उलानबातर ओपन में भारत का दबदबा: 8 गोल्ड और 9 ब्रॉन्ज सहित 17 मेडल, ओवरऑल टॉप-3 में जगह
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कुश्ती दल ने उलानबातर ओपन सीनियर रैंकिंग सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों कैटेगरी — फ्रीस्टाइल, ग्रीको-रोमन और महिला कुश्ती — में कुल 17 मेडल (8 गोल्ड और 9 ब्रॉन्ज) जीते और ओवरऑल टीम रैंकिंग में टॉप-3 में अपनी जगह पक्की की। अंतिम दिन रविवार, 8 जून 2026 को भारतीय फ्रीस्टाइल टीम ने 3 गोल्ड सहित 7 मेडल जीतकर इस अभियान को यादगार अंत दिया।
आखिरी दिन के स्वर्णिम प्रदर्शन
अंतिम दिन के तीन गोल्ड हीरो रहे — दीपक, दिनेश और सागर जगलान। दीपक ने 61 किलोग्राम फ्रीस्टाइल फाइनल में कजाकिस्तान के असिल ऐताकिन को 6-0 से एकतरफा मात देकर गोल्ड पर कब्जा किया। 125 किलोग्राम भार वर्ग में दिनेश ने कजाकिस्तान के येदिगे कासिमबेक को 2-0 से पराजित किया। 74 किलोग्राम वर्ग में सागर जगलान ने रूस के तामिर एशिनिमाएव को 3-2 के करीबी मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक जीता।
फ्रीस्टाइल में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालों में सुमित (57 किलोग्राम), कुमार मोहित (65 किलोग्राम), जयदीप (74 किलोग्राम) और विक्की (97 किलोग्राम) शामिल रहे। पुरुष फ्रीस्टाइल टीम रैंकिंग में भारत ने रूस के बाद दूसरा स्थान हासिल किया।
ग्रीको-रोमन में ऐतिहासिक चैंपियनशिप
भारतीय ग्रीको-रोमन टीम ने 119 अंकों के साथ ओवरऑल टीम चैंपियनशिप जीती, जिसे आयोजकों ने ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। सुनील ने 87 किलोग्राम फाइनल में आजाद सालिदिनोव को 4-1 से और नितेश ने 97 किलोग्राम में नुरासिल अमानाली को 13-9 से हराकर गोल्ड मेडल जीते। साहिल ने 60 किलोग्राम में ब्रॉन्ज जोड़ा।
महिला कुश्ती में भी चमका भारत
महिला दल ने 3 गोल्ड और 4 ब्रॉन्ज सहित कुल 7 मेडल जीतकर टीम की ओवरऑल रैंकिंग को मजबूती दी। मनीषा ने 57 किलोग्राम में डीपीआर कोरिया की सिम सोन को 3-1 से, नेहा ने 59 किलोग्राम में डीपीआर कोरिया की प्योल होंग को 5-3 से और काजल ने 76 किलोग्राम में नाइजीरिया की डमोला एच ओजो को 8-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीते।
ब्रॉन्ज मेडल विजेताओं में नीलम (50 किलोग्राम), हंसिका लांबा (55 किलोग्राम), मानसी (62 किलोग्राम) और प्रिया (76 किलोग्राम) शामिल रहीं।
भारत के लिए क्यों अहम है यह सफलता
उलानबातर ओपन एक सीनियर रैंकिंग सीरीज टूर्नामेंट है, जिसके अंक विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक क्वालिफिकेशन चक्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कुश्ती संघ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की पहचान को पुनर्स्थापित करने में जुटा है। तीनों वर्गों में एक साथ पदक तालिका में शीर्ष पर रहना भारत की गहराई और विविधता को दर्शाता है।
आगे की राह
इस प्रदर्शन से उत्साहित भारतीय दल का ध्यान अब आगामी विश्व चैंपियनशिप की तैयारी पर केंद्रित होगा। सागर जगलान, दीपक और महिला वर्ग की मनीषा जैसे पहलवान अपनी विश्व रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद कर सकते हैं।