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एशियन गेम्स 2026: अंतिम पंघाल ने जीता सिल्वर, बोलीं — 'गोल्ड न जीत पाने का दुख, पर देश के लिए मेडल पर गर्व'

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एशियन गेम्स 2026: अंतिम पंघाल ने जीता सिल्वर, बोलीं — 'गोल्ड न जीत पाने का दुख, पर देश के लिए मेडल पर गर्व'

सारांश

अंतिम पंघाल ने आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में 53 किग्रा वर्ग का सिल्वर जीता — पिछले गेम्स के ब्रॉन्ज से एक कदम आगे। जापान की विश्व चैंपियन से फाइनल में हार मिली, लेकिन 21 वर्षीय इस हरियाणवी पहलवान ने गीतिका जाखड़ और विनेश फोगाट के बाद एशियन गेम्स कुश्ती फाइनल में पहुँचने वाली तीसरी भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रचा।

मुख्य बातें

अंतिम पंघाल ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता।
फाइनल में जापान की मो कियोका (विश्व चैंपियनशिप 2024 गोल्ड मेडलिस्ट) से हार का सामना करना पड़ा।
वह गीतिका जाखड़ और विनेश फोगाट के बाद एशियन गेम्स कुश्ती फाइनल में पहुँचने वाली तीसरी भारतीय महिला पहलवान बनीं।
पूरे अभियान में कज़ाकिस्तान को 9-0 , उज़्बेकिस्तान को 8-0 और चीन को 6-1 से हराया।
एशियन गेम्स 2026 में भारत के छह कुश्ती पदकों में अंतिम का सिल्वर अकेला महिला पदक रहा।

भारतीय पहलवान अंतिम पंघाल ने एशियन गेम्स 2026 (आइची-नागोया) में महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग के फाइनल में सिल्वर मेडल जीता, लेकिन स्वर्ण से चूकने का मलाल उनके चेहरे पर साफ़ दिखा। उन्होंने कहा कि गोल्ड न जीत पाने का दुख ज़रूर है, मगर देश के लिए इस प्रतिष्ठित मंच पर पदक जीतना उनके लिए बेहद ख़ास है।

फाइनल में कड़ी टक्कर, जापान की चैंपियन से हार

गोल्ड मेडल मुकाबले में अंतिम पंघाल का सामना जापान की मो कियोका से हुआ, जो विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2024 में 55 किग्रा वर्ग की स्वर्ण पदक विजेता हैं। इस कड़े मुकाबले में अंतिम को हार का सामना करना पड़ा। यह ऐसे समय में आया जब अंतिम ने पिछले एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज मेडल को इस बार सिल्वर में बदलकर अपनी प्रगति का ठोस सबूत दिया था।

अंतिम ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'बेशक, मुझे थोड़ा दुख है कि मैं गोल्ड नहीं जीत पाई, लेकिन एशियन गेम्स में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतने पर मुझे बहुत गर्व है। हर एथलीट का सपना देश के लिए मेडल जीतना होता है और इस मंच पर ऐसा कर पाना मेरे लिए बहुत मायने रखता है।'

मुख्य घटनाक्रम: फाइनल तक का सफ़र

21 वर्षीय हरियाणा की इस पहलवान ने टूर्नामेंट में एकतरफ़ा दबदबा बनाए रखा। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत कज़ाकिस्तान की शुगिला ओमीरबेक को 9-0 से हराकर की। क्वार्टर फाइनल में उज़्बेकिस्तान की साकिबजमल एस्बोसीनोवा को भी 8-0 से पराजित किया।

सेमीफाइनल में चीन की जिन झांग के खिलाफ शुरुआती अंक गंवाने के बावजूद अंतिम ने ज़बरदस्त वापसी की और लगातार 6 अंक हासिल कर 6-1 से जीत दर्ज करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की की।

ऐतिहासिक उपलब्धि: तीसरी भारतीय महिला पहलवान

फाइनल में प्रवेश करते ही अंतिम पंघाल एक ऐतिहासिक समूह में शामिल हो गईं। वह गीतिका जाखड़ और विनेश फोगाट के बाद एशियन गेम्स कुश्ती फाइनल में पहुँचने वाली तीसरी भारतीय महिला पहलवान बनीं। गौरतलब है कि इस एशियन गेम्स में भारत के कुल छह कुश्ती पदकों में से अंतिम का सिल्वर अकेला महिला पदक रहा, जबकि शेष पाँच पदक पुरुष पहलवानों ने जीते।

त्याग और संघर्ष: अंतिम की जुबानी

हरियाणा की इस युवा पहलवान ने इस सफ़र में किए गए त्यागों को भी याद किया। उन्होंने कहा, 'बहुत सारे त्याग किए, मुश्किल दिन देखे और ऐसे पल भी आए जब चीज़ें मेरे मन-मुताबिक़ नहीं हुईं, लेकिन मैंने खुद पर भरोसा बनाए रखा और कड़ी मेहनत करती रही।'

अंतिम ने भारतीय कुश्ती महासंघ, इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट और पार्थ जिंदल के प्रति आभार जताया, जिन्होंने इस पूरे सफ़र में उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने संकल्प जताया कि वह इस अनुभव से सीखकर और मज़बूत होकर वापसी करेंगी।

आगे क्या

एशियन गेम्स के इस प्रदर्शन के बाद अंतिम पंघाल की नज़रें अब अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों पर होंगी, जहाँ वह गोल्ड की अधूरी रह गई चाहत को पूरा करने का लक्ष्य रखेंगी। 53 किग्रा वर्ग में उनका यह सिल्वर भारतीय कुश्ती की अगली पीढ़ी के लिए एक मज़बूत प्रेरणास्रोत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारतीय महिला कुश्ती की निरंतरता का प्रमाण है — विनेश फोगाट के बाद एक बड़े शून्य के बीच यह युवा पहलवान उम्मीद की मशाल थामे है। हालाँकि, जापान और चीन की व्यवस्थित कुश्ती अकादमियों के मुकाबले भारत में ढाँचागत समर्थन अभी भी व्यक्तिगत प्रायोजकों और एकल संस्थानों पर निर्भर है — जो दीर्घकालिक स्थिरता के लिए पर्याप्त नहीं। अंतिम की ब्रॉन्ज से सिल्वर की यात्रा उत्साहजनक है, लेकिन असली सवाल यह है कि अगले चक्र में उन्हें गोल्ड की दूरी तय करने के लिए क्या प्रणालीगत बदलाव मिलेंगे।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतिम पंघाल ने एशियन गेम्स 2026 में कौन-सा मेडल जीता?
अंतिम पंघाल ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में उन्हें जापान की मो कियोका से हार मिली।
अंतिम पंघाल फाइनल में किससे हारीं?
अंतिम पंघाल एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में जापान की मो कियोका से हारीं, जो विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2024 में 55 किग्रा वर्ग की गोल्ड मेडलिस्ट हैं।
क्या अंतिम पंघाल एशियन गेम्स फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान हैं?
नहीं, अंतिम पंघाल यह उपलब्धि हासिल करने वाली तीसरी भारतीय महिला पहलवान हैं। उनसे पहले गीतिका जाखड़ और विनेश फोगाट एशियन गेम्स कुश्ती फाइनल में पहुँच चुकी हैं।
एशियन गेम्स 2026 में अंतिम पंघाल का अभियान कैसा रहा?
अंतिम ने कज़ाकिस्तान को 9-0, उज़्बेकिस्तान को 8-0 और सेमीफाइनल में चीन को 6-1 से हराया। फाइनल में जापान की मो कियोका से हारकर उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला पहलवानों का प्रदर्शन कैसा रहा?
एशियन गेम्स 2026 में भारत के कुल छह कुश्ती पदकों में से अंतिम पंघाल का सिल्वर एकमात्र महिला पदक रहा, जबकि शेष पाँच पदक पुरुष पहलवानों ने जीते।
राष्ट्र प्रेस
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