जयशंकर की ब्रसेल्स में बड़ी बैठकें: भारत-EU ने स्टार्टअप, IMEC और हरित ऊर्जा पर बनाई रणनीति
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 15 जुलाई 2026 को ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के शीर्ष अधिकारियों के साथ कई अहम बैठकें कीं, जिनमें स्वच्छ ऊर्जा तकनीक, स्टार्टअप सहयोग, कनेक्टिविटी और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) पर केंद्रित चर्चाएँ हुईं। यह दौरा इस वर्ष की शुरुआत में हुए ऐतिहासिक भारत-EU शिखर सम्मेलन के बाद साझेदारी को ठोस रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इनोवेशन और स्टार्टअप पर केंद्रित बैठक
जयशंकर ने EU की स्टार्टअप्स, रिसर्च और इनोवेशन कमिश्नर एकातेरिना जहारिएवा से मुलाकात की, जिसमें होराइजन यूरोप कार्यक्रम से भारत को जोड़ने और हरित ऊर्जा तकनीकों में साझा इनोवेशन हब स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इस बैठक में बेल्जियम और EU में भारत के राजदूत प्रणय वर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
जहारिएवा ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "जब यूरोप और भारत मिलकर इनोवेशन करते हैं, तो हम सिर्फ नई तकनीकें विकसित नहीं करते, बल्कि भविष्य को आकार देते हैं।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत के करीब 5 लाख स्टार्टअप्स को होराइजन यूरोप से जोड़ने की संभावना दोनों पक्षों के लिए परिवर्तनकारी हो सकती है।
IMEC और ग्रीन शिपिंग पर सिकेला से बातचीत
इससे पहले जयशंकर ने EU के इंटरनेशनल पार्टनरशिप कमिश्नर जोजेफ सिकेला से भेंट की। इस बैठक में IMEC के क्रियान्वयन, त्रिपक्षीय साझेदारी के ढाँचे और ग्रीन शिपिंग में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। IMEC — जो भारत को मध्य पूर्व के रास्ते यूरोप से जोड़ने वाला प्रस्तावित आर्थिक गलियारा है — वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन के संदर्भ में दोनों पक्षों की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर है।
यूरोपीय परिषद अध्यक्ष कोस्टा से मुलाकात
जयशंकर ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से भी मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएँ पहुँचाईं। इस बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, इलेक्ट्रॉनिक्स और IT राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय के. सूद भी उपस्थित थे। बैठक में व्यापार और तकनीकी सहयोग को गति देने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
गौरतलब है कि इस वर्ष की शुरुआत में हुए भारत-EU शिखर सम्मेलन के बाद दोनों पक्षों के बीच उच्च-स्तरीय संवाद की गति उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। ब्रसेल्स की यह यात्रा उसी निरंतरता का हिस्सा है।
काजा कल्लास से पूर्व में हुई बातचीत
मंगलवार को जयशंकर ने EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास से भी व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
आगे क्या होगा
ब्रसेल्स की इन बैठकों से भारत-EU संबंधों में तकनीक, व्यापार और हरित ऊर्जा के क्षेत्रों में ठोस सहयोग की नींव मज़बूत होती दिख रही है। होराइजन यूरोप से जुड़ाव और IMEC पर आगे की कार्ययोजना आने वाले महीनों में दोनों पक्षों के एजेंडे पर केंद्रीय स्थान रखेगी।