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उलानबातर ओपन में भारत का दबदबा: 8 गोल्ड और 9 ब्रॉन्ज सहित 17 मेडल, ओवरऑल टॉप-3 में जगह

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उलानबातर ओपन में भारत का दबदबा: 8 गोल्ड और 9 ब्रॉन्ज सहित 17 मेडल, ओवरऑल टॉप-3 में जगह

सारांश

उलानबातर ओपन में भारत ने 17 मेडल जीतकर कुश्ती में अपनी ताकत का लोहा मनवाया — ग्रीको-रोमन में ऐतिहासिक टीम खिताब, फ्रीस्टाइल में रूस के बाद दूसरा स्थान, और महिला वर्ग में तीन गोल्ड। यह प्रदर्शन विश्व चैंपियनशिप की तैयारी का मजबूत संकेत है।

मुख्य बातें

भारत ने उलानबातर ओपन सीनियर रैंकिंग सीरीज में तीनों वर्गों में कुल 17 मेडल (8 गोल्ड, 9 ब्रॉन्ज) जीते।
अंतिम दिन दीपक (61 किलोग्राम), सागर जगलान (74 किलोग्राम) और दिनेश (125 किलोग्राम) ने फ्रीस्टाइल गोल्ड जीते।
ग्रीको-रोमन टीम ने 119 अंकों के साथ ऐतिहासिक ओवरऑल टीम चैंपियनशिप जीती।
पुरुष फ्रीस्टाइल में भारत रूस के बाद दूसरे स्थान पर रहा।
महिला वर्ग में मनीषा , नेहा और काजल ने गोल्ड, जबकि नीलम , हंसिका लांबा , मानसी और प्रिया ने ब्रॉन्ज मेडल जीते।
भारत ने ओवरऑल टीम रैंकिंग में टॉप-3 में जगह बनाई।

भारतीय कुश्ती दल ने उलानबातर ओपन सीनियर रैंकिंग सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों कैटेगरी — फ्रीस्टाइल, ग्रीको-रोमन और महिला कुश्ती — में कुल 17 मेडल (8 गोल्ड और 9 ब्रॉन्ज) जीते और ओवरऑल टीम रैंकिंग में टॉप-3 में अपनी जगह पक्की की। अंतिम दिन रविवार, 8 जून 2026 को भारतीय फ्रीस्टाइल टीम ने 3 गोल्ड सहित 7 मेडल जीतकर इस अभियान को यादगार अंत दिया।

आखिरी दिन के स्वर्णिम प्रदर्शन

अंतिम दिन के तीन गोल्ड हीरो रहे — दीपक, दिनेश और सागर जगलानदीपक ने 61 किलोग्राम फ्रीस्टाइल फाइनल में कजाकिस्तान के असिल ऐताकिन को 6-0 से एकतरफा मात देकर गोल्ड पर कब्जा किया। 125 किलोग्राम भार वर्ग में दिनेश ने कजाकिस्तान के येदिगे कासिमबेक को 2-0 से पराजित किया। 74 किलोग्राम वर्ग में सागर जगलान ने रूस के तामिर एशिनिमाएव को 3-2 के करीबी मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक जीता।

फ्रीस्टाइल में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालों में सुमित (57 किलोग्राम), कुमार मोहित (65 किलोग्राम), जयदीप (74 किलोग्राम) और विक्की (97 किलोग्राम) शामिल रहे। पुरुष फ्रीस्टाइल टीम रैंकिंग में भारत ने रूस के बाद दूसरा स्थान हासिल किया।

ग्रीको-रोमन में ऐतिहासिक चैंपियनशिप

भारतीय ग्रीको-रोमन टीम ने 119 अंकों के साथ ओवरऑल टीम चैंपियनशिप जीती, जिसे आयोजकों ने ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। सुनील ने 87 किलोग्राम फाइनल में आजाद सालिदिनोव को 4-1 से और नितेश ने 97 किलोग्राम में नुरासिल अमानाली को 13-9 से हराकर गोल्ड मेडल जीते। साहिल ने 60 किलोग्राम में ब्रॉन्ज जोड़ा।

महिला कुश्ती में भी चमका भारत

महिला दल ने 3 गोल्ड और 4 ब्रॉन्ज सहित कुल 7 मेडल जीतकर टीम की ओवरऑल रैंकिंग को मजबूती दी। मनीषा ने 57 किलोग्राम में डीपीआर कोरिया की सिम सोन को 3-1 से, नेहा ने 59 किलोग्राम में डीपीआर कोरिया की प्योल होंग को 5-3 से और काजल ने 76 किलोग्राम में नाइजीरिया की डमोला एच ओजो को 8-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीते।

ब्रॉन्ज मेडल विजेताओं में नीलम (50 किलोग्राम), हंसिका लांबा (55 किलोग्राम), मानसी (62 किलोग्राम) और प्रिया (76 किलोग्राम) शामिल रहीं।

भारत के लिए क्यों अहम है यह सफलता

उलानबातर ओपन एक सीनियर रैंकिंग सीरीज टूर्नामेंट है, जिसके अंक विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक क्वालिफिकेशन चक्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कुश्ती संघ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की पहचान को पुनर्स्थापित करने में जुटा है। तीनों वर्गों में एक साथ पदक तालिका में शीर्ष पर रहना भारत की गहराई और विविधता को दर्शाता है।

आगे की राह

इस प्रदर्शन से उत्साहित भारतीय दल का ध्यान अब आगामी विश्व चैंपियनशिप की तैयारी पर केंद्रित होगा। सागर जगलान, दीपक और महिला वर्ग की मनीषा जैसे पहलवान अपनी विश्व रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय कुश्ती की नई गहराई का प्रमाण है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रशासनिक उठापटक के बावजूद पहलवानों ने मैट पर निरंतरता बनाए रखी है। असली सवाल यह है कि क्या यह रैंकिंग सीरीज की सफलता विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक चक्र में भी दोहराई जा सकती है, जहाँ प्रतिस्पर्धा का स्तर कहीं ऊँचा होता है। तीनों वर्गों में एक साथ पदक जीतना संकेत देता है कि भारत की बेंच स्ट्रेंथ अब सिर्फ एक-दो बड़े नामों पर निर्भर नहीं रही।
RashtraPress
7 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उलानबातर ओपन में भारत ने कुल कितने मेडल जीते?
भारत ने उलानबातर ओपन सीनियर रैंकिंग सीरीज में तीनों कैटेगरी मिलाकर कुल 17 मेडल जीते — 8 गोल्ड और 9 ब्रॉन्ज। इसके साथ भारत ने ओवरऑल टीम रैंकिंग में टॉप-3 में जगह बनाई।
उलानबातर ओपन के अंतिम दिन किन भारतीय पहलवानों ने गोल्ड जीते?
अंतिम दिन दीपक ने 61 किलोग्राम फ्रीस्टाइल में, सागर जगलान ने 74 किलोग्राम में और दिनेश ने 125 किलोग्राम में गोल्ड मेडल जीते। तीनों ने अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में कजाकिस्तान और रूस के प्रतिद्वंद्वियों को पराजित किया।
ग्रीको-रोमन में भारत की टीम चैंपियनशिप क्यों ऐतिहासिक मानी जा रही है?
भारतीय ग्रीको-रोमन टीम ने 119 अंकों के साथ ओवरऑल टीम चैंपियनशिप जीती, जो इस वर्ग में भारत की असाधारण उपलब्धि है। सुनील (87 किलोग्राम) और नितेश (97 किलोग्राम) के गोल्ड मेडल इस जीत की नींव रहे।
महिला कुश्ती में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
महिला वर्ग में भारत ने 7 मेडल जीते — मनीषा (57 किलोग्राम), नेहा (59 किलोग्राम) और काजल (76 किलोग्राम) ने गोल्ड जीते, जबकि नीलम, हंसिका लांबा, मानसी और प्रिया ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए।
उलानबातर ओपन सीनियर रैंकिंग सीरीज का महत्त्व क्या है?
यह एक अंतरराष्ट्रीय सीनियर रैंकिंग सीरीज टूर्नामेंट है जिसके अंक विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक क्वालिफिकेशन चक्र में गिने जाते हैं। इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन पहलवानों की विश्व रैंकिंग सुधारने में सीधी भूमिका निभाता है।
राष्ट्र प्रेस
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