एशियन गेम्स 2026: अंतिम पंघाल ने जीता सिल्वर, फाइनल में जापान की कियोका ने 9-1 से हराया
सारांश
मुख्य बातें
अंतिम पंघाल ने आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया, लेकिन फाइनल में जापान की कियोका ने उन्हें 9-1 से पराजित कर स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा किया। 3 अक्टूबर को नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में खेले गए इस फाइनल मुकाबले में भारतीय पहलवान शुरुआत से ही दबाव में रहीं।
मुकाबले का घटनाक्रम
फाइनल के पहले पीरियड में कियोका ने आक्रामक शुरुआत करते हुए बढ़त बना ली। पैसिविटी पीरियड के दौरान अंतिम कोई अंक नहीं जुटा सकीं, जिससे जापानी पहलवान को एक अतिरिक्त प्वाइंट मिला और पहले पीरियड के अंत तक स्कोर 2-0 हो गया।
दूसरे पीरियड में अंतिम ने वापसी का प्रयास किया। एक मौके पर ऐसा लगा कि उन्होंने कियोका को पैर से नीचे गिराकर एक प्वाइंट हासिल कर लिया, लेकिन जापानी रेसलर ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें मैट से बाहर धकेल दिया। अंतिम ने फैसले को चुनौती दी, परंतु रिव्यू उनके पक्ष में नहीं गया।
समय कम होने पर अंतिम को अंतर पाटने के लिए आक्रामक खेल अपनाना पड़ा। कियोका ने इसका भरपूर फायदा उठाया — भारतीय पहलवान के पैर पर हमला करते हुए टेकडाउन पूरा किया और स्कोर 9-1 कर स्वर्ण पदक सुनिश्चित किया।
अंतिम पंघाल की ऐतिहासिक उपलब्धि
21 वर्षीय अंतिम पंघाल इन खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं। साथ ही, वह गीतिका जाखड़ और विनेश फोगाट के बाद एशियाई खेलों के कुश्ती फाइनल तक पहुँचने वाली तीसरी भारतीय महिला पहलवान भी हैं।
गौरतलब है कि 2022 हांग्जो एशियन गेम्स में इसी भार वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली अंतिम का यह एशियाई खेलों में दूसरा पदक है। उनका रजत पदक आइची-नागोया खेलों में भारत का छठा कुश्ती पदक है।
फाइनल तक का सफर
अंतिम ने फाइनल तक पहुँचने के लिए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत कजाकिस्तान की शुगिला ओमीरबेक को 9-0 से हराकर की, इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की साकिबजमल एस्बोसीनोवा को 8-0 से मात दी।
सेमीफाइनल में चीन की जिन झांग के खिलाफ शुरुआती अंक गँवाने के बाद अंतिम ने जबरदस्त वापसी की और लगातार छह प्वाइंट्स बनाकर मुकाबला 6-1 से जीता और फाइनल में जगह पक्की की।
भारत के पहलवानों का शानदार दिन
यह दिन भारतीय कुश्ती के लिए यादगार रहा। अमन सहरावत ने पुरुषों की फ्रीस्टाइल 57 किग्रा स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि दीपक पूनिया ने पुरुषों की 97 किलोग्राम इवेंट में कांस्य पदक हासिल किया।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कुश्ती अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। अंतिम पंघाल का रजत पदक इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों में उनसे और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बनी रहेगी।