15 जुलाई 2026
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एशियन यूथ बॉक्सिंग 2025: भारतीय महिलाओं ने जकार्ता में जीते 5 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज

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एशियन यूथ बॉक्सिंग 2025: भारतीय महिलाओं ने जकार्ता में जीते 5 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज

सारांश

जकार्ता में भारतीय महिला मुक्केबाज़ों ने एशियन अंडर-19 और अंडर-23 चैंपियनशिप में 5 गोल्ड समेत 19 पदक जीते। चंद्रिका पुजारी और निशा की 5:0 की जीतें सबसे चमकदार रहीं — यह एशियाई युवा मुक्केबाज़ी में भारत की बढ़ती ताक़त का प्रमाण है।

मुख्य बातें

भारतीय महिलाओं ने जकार्ता में 15 जुलाई 2025 को कुल 5 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल जीते।
अंडर-19 वर्ग में 2 गोल्ड और 6 सिल्वर ; चंद्रिका पुजारी ने 51 किलोग्राम में उज़्बेकिस्तान को 5:0 से हराया।
अंडर-23 वर्ग में 1 गोल्ड, 4 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज ; निशा ने 54 किलोग्राम में जापान को 5:0 से हराया।
निकिता चंद (60 किग्रा), काजल (65 किग्रा) और मुस्कान (75 किग्रा) फाइनल में उज़्बेकिस्तान से हारकर सिल्वर पर रहीं।
यह प्रदर्शन एशियाई युवा मुक्केबाज़ी में भारतीय महिलाओं की निरंतर बढ़ती बादशाहत को दर्शाता है।

भारतीय महिला मुक्केबाज़ों ने 15 जुलाई 2025 को जकार्ता, इंडोनेशिया में आयोजित एशियन अंडर-19 और अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फाइनल में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कुल 5 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल जीते। यह प्रदर्शन एशियाई आयु वर्ग मुक्केबाज़ी में भारत की बढ़ती ताक़त का स्पष्ट संकेत है।

अंडर-19 महिला वर्ग: युवा मुक्केबाज़ों का दमदार प्रदर्शन

अंडर-19 महिला कैटेगरी में भारत ने 2 गोल्ड और 6 सिल्वर मेडल अपने नाम किए। 51 किलोग्राम भार वर्ग में चंद्रिका पुजारी ने उज़्बेकिस्तान की नाज़ोकत मार्डोनोवा को 5:0 के एकतरफ़ा स्कोर से पराजित कर गोल्ड मेडल हासिल किया। इसी कैटेगरी में प्राची ने इंडोनेशिया की दिरा आर्टिका को मात देकर दूसरा गोल्ड भारत की झोली में डाला। शेष भारतीय फाइनलिस्ट ने भी कड़ी टक्कर दी, लेकिन उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

अंडर-23 महिला वर्ग: निशा की 5:0 की जीत बनी हाइलाइट

अंडर-23 महिला कैटेगरी में भारत ने 1 गोल्ड, 4 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल जीते। 54 किलोग्राम वर्ग में निशा ने जापान की कोइन कोकुफु को 5:0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह जीत इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि जापान की मुक्केबाज़ इस भार वर्ग में मज़बूत दावेदार मानी जाती थीं।

सिल्वर और ब्रॉन्ज विजेता

निकिता चंद (60 किलोग्राम), काजल (65 किलोग्राम) और मुस्कान (75 किलोग्राम) ने अपने-अपने फाइनल में उज़्बेकिस्तान की मज़बूत प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर ली, लेकिन उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। 4 ब्रॉन्ज मेडल उन मुक्केबाज़ों को मिले जो सेमीफाइनल तक पहुँचीं — जो विभिन्न भार वर्गों में भारत की गहरी प्रतिभा को दर्शाता है।

भारत की एशियाई मुक्केबाज़ी में बढ़ती बादशाहत

गौरतलब है कि यह परिणाम एशियाई युवा मुक्केबाज़ी में भारत की निरंतर बढ़ती उपस्थिति को रेखांकित करता है। अंडर-19 और अंडर-23 — दोनों वर्गों में भारतीय महिला मुक्केबाज़ों ने एक साथ पोडियम पर जगह बनाई, जो देश की युवा प्रतिभा-पाइपलाइन की मज़बूती को उजागर करती है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाज़ी संघ वरिष्ठ स्तर पर ओलंपिक कोटा हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है। भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में इन युवा मुक्केबाज़ों का प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इनमें से कितने मुक्केबाज़ वरिष्ठ एशियाई और ओलंपिक स्तर तक पहुँच पाते हैं — एक ऐसी राह जहाँ भारतीय मुक्केबाज़ी का ट्रैक रिकॉर्ड मिला-जुला रहा है। उज़्बेकिस्तान की मज़बूत चुनौती — जिसने कई फाइनल में भारतीय मुक्केबाज़ों को रोका — यह भी संकेत देती है कि एशियाई प्रतिस्पर्धा का स्तर तेज़ी से ऊपर उठ रहा है। भारतीय मुक्केबाज़ी संघ के लिए इन युवा प्रतिभाओं को सुव्यवस्थित कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र देना अगली प्राथमिकता होनी चाहिए, वरना पदक केवल आयु वर्ग तक सीमित रह जाएँगे।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन अंडर-19 और अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025 में भारत ने कितने मेडल जीते?
भारत ने महिला वर्ग में कुल 19 मेडल जीते — 5 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज। अंडर-19 में 2 गोल्ड व 6 सिल्वर और अंडर-23 में 1 गोल्ड, 4 सिल्वर व 4 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
चंद्रिका पुजारी ने किसे हराकर गोल्ड मेडल जीता?
चंद्रिका पुजारी ने अंडर-19 के 51 किलोग्राम वर्ग में उज़्बेकिस्तान की नाज़ोकत मार्डोनोवा को 5:0 के स्कोर से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
अंडर-23 वर्ग में भारत की गोल्ड मेडलिस्ट कौन रहीं?
अंडर-23 के 54 किलोग्राम वर्ग में निशा ने जापान की कोइन कोकुफु को 5:0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह अंडर-23 कैटेगरी में भारत का एकमात्र स्वर्ण पदक रहा।
भारत के किन मुक्केबाज़ों को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा?
अंडर-23 वर्ग में निकिता चंद (60 किग्रा), काजल (65 किग्रा) और मुस्कान (75 किग्रा) अपने-अपने फाइनल में उज़्बेकिस्तान की प्रतिद्वंद्वियों से हारकर सिल्वर पर रहीं। अंडर-19 में भी कई भारतीय फाइनलिस्ट सिल्वर मेडल जीतीं।
यह चैंपियनशिप कहाँ और कब आयोजित हुई?
एशियन अंडर-19 और अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फाइनल 15 जुलाई 2025 को इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित हुए।
राष्ट्र प्रेस
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