्वान के पहाड़ों में सेब की खेती: 2,000 मीटर की ऊँचाई पर ग्रामीणों की आमदनी में नई उड़ान
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण-पश्चिमी चीन के सछ्वान प्रांत स्थित ल्यांगशान यी जातीय स्वायत्त प्रिफेक्चर की शिदे काउंटी के पहाड़ी क्षेत्र में, समुद्र तल से 2,000 मीटर से भी अधिक की ऊँचाई पर फैले 20 हेक्टेयर से अधिक के सेब बाग इन दिनों फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस ऊँचाई पर पहाड़ी खेती का यह प्रयोग न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों की आर्थिक तस्वीर भी बदल रहा है।
सात साल की मेहनत और एक अनूठा कृषि मॉडल
लगभग सात साल पहले, शहर में काम कर रहे हुआंग योंग ने अपने गृहनगर वापसी का फैसला किया और पहाड़ी ज़मीन किराए पर लेकर सेब की खेती की शुरुआत की। स्थानीय अनुकूल जलवायु और पर्याप्त धूप को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर 'सूअर पालन + फल रोपण' का चक्रीय कृषि मॉडल विकसित किया।
इस मॉडल के तहत सूअर फार्म से प्राप्त गोबर को किण्वित कर जैविक खाद तैयार की जाती है, जिसका उपयोग 30,000 से अधिक सेब के पेड़ों की देखभाल के लिए किया जाता है। इस प्रकार खेती और पशुपालन को परस्पर जोड़कर एक पर्यावरण-अनुकूल एकीकृत कृषि व्यवस्था तैयार हुई है।
युवा पीढ़ी का योगदान: बेटे की घर वापसी
दो साल पहले, हुआंग योंग के पुत्र हुआंग चिनची ने विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद शहर छोड़कर गृहनगर लौटने का निर्णय लिया और अपने पिता के औद्योगिक पार्क के प्रबंधन में हाथ बँटाने लगे। इस पार्क में एक आधुनिक सुअर पालन केंद्र भी संचालित है, जहाँ हर वर्ष दसियों हज़ार सूअर पाले जाते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब चीन के कई ग्रामीण क्षेत्रों से युवा बेहतर अवसरों की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। हुआंग चिनची जैसे पढ़े-लिखे युवाओं का गाँव लौटना और कृषि आधारित उद्यम को आधुनिक प्रबंधन से जोड़ना एक सकारात्मक प्रवृत्ति के रूप में देखा जा रहा है।
बाज़ार में माँग और निर्यात
शिदे काउंटी के इन पहाड़ी बागों में उगने वाले सेब अपनी पर्यावरण-अनुकूल गुणवत्ता, कुरकुरेपन, मिठास और रसीले स्वाद के कारण क्वांगचो, पेइचिंग और अन्य प्रमुख चीनी शहरों के खरीदारों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुके हैं। इनमें से कुछ सेब वियतनाम को भी निर्यात किए जाते हैं, जो इस उत्पाद की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है।
ग्रामीणों की आमदनी पर असर
'कंपनी + सहकारी समिति + किसान' मॉडल ने स्थानीय ग्रामीणों के लिए आय के नए द्वार खोले हैं। ग्रामीणों को अपनी ज़मीन का किराया मिलता है और वे बागों में काम करके प्रतिदिन लगभग 80 युआन की कमाई कर सकते हैं।
गौरतलब है कि पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में इस प्रकार की चक्रीय कृषि प्रणाली ग्रामीण गरीबी उन्मूलन की दिशा में एक कारगर उपाय के रूप में उभर रही है।
आगे की योजना
हुआंग चिनची ने बताया कि आने वाले समय में बागों का विस्तार करने के साथ-साथ ग्रामीण पर्यटन, फल-सब्जी तोड़ने के अनुभव और सेब प्रसंस्करण उद्योग को भी विकसित करने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोज़गार के और अधिक अवसर पैदा होंगे और ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।