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सछ्वान के पहाड़ों में सेब की खेती: 2,000 मीटर की ऊँचाई पर ग्रामीणों की आमदनी में नई उड़ान

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सछ्वान के पहाड़ों में सेब की खेती: 2,000 मीटर की ऊँचाई पर ग्रामीणों की आमदनी में नई उड़ान

सारांश

चीन के सछ्वान प्रांत में 2,000 मीटर की ऊँचाई पर 'सूअर पालन + फल रोपण' के अनूठे चक्रीय कृषि मॉडल से 30,000 से अधिक सेब के पेड़ों की खेती हो रही है। हुआंग योंग और उनके बेटे हुआंग चिनची की इस पहल ने शिदे काउंटी के ग्रामीणों को रोज़ाना 80 युआन तक की कमाई का मौका दिया है।

मुख्य बातें

सछ्वान प्रांत की शिदे काउंटी में समुद्र तल से 2,000 मीटर से अधिक की ऊँचाई पर 20 हेक्टेयर से अधिक का सेब बाग फसल कटाई के लिए तैयार है।
हुआंग योंग ने सात साल पहले 'सूअर पालन + फल रोपण' का चक्रीय कृषि मॉडल विकसित किया, जिसमें 30,000 से अधिक सेब के पेड़ हैं।
सूअर फार्म के गोबर से जैविक खाद तैयार होती है — रासायनिक खाद की ज़रूरत शून्य।
सेब क्वांगचो, पेइचिंग जैसे बड़े शहरों में बिकते हैं और कुछ वियतनाम को निर्यात होते हैं।
'कंपनी + सहकारी समिति + किसान' मॉडल से ग्रामीणों को ज़मीन किराया और प्रतिदिन लगभग 80 युआन की मज़दूरी मिल रही है।
बेटे हुआंग चिनची की आगामी योजना में ग्रामीण पर्यटन और सेब प्रसंस्करण उद्योग का विकास शामिल है।

दक्षिण-पश्चिमी चीन के सछ्वान प्रांत स्थित ल्यांगशान यी जातीय स्वायत्त प्रिफेक्चर की शिदे काउंटी के पहाड़ी क्षेत्र में, समुद्र तल से 2,000 मीटर से भी अधिक की ऊँचाई पर फैले 20 हेक्टेयर से अधिक के सेब बाग इन दिनों फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस ऊँचाई पर पहाड़ी खेती का यह प्रयोग न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों की आर्थिक तस्वीर भी बदल रहा है।

सात साल की मेहनत और एक अनूठा कृषि मॉडल

लगभग सात साल पहले, शहर में काम कर रहे हुआंग योंग ने अपने गृहनगर वापसी का फैसला किया और पहाड़ी ज़मीन किराए पर लेकर सेब की खेती की शुरुआत की। स्थानीय अनुकूल जलवायु और पर्याप्त धूप को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर 'सूअर पालन + फल रोपण' का चक्रीय कृषि मॉडल विकसित किया।

इस मॉडल के तहत सूअर फार्म से प्राप्त गोबर को किण्वित कर जैविक खाद तैयार की जाती है, जिसका उपयोग 30,000 से अधिक सेब के पेड़ों की देखभाल के लिए किया जाता है। इस प्रकार खेती और पशुपालन को परस्पर जोड़कर एक पर्यावरण-अनुकूल एकीकृत कृषि व्यवस्था तैयार हुई है।

युवा पीढ़ी का योगदान: बेटे की घर वापसी

दो साल पहले, हुआंग योंग के पुत्र हुआंग चिनची ने विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद शहर छोड़कर गृहनगर लौटने का निर्णय लिया और अपने पिता के औद्योगिक पार्क के प्रबंधन में हाथ बँटाने लगे। इस पार्क में एक आधुनिक सुअर पालन केंद्र भी संचालित है, जहाँ हर वर्ष दसियों हज़ार सूअर पाले जाते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब चीन के कई ग्रामीण क्षेत्रों से युवा बेहतर अवसरों की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। हुआंग चिनची जैसे पढ़े-लिखे युवाओं का गाँव लौटना और कृषि आधारित उद्यम को आधुनिक प्रबंधन से जोड़ना एक सकारात्मक प्रवृत्ति के रूप में देखा जा रहा है।

बाज़ार में माँग और निर्यात

शिदे काउंटी के इन पहाड़ी बागों में उगने वाले सेब अपनी पर्यावरण-अनुकूल गुणवत्ता, कुरकुरेपन, मिठास और रसीले स्वाद के कारण क्वांगचो, पेइचिंग और अन्य प्रमुख चीनी शहरों के खरीदारों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुके हैं। इनमें से कुछ सेब वियतनाम को भी निर्यात किए जाते हैं, जो इस उत्पाद की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है।

ग्रामीणों की आमदनी पर असर

'कंपनी + सहकारी समिति + किसान' मॉडल ने स्थानीय ग्रामीणों के लिए आय के नए द्वार खोले हैं। ग्रामीणों को अपनी ज़मीन का किराया मिलता है और वे बागों में काम करके प्रतिदिन लगभग 80 युआन की कमाई कर सकते हैं।

गौरतलब है कि पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में इस प्रकार की चक्रीय कृषि प्रणाली ग्रामीण गरीबी उन्मूलन की दिशा में एक कारगर उपाय के रूप में उभर रही है।

आगे की योजना

हुआंग चिनची ने बताया कि आने वाले समय में बागों का विस्तार करने के साथ-साथ ग्रामीण पर्यटन, फल-सब्जी तोड़ने के अनुभव और सेब प्रसंस्करण उद्योग को भी विकसित करने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोज़गार के और अधिक अवसर पैदा होंगे और ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यहाँ चक्रीय कृषि का एकीकरण उसे अलग बनाता है। असली सवाल यह है कि क्या 80 युआन प्रतिदिन की मज़दूरी शहरी वेतन के समकक्ष बनाए रखने के लिए पर्याप्त है — क्योंकि युवाओं का पलायन तब तक नहीं रुकेगा जब तक ग्रामीण आय वास्तव में प्रतिस्पर्धी न हो।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सछ्वान की शिदे काउंटी में सेब की खेती कैसे शुरू हुई?
सात साल पहले हुआंग योंग ने शहर छोड़कर गृहनगर लौटकर पहाड़ी ज़मीन किराए पर ली और सेब की खेती शुरू की। विशेषज्ञों की सलाह पर उन्होंने 'सूअर पालन + फल रोपण' का चक्रीय कृषि मॉडल अपनाया।
चक्रीय कृषि मॉडल क्या है और यह कैसे काम करता है?
इस मॉडल में सूअर फार्म से निकलने वाले गोबर को किण्वित कर जैविक खाद तैयार की जाती है, जिसका उपयोग 30,000 से अधिक सेब के पेड़ों की खेती में होता है। इस प्रकार पशुपालन और फलोत्पादन एक-दूसरे को पोषण देते हैं और रासायनिक खाद की आवश्यकता न्यूनतम रहती है।
शिदे काउंटी के सेब किन बाज़ारों में बिकते हैं?
ये सेब क्वांगचो और पेइचिंग जैसे बड़े चीनी शहरों में लोकप्रिय हैं और कुछ मात्रा वियतनाम को भी निर्यात की जाती है। इनकी पहचान पर्यावरण-अनुकूल गुणवत्ता और कुरकुरे-मीठे स्वाद के लिए है।
इस कृषि मॉडल से स्थानीय ग्रामीणों को क्या फायदा हो रहा है?
'कंपनी + सहकारी समिति + किसान' मॉडल के तहत ग्रामीणों को अपनी ज़मीन का किराया मिलता है और बागों में काम करके वे प्रतिदिन लगभग 80 युआन कमा सकते हैं। यह व्यवस्था उन लोगों के लिए आय का स्थायी स्रोत बन रही है जिनके पास पहले सीमित विकल्प थे।
इस पहल का भविष्य क्या है?
हुआंग चिनची के अनुसार आने वाले समय में बागों का विस्तार, ग्रामीण पर्यटन और सेब प्रसंस्करण उद्योग विकसित करने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोज़गार के और अवसर पैदा होंगे और ग्रामीणों की आय में दीर्घकालिक वृद्धि होगी।
राष्ट्र प्रेस
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