एशियन यूथ बॉक्सिंग 2025: भारतीय महिलाओं ने जकार्ता में जीते 5 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला मुक्केबाज़ों ने 15 जुलाई 2025 को जकार्ता, इंडोनेशिया में आयोजित एशियन अंडर-19 और अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फाइनल में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कुल 5 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल जीते। यह प्रदर्शन एशियाई आयु वर्ग मुक्केबाज़ी में भारत की बढ़ती ताक़त का स्पष्ट संकेत है।
अंडर-19 महिला वर्ग: युवा मुक्केबाज़ों का दमदार प्रदर्शन
अंडर-19 महिला कैटेगरी में भारत ने 2 गोल्ड और 6 सिल्वर मेडल अपने नाम किए। 51 किलोग्राम भार वर्ग में चंद्रिका पुजारी ने उज़्बेकिस्तान की नाज़ोकत मार्डोनोवा को 5:0 के एकतरफ़ा स्कोर से पराजित कर गोल्ड मेडल हासिल किया। इसी कैटेगरी में प्राची ने इंडोनेशिया की दिरा आर्टिका को मात देकर दूसरा गोल्ड भारत की झोली में डाला। शेष भारतीय फाइनलिस्ट ने भी कड़ी टक्कर दी, लेकिन उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
अंडर-23 महिला वर्ग: निशा की 5:0 की जीत बनी हाइलाइट
अंडर-23 महिला कैटेगरी में भारत ने 1 गोल्ड, 4 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल जीते। 54 किलोग्राम वर्ग में निशा ने जापान की कोइन कोकुफु को 5:0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह जीत इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि जापान की मुक्केबाज़ इस भार वर्ग में मज़बूत दावेदार मानी जाती थीं।
सिल्वर और ब्रॉन्ज विजेता
निकिता चंद (60 किलोग्राम), काजल (65 किलोग्राम) और मुस्कान (75 किलोग्राम) ने अपने-अपने फाइनल में उज़्बेकिस्तान की मज़बूत प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर ली, लेकिन उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। 4 ब्रॉन्ज मेडल उन मुक्केबाज़ों को मिले जो सेमीफाइनल तक पहुँचीं — जो विभिन्न भार वर्गों में भारत की गहरी प्रतिभा को दर्शाता है।
भारत की एशियाई मुक्केबाज़ी में बढ़ती बादशाहत
गौरतलब है कि यह परिणाम एशियाई युवा मुक्केबाज़ी में भारत की निरंतर बढ़ती उपस्थिति को रेखांकित करता है। अंडर-19 और अंडर-23 — दोनों वर्गों में भारतीय महिला मुक्केबाज़ों ने एक साथ पोडियम पर जगह बनाई, जो देश की युवा प्रतिभा-पाइपलाइन की मज़बूती को उजागर करती है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाज़ी संघ वरिष्ठ स्तर पर ओलंपिक कोटा हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है। भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में इन युवा मुक्केबाज़ों का प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।