11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कठुआ के किसान लोकेश सुंबरिया ने पॉली हाउस से अपनाई जहर मुक्त खेती, आय में कई गुना वृद्धि

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कठुआ के किसान लोकेश सुंबरिया ने पॉली हाउस से अपनाई जहर मुक्त खेती, आय में कई गुना वृद्धि

सारांश

कठुआ के बिलावर में किसान लोकेश सुंबरिया ने हाई-टेक पॉली हाउस और जैविक खेती से 'जहर मुक्त' मॉडल तैयार किया है। पीली शिमला मिर्च, खीरा और बीन्स जैसी उच्च मूल्य फसलों से आय कई गुना बढ़ी है — और यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की दिशा बदलने की क्षमता रखता है।

मुख्य बातें

लोकेश सुंबरिया ने कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र में सरकारी सहायता से हाई-टेक पॉली हाउस स्थापित किया।
खेती में पीली शिमला मिर्च , खीरा और बीन्स जैसी उच्च मूल्य सब्जियाँ उगाई जा रही हैं।
केवल जैविक खाद का उपयोग; हानिकारक रासायनिक कीटनाशकों से पूरी तरह परहेज़।
पॉली हाउस से साल भर फसल उत्पादन संभव, मौसम की अनिश्चितता से मुक्ति।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्य को भी पूरा करता है।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र में किसान लोकेश सुंबरिया ने सरकारी योजना का लाभ उठाते हुए हाई-टेक पॉली हाउस स्थापित किया है और रासायनिक कीटनाशकों से पूरी तरह दूर रहकर 'जहर मुक्त खेती' का एक सफल मॉडल तैयार किया है। इस आधुनिक कृषि पद्धति को अपनाने के बाद उनकी आय में कई गुना वृद्धि हुई है और वे बिलावर के आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।

क्या है यह मॉडल और कैसे काम करता है

लोकेश सुंबरिया ने सरकारी सहायता से पॉली हाउस स्थापित कर उसके भीतर उच्च मूल्य वाली सब्जियों की खेती शुरू की। वे पीली शिमला मिर्च, खीरा और बीन्स जैसी बाज़ार में अधिक माँग वाली फसलें उगा रहे हैं। खेती में केवल जैविक खाद का उपयोग किया जाता है और हानिकारक रासायनिक कीटनाशकों से पूरी तरह परहेज़ किया जाता है।

पॉली हाउस की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह किसान को मौसम की अनिश्चितताओं से मुक्त करता है। इसके भीतर नियंत्रित वातावरण में साल भर फसल उत्पादन संभव होता है, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहती है।

किसान ने क्या कहा

लोकेश सुंबरिया ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जम्मू-कश्मीर के हज़ारों छोटे किसानों तक ऐसी सरकारी योजनाओं की पहुँच कितनी है। जागरूकता की कमी और जटिल आवेदन प्रक्रियाएँ अक्सर उन्हीं किसानों को लाभ से वंचित रखती हैं जिन्हें इसकी सबसे अधिक ज़रूरत है। पॉली हाउस मॉडल की सफलता तभी सार्थक होगी जब यह किसी एक प्रगतिशील किसान की उपलब्धि बनकर न रहे, बल्कि व्यापक स्तर पर दोहराया जाए। इसके लिए ज़िला स्तर पर प्रशिक्षण केंद्र, सरल सब्सिडी प्रक्रिया और बाज़ार से सीधा जुड़ाव — तीनों की एक साथ ज़रूरत है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोकेश सुंबरिया का पॉली हाउस मॉडल क्या है?
लोकेश सुंबरिया ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र में सरकारी सहायता से हाई-टेक पॉली हाउस स्थापित किया है, जिसमें वे पीली शिमला मिर्च, खीरा और बीन्स जैसी उच्च मूल्य सब्जियाँ जैविक तरीके से उगाते हैं। रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग पूरी तरह बंद कर केवल जैविक खाद का इस्तेमाल किया जाता है।
पॉली हाउस खेती से किसान की आय कैसे बढ़ती है?
पॉली हाउस में नियंत्रित वातावरण के कारण साल भर फसल उत्पादन संभव होता है और मौसमी नुकसान से बचाव होता है। उच्च मूल्य वाली सब्जियों की बाज़ार में अधिक माँग होने से किसान को पारंपरिक गेहूं-चावल की तुलना में कई गुना अधिक आमदनी होती है।
जहर मुक्त खेती का क्या अर्थ है और यह क्यों ज़रूरी है?
जहर मुक्त खेती का अर्थ है रासायनिक कीटनाशकों और हानिकारक उर्वरकों का उपयोग बंद कर केवल जैविक पद्धतियों से फसल उगाना। यह उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं सेहतमंद भोजन उपलब्ध कराती है और मिट्टी व पर्यावरण को दीर्घकालिक नुकसान से बचाती है।
सरकारी योजनाओं का लाभ किसान कैसे उठा सकते हैं?
लोकेश सुंबरिया के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार की कृषि योजनाएँ बहुत उपयोगी हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कई किसान इनका फायदा नहीं ले पाते। किसान नज़दीकी कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क कर पॉली हाउस सब्सिडी सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कठुआ के बिलावर में यह मॉडल कितना प्रभावशाली रहा है?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बिलावर में लोकेश सुंबरिया की सफलता स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। यह मॉडल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्यों को भी पूरा करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले