27 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एशियन गेम्स बॉक्सिंग: अंकुश पंघाल ने 80 किग्रा सेमीफाइनल में जगह बनाई, भारत का पहला पदक पक्का

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एशियन गेम्स बॉक्सिंग: अंकुश पंघाल ने 80 किग्रा सेमीफाइनल में जगह बनाई, भारत का पहला पदक पक्का

सारांश

कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन अंकुश पंघाल ने निशियो जिमनैजियम में 5-0 की सर्वसम्मत जीत के साथ एशियन गेम्स 2026 की बॉक्सिंग में भारत का पहला पदक पक्का कर दिया। 80 किग्रा के इस क्वार्टर फाइनल में उनका दमदार प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए बड़ी राहत है।

मुख्य बातें

अंकुश पंघाल ने 27 सितंबर 2026 को निशियो जिमनैजियम में पुरुषों के 80 किग्रा क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के नेक्रूज सलीमोव को 5-0 से हराया।
यह एशियन गेम्स 2026 के मौजूदा संस्करण में बॉक्सिंग में भारत का पहला पदक है।
पंघाल ने पहले दो राउंड 5-0 से जीते; तीसरा राउंड सलीमोव ने 4-1 से जीता, परंतु नतीजा नहीं बदला।
तेजस्विन शंकर डेकाथलॉन में सात इवेंट के बाद 5869 पॉइंट के साथ तीसरे स्थान पर; 3 इवेंट अभी बाकी।
कुराश में विशाल, संगीता बलहारा, भारती और यश कुमार चौहान शुरुआती राउंड में ही बाहर हुए।

कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन अंकुश पंघाल ने 27 सितंबर 2026 को निशियो जिमनैजियम में पुरुषों की 80 किग्रा श्रेणी के क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के नेक्रूज सलीमोव को 5-0 के सर्वसम्मत निर्णय से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और भारत के लिए एशियन गेम्स 2026 के इस संस्करण में बॉक्सिंग का पहला पदक सुनिश्चित कर दिया। यह जीत भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए इन खेलों में एक निर्णायक मोड़ साबित हुई है।

मुकाबले का पूरा विवरण

तीन राउंड के इस मुकाबले में अंकुश पंघाल ने शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम किया। पहले राउंड में उन्होंने अपनी तेज़ रफ्तार, सटीक पंच और मज़बूत डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए 5-0 के स्कोर से राउंड अपने नाम किया।

दूसरे राउंड में भी पंघाल का दबदबा बरकरार रहा। उन्होंने अपना धारदार लेफ्ट हुक और काउंटर पंच का बेहतरीन इस्तेमाल किया, जिससे एक बार फिर 5-0 की जीत मिली। सलीमोव पहले दो राउंड में भारतीय मुक्केबाज़ के आगे बेबस नज़र आए।

तीसरे और अंतिम राउंड में नॉकडाउन के लिए बेताब सलीमोव ने आक्रामक वापसी की और कुछ प्रभावी पंच जड़े, लेकिन अंकुश ने अपना डिफेंस मज़बूत रखा। ताजिक बॉक्सर ने यह राउंड 4-1 से जीता, मगर तब तक मुकाबले का फ़ैसला हो चुका था। अंकुश ने आराम से समग्र जीत दर्ज की।

भारतीय बॉक्सिंग के लिए क्यों खास है यह जीत

यह ऐसे समय में आया है जब भारत इन एशियन गेम्स में बॉक्सिंग के मोर्चे पर अपना पहला पदक खाता खोलने की प्रतीक्षा में था। कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता पंघाल ने एक बार फिर साबित किया कि वे बड़े मंच पर दबाव में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। गौरतलब है कि भारत की बॉक्सिंग टीम इन खेलों में शीर्ष प्रदर्शन की उम्मीद के साथ उतरी थी।

कुराश और एथलेटिक्स में भारत का मिला-जुला प्रदर्शन

कुराश स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी निराशाजनक प्रदर्शन के साथ जल्दी बाहर हो गए। विशाल पुरुषों के +90 किग्रा क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड के कुनाथिप ये-ऑन से 5-0 से हार गए। संगीता बलहारा महिलाओं के -57 किग्रा राउंड ऑफ 32 में फिलीपींस की चार्मिया क्वेलिनो से 10-0 से पराजित हुईं।

भारती महिलाओं के -57 किग्रा राउंड ऑफ 16 में ईरान की ताहेरेह अजरपेइवांड से हार गईं, जबकि यश कुमार चौहान पुरुषों के +90 किग्रा राउंड ऑफ 16 में ताजिकिस्तान के शकरमामद मिरमामदोव से 10-0 से बाहर हुए।

एथलेटिक्स में डेकाथलॉन स्टार तेजस्विन शंकर सात इवेंट के बाद 5869 पॉइंट के साथ तीसरे स्थान पर हैं। वे चीन के चेन जिंगहुआ से 50 पॉइंट और जापान के युमा मारुयामा से 45 पॉइंट पीछे हैं, जबकि अभी 3 इवेंट शेष हैं।

आगे क्या होगा

अंकुश पंघाल का सेमीफाइनल मुकाबला जल्द ही होना है और उनकी नज़रें स्वर्ण पदक पर टिकी हैं। इस जीत से भारतीय खेमे में उत्साह का संचार हुआ है और तेजस्विन शंकर के शेष तीन इवेंट में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद भी बनी हुई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंकुश पंघाल ने एशियन गेम्स 2026 में किसे हराया?
अंकुश पंघाल ने 27 सितंबर 2026 को पुरुषों के 80 किग्रा क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के नेक्रूज सलीमोव को 5-0 के सर्वसम्मत निर्णय से हराया। इस जीत से वे सेमीफाइनल में पहुँच गए और भारत का पहला बॉक्सिंग पदक पक्का हो गया।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का बॉक्सिंग में यह पहला पदक क्यों खास है?
इस संस्करण के एशियन गेम्स में बॉक्सिंग में यह भारत का पहला पदक है, जो कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता अंकुश पंघाल की बदौलत सुनिश्चित हुआ। यह उपलब्धि भारतीय बॉक्सिंग टीम के लिए इन खेलों में खाता खोलने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
तेजस्विन शंकर डेकाथलॉन में किस स्थान पर हैं?
तेजस्विन शंकर सात इवेंट के बाद 5869 पॉइंट के साथ तीसरे स्थान पर हैं। वे शीर्ष पर काबिज चीन के चेन जिंगहुआ से 50 पॉइंट और दूसरे स्थान पर जापान के युमा मारुयामा से 45 पॉइंट पीछे हैं, जबकि अभी 3 इवेंट बाकी हैं।
कुराश में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
कुराश स्पर्धाओं में भारतीय एथलीट शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए। विशाल, संगीता बलहारा, भारती और यश कुमार चौहान — सभी क्रमशः अपने-अपने मुकाबलों में पराजित हुए और कोई भी पदक दौर तक नहीं पहुँच सका।
अंकुश पंघाल का अगला मुकाबला कब होगा?
अंकुश पंघाल का 80 किग्रा सेमीफाइनल मुकाबला निकट भविष्य में निशियो जिमनैजियम में होगा। सेमीफाइनल में जगह बनाने से वे कम से कम कांस्य पदक के हकदार हो चुके हैं और उनकी नज़रें स्वर्ण पदक पर हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले