15 जुलाई 2026
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भारत-यूके एफटीए लागू: भरूच से रेनो के लिए ब्रेक पार्ट्स की पहली खेप ब्रिटेन रवाना

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भारत-यूके एफटीए लागू: भरूच से रेनो के लिए ब्रेक पार्ट्स की पहली खेप ब्रिटेन रवाना

सारांश

भारत-यूके एफटीए लागू होने के पहले ही दिन गुजरात के भरूच से रेनो के लिए ब्रेक पार्ट्स की पहली खेप ब्रिटेन रवाना हो गई — यह महज एक शिपमेंट नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में बढ़ती पकड़ का प्रतीक है।

मुख्य बातें

15 जुलाई 2026 को भारत-यूके एफटीए आधिकारिक रूप से लागू हुआ।
भरूच के झगड़िया जीआईडीसी स्थित ब्रेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से रेनो के लिए 13,200 ब्रेक कास्टिंग नग (कुल 39,020 यूरो ) की पहली खेप यूके रवाना।
टेक्सटाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग उत्पाद, कृषि वस्तुएँ अब यूके में ड्यूटी फ्री बिक सकेंगी।
भारत-यूके एफटीए को 'मॉडल समझौता' बताया गया; इसी आधार पर भारत-EU एफटीए अगले वर्ष लागू होने की संभावना।
इससे पहले यूएई , ऑस्ट्रेलिया और ओमान के साथ एफटीए से भारतीय उद्यमियों को लाभ मिल रहा है।

भारत-यूनाइटेड किंगडम मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के अंतर्गत 15 जुलाई 2026 को गुजरात के भरूच जिले के झगड़िया जीआईडीसी स्थित ब्रेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की फ्लोमेटालिक यूनिट से यूके के लिए पहली आधिकारिक निर्यात खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह ऐतिहासिक क्षण भारत-यूके एफटीए के व्यावहारिक क्रियान्वयन की शुरुआत का प्रतीक है, जो दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देता है।

पहली खेप का विवरण

यूके रवाना की गई इस पहली खेप में रेनो कंपनी के लिए तैयार किए गए ब्रेक के लोहे के कास्टिंग के 13,200 नग शामिल हैं। इन पुर्जों का कुल वजन 25,656 किलोग्राम और कुल मूल्य 39,020 यूरो है। यह खेप झगड़िया जीआईडीसी की फ्लोमेटालिक यूनिट में निर्मित है, जो ऑटोमोटिव ब्रेकिंग सिस्टम के कंपोनेंट बनाने में विशेषज्ञता रखती है।

मुख्य घटनाक्रम और उपस्थित गणमान्य

इस अवसर पर डीजीएफटी के आईएएस अधिकारी अनुपम कुमार, भरूच के सांसद मनसुखभाई वसावा, सेवंतुभाई वसावा और रवजीभाई वसावा उपस्थित रहे। अनुपम कुमार ने कहा कि भारत-यूके एफटीए आज से लागू हो गया है और इस समझौते के तहत टेक्सटाइल, गारमेंट्स, ज्वेलरी, इंजीनियरिंग उत्पाद, मशीन पार्ट्स, फार्मा उत्पाद और किसानों की फसल समेत खाद्य वस्तुएँ यूके में ड्यूटी फ्री बेची जा सकेंगी।

एफटीए का व्यापक महत्व

अनुपम कुमार के अनुसार, भारत-यूके एफटीए एक 'मॉडल समझौता' है — इसी के आधार पर भारत-यूरोपीय संघ (EU) एफटीए भी संपन्न हुआ है, जो अगले वर्ष लागू होने की संभावना है। यूरोपीय संघ एक विशाल बाज़ार है, और इसके साथ समझौते का क्रियान्वयन भारतीय निर्यातकों के लिए एक और बड़ा अवसर होगा। गौरतलब है कि इससे पहले भारत यूएई, ऑस्ट्रेलिया और ओमान के साथ एफटीए कर चुका है, जिनसे उद्यमियों को पहले ही लाभ मिल रहा है।

उद्यमियों और किसानों पर असर

सांसद मनसुखभाई वसावा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के लक्ष्य को इस एफटीए से बल मिल रहा है। फार्मा, केमिकल, पेट्रोकेमिकल्स और ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़े कंपोनेंट निर्माताओं के लिए यूके में प्रतिस्पर्धी दर पर उत्पाद बेचने का रास्ता खुल गया है। इसके साथ ही कृषि उत्पादों और खाद्य वस्तुओं को भी ड्यूटी-फ्री पहुँच मिलने से किसानों को सीधा लाभ होने की उम्मीद है।

आगे की राह

भारत-यूके एफटीए के क्रियान्वयन के साथ भारतीय निर्यातकों के लिए एक नया अध्याय शुरू हो गया है। भरूच जैसे औद्योगिक केंद्रों से निकलने वाली यह पहली खेप दर्शाती है कि गुजरात के एमएसएमई और मध्यम उद्योग वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी जगह बना रहे हैं। आने वाले महीनों में अन्य क्षेत्रों से भी एफटीए का लाभ उठाते हुए निर्यात खेपों में वृद्धि अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा एफटीए के दीर्घकालिक क्रियान्वयन में है। भारत के पिछले एफटीए — विशेषकर आसियान के साथ — में यह देखा गया कि शुरुआती उत्साह के बाद व्यापार घाटा बढ़ा और घरेलू उद्योग दबाव में आए। यूके एफटीए में यदि ड्यूटी-फ्री पहुँच का लाभ केवल बड़े निर्यातकों तक सीमित रहा और एमएसएमई इसका उपयोग नहीं कर पाए, तो यह समझौता अपने व्यापक उद्देश्य से चूक सकता है। भारत-EU एफटीए का अगले वर्ष लागू होना निश्चित रूप से बड़ा अवसर है, पर उसके लिए मानक, नियामक अनुपालन और प्रमाणन ढाँचे को पहले से मज़बूत करना होगा।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-यूके एफटीए क्या है और यह कब लागू हुआ?
भारत-यूनाइटेड किंगडम मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 15 जुलाई 2026 को लागू हुआ। इस समझौते के तहत भारतीय टेक्सटाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग उत्पाद, कृषि वस्तुएँ और अन्य कई श्रेणियाँ यूके में ड्यूटी-फ्री निर्यात की जा सकेंगी।
भरूच से यूके भेजी गई पहली खेप में क्या था?
भरूच के झगड़िया जीआईडीसी स्थित ब्रेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की फ्लोमेटालिक यूनिट से रेनो कंपनी के लिए ब्रेक के लोहे के कास्टिंग के 13,200 नग भेजे गए। इनका कुल वजन 25,656 किलोग्राम और मूल्य 39,020 यूरो है।
भारत-यूके एफटीए से किन क्षेत्रों को फायदा होगा?
डीजीएफटी अधिकारी अनुपम कुमार के अनुसार, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, ज्वेलरी, इंजीनियरिंग उत्पाद, मशीन पार्ट्स, फार्मा, केमिकल, पेट्रोकेमिकल्स और कृषि उत्पाद — सभी को यूके में ड्यूटी-फ्री पहुँच मिलेगी। ग्लोबल सप्लाई चेन में कंपोनेंट निर्माताओं के लिए भी बड़ा बाज़ार खुलेगा।
भारत-EU एफटीए कब लागू होगा?
अनुपम कुमार के अनुसार, भारत-यूके एफटीए के आधार पर भारत-यूरोपीय संघ (EU) एफटीए भी संपन्न हुआ है और यह अगले वर्ष लागू होने की संभावना है। EU एक विशाल बाज़ार है, जो भारतीय निर्यातकों के लिए और बड़ा अवसर लाएगा।
भारत ने अब तक किन देशों के साथ एफटीए किए हैं?
भारत-यूके एफटीए से पहले भारत यूएई, ऑस्ट्रेलिया और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर चुका है। इन समझौतों से भारतीय उद्यमियों को पहले से ही लाभ मिल रहा है और निर्यात में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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