जकार्ता एशियन बॉक्सिंग: अंडर-23 में भारत के 6 मुक्केबाज सेमीफाइनल में, पदक पक्के
सारांश
मुख्य बातें
जकार्ता में जारी एशियन अंडर-19 और अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाजों ने 10 जुलाई को शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-23 पुरुष वर्ग में छह पदक सुनिश्चित कर लिए, क्योंकि इतने ही मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। 5 जुलाई से 16 जुलाई तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में भारत की टीम ने अलग-अलग भार वर्गों में अपनी गहराई और प्रतिभा का परिचय दिया है।
अंडर-23 पुरुष: सेमीफाइनलिस्ट और उनके मुकाबले
एशियन चैंपियन विश्वनाथ (50 किग्रा) ने सऊदी अरब के इब्राहिम अलजोहानी को 5:0 के एकतरफा फैसले से हराकर अपना दबदबा कायम रखा। गंगा (55 किग्रा) ने वियतनाम के क्वांग लोक ट्रान के खिलाफ 5:0 से जीत दर्ज की।
वंशज (65 किग्रा) ने कजाकिस्तान के असिलखान कोशेरबे को 4:1 से मात दी, जबकि हितेश (70 किग्रा) ने इंडोनेशिया के रेडियानश्या को पहले ही राउंड में आरएससी (रेफरी स्टॉप्ड कॉन्टेस्ट) के जरिए बाहर कर दिया। नीरज (75 किग्रा) और इशान कटारिया (+90 किग्रा) भी सेमीफाइनल में पहुँचे हैं।
कुछ निराशाजनक नतीजे भी
हालाँकि सभी मुकाबले एकतरफा नहीं रहे। आर्यन मलिक (80 किग्रा) को 4:1 और रॉकी चौधरी (85 किग्रा) को 4:0 के फैसले से हार का सामना करना पड़ा। हेमंत सांगवान (90 किग्रा) उज्बेकिस्तान के समीर सोबिरोव से 5:0 के बड़े अंतर से पराजित हुए। इन हारों के बावजूद भारत की कुल पदक संख्या प्रभावशाली बनी हुई है।
अंडर-19 महिला वर्ग में भी भारत का दमदार प्रदर्शन
इससे एक दिन पहले, शुक्रवार को भारत की अंडर-19 महिला मुक्केबाजों ने भी जोरदार प्रदर्शन किया। चंद्रिका भोरेश पुजारी (51 किग्रा) ने कजाकिस्तान की जादिरा कलटे को 5:0 से, जॉयश्री देवी (54 किग्रा) ने कजाकिस्तान की मराल टोलेपबर्गेन को 5:0 से और प्राची (57 किग्रा) ने उज्बेकिस्तान की रोबिया रावशानोवा को 5:0 से हराया।
चाहत (60 किग्रा) ने कजाकिस्तान की झास्मिन अब्रामयान को 5:0 से मात दी। गुंजन (48 किग्रा) ने मंगोलिया की अल्तानजुल अल्तांगदास को कड़े मुकाबले में 3:0 से और अंशिका (75 किग्रा) ने कजाकिस्तान की अल्टिंगुल ऐमुखान को 4:1 से पराजित किया।
भारतीय बॉक्सिंग की गहराई का प्रमाण
यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि भारतीय बॉक्सिंग अब सिर्फ एक-दो सितारों पर निर्भर नहीं है, बल्कि एकाधिक भार वर्गों में प्रतिस्पर्धी प्रतिभा तैयार हो रही है। गौरतलब है कि यह टूर्नामेंट युवा मुक्केबाजों के लिए एशियाई स्तर पर खुद को साबित करने का एक अहम मंच है। 16 जुलाई तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में भारत के पदकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।