एशियन गेम्स 2026: अंतिम पंघाल और अमन सहरावत फाइनल में, सागर-दीपक ब्रॉन्ज के लिए तैयार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पहलवान अंतिम पंघाल और अमन सहरावत ने 3 अक्टूबर 2026 को आइची-नागोया में जारी एशियन गेम्स 2026 के कुश्ती मुकाबलों में अपने-अपने फाइनल में जगह पक्की कर ली। इस उपलब्धि के साथ भारत ने कुश्ती में कम-से-कम दो और पदक सुनिश्चित कर लिए हैं। वहीं सागर जगलान और दीपक पुनिया अपनी-अपनी भार-वर्ग श्रेणियों में ब्रॉन्ज मेडल के लिए मैदान में उतरेंगे।
अंतिम पंघाल का सफर: हर मुकाबले में दबदबा
अंतिम पंघाल ने महिलाओं के 53 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में अजेय प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया। उन्होंने अभियान की शुरुआत कजाकिस्तान की शुगिला ओमीरबेक पर 9-0 की एकतरफा जीत से की, फिर क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की साकिबजमल एस्बोसीनोवा को 8-0 से धूल चटाई।
सेमीफाइनल में चीन की जिन झांग के खिलाफ मुकाबला चुनौतीपूर्ण रहा। अंतिम 0-1 से पिछड़ रही थीं, लेकिन उन्होंने अदम्य जज्बे के साथ लगातार 6 अंक बटोरे और 6-1 से जीत दर्ज की। गौरतलब है कि पिछले एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली अंतिम अब गीतिका जाखड़ और विनेश फोगाट के बाद एशियन गेम्स के कुश्ती फाइनल में पहुँचने वाली तीसरी भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। फाइनल मुकाबले में उनका सामना जापान की मो कियोका से होगा, जो भारतीय समयानुसार शाम 4:02 बजे खेला जाएगा।
अमन सहरावत की जबरदस्त वापसी
अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में यादगार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले दौर में जापान के यामातो ओगावा को 'तकनीकी श्रेष्ठता' के आधार पर 20-9 से पराजित किया, इसके बाद क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के नुरदनात ऐतानोव को 12-1 से हराया।
सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के आइयाल बेलोल्युब्स्की के खिलाफ पहले हाफ के बाद अमन 2-6 से पिछड़ रहे थे, लेकिन दूसरे हाफ में उन्होंने शानदार पलटवार करते हुए 12 अंक जोड़े और विरोधी को मात्र दो अंक लेने दिए। यह मैच 14-8 से जीतकर उन्होंने फाइनल में प्रवेश किया। गोल्ड मेडल के लिए उनका सामना उत्तर कोरिया के चोंग सोंग हान से होगा।
सागर जगलान: हार के बाद शानदार वापसी
सागर जगलान ने पुरुषों के 74 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में अपने प्री-क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया के तुल्गा तुमुर-ओचिर को 8-1 से हराया। हालाँकि, क्वार्टर फाइनल में उन्हें ईरान के योनेस एमामिचोगाई के खिलाफ 0-10 से हार का सामना करना पड़ा।
लेकिन सागर ने हिम्मत नहीं हारी। ब्रॉन्ज मेडल की दौड़ में बने रहने के लिए उन्होंने उज्बेकिस्तान के रजाम्बेक जमालतोव को 7-3 से पराजित कर ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में जगह पक्की कर ली।
दीपक पुनिया: सेमीफाइनल में मामूली हार, ब्रॉन्ज की उम्मीद जिंदा
दीपक पुनिया ने पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में चीन के झोउ जुनपेंग को 12-2 से हराकर अभियान शुरू किया। क्वार्टर फाइनल में हांगकांग चीन के ली वुई फंग विंसेंट के मैदान में न उतरने के कारण उन्हें वॉकओवर मिला, और वे सीधे सेमीफाइनल में पहुँचे।
सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के शेरजोड पोयोनोव के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में दीपक 8-9 के मामूली अंतर से पराजित हो गए। यह ऐसे समय में आया है जब दीपक अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में अपनी स्थिति फिर से मजबूत करने की कोशिश में हैं। अब उनके पास ब्रॉन्ज मेडल जीतकर प्रतियोगिता का सफल समापन करने का अवसर है।
भारत की कुश्ती में बढ़ती ताकत
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कुश्ती संघ और देश के पहलवान अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान और मजबूत करने में जुटे हैं। आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में कुश्ती में एक ही दिन में चार पहलवानों का पदक दौड़ में बने रहना भारतीय कुश्ती की गहराती बेंच-स्ट्रेंथ का प्रमाण है। आगे अंतिम और अमन के फाइनल नतीजे तय करेंगे कि भारत का पदक-पलड़ा कितना भारी होगा।