क्या 2025 में कुश्ती में जूनियर्स ने बिखेरी चमक, और सीनियर्स का जलवा?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 29 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2025 में अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में भारतीय युवा पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन किया है, जबकि सीनियर्स के लिए यह वर्ष मिलाजुला रहा। आइए इस वर्ष कुश्ती में भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर नजर डालते हैं।
अंडर 17 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप: ग्रीस के एथेंस में 28 जुलाई से 3 अगस्त तक आयोजित इस चैंपियनशिप में भारत ने कुल 9 पदक जीते, जिनमें 4 स्वर्ण, 4 रजत और 1 कांस्य शामिल हैं।
भारतीय महिला फ्रीस्टाइल टीम ने 151 अंकों के साथ अपने खिताब की सफल रक्षा की।
अंडर 23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप: सर्बिया के नेवी साद में 20-27 अक्टूबर के बीच आयोजित इस चैंपियनशिप में भारत ने 9 पदक जीते, जिनमें 1 स्वर्ण, 2 रजत और 6 कांस्य शामिल हैं।
महिला फ्रीस्टाइल में भारत ने 121 अंकों के साथ टीम खिताब अपने नाम किया। सुजीत कलकल ने 56 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड जीता, उन्होंने फाइनल में उज्बेकिस्तान के उमिदजोन जलोलोव को 10-0 से हराया।
अंडर 27 और अंडर 17 एशियन चैंपियनशिप: वियतनाम के वुंग ताऊ में आयोजित इस चैंपियनशिप में भारत ने कुल 35 पदक जीते (18 स्वर्ण, 10 रजत, 7 कांस्य)।
18-26 जून तक आयोजित इस चैंपियनशिप में पुरुष और महिला फ्रीस्टाइल तथा ग्रीको-रोमन वर्ग में 60 भारतीय पहलवानों ने भाग लिया।
उलानबातर ओपन: 29 मई से 1 जून तक मंगोलिया में आयोजित इस चैंपियनशिप में भारत ने 21 पदक (6 स्वर्ण, 7 रजत, 8 कांस्य) जीते।
पॉलीक इमरे एंड वर्गा जानोस मेमोरियल: हंगरी के बुडापेस्ट में 17-20 जुलाई को आयोजित इस टूर्नामेंट में भारत ने 10 पदक (3 स्वर्ण, 3 रजत, 4 कांस्य) जीते। स्वर्ण पदक विजेताओं में अंतिम पंघाल (महिला 53 किग्रा), हर्षिता (महिला 72 किग्रा) और सुजीत कलकल (पुरुष 65 किग्रा) शामिल हैं।