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रायसीना डायलॉग में एस. जयशंकर और ईरानी उप विदेश मंत्री की महत्वपूर्ण चर्चा

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रायसीना डायलॉग में एस. जयशंकर और ईरानी उप विदेश मंत्री की महत्वपूर्ण चर्चा

सारांश

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रायसीना डायलॉग 2026 में ईरान के उप विदेश मंत्री से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की।

मुख्य बातें

जयशंकर और सईद खतीबजादेह के बीच महत्वपूर्ण वार्ता।
मिडिल ईस्ट में तनाव और संघर्ष पर चर्चा।
रायसीना डायलॉग 2026 का आयोजन नई दिल्ली में।
अंतरराष्ट्रीय नेताओं की भागीदारी।
वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श।

नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शुक्रवार को नई दिल्ली में रायसीना डायलॉग 2026 के अवसर पर ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह से वार्ता की।

यह बातचीत उस समय हो रही है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ रहा है, जो 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों से शुरू हुआ था।

इन हमलों का उद्देश्य तेहरान की मिसाइल क्षमताओं, सैन्य ढांचे और उसके परमाणु ऊर्जा बनने के प्रयासों को कमजोर करना था।

ऑपरेशन की शुरुआत में ईरानी नेतृत्व के कई प्रमुख नेता मारे गए, जिनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई भी शामिल थे। इसके जवाब में, ईरान ने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियों, क्षेत्रीय राजधानियों और सहयोगी सेनाओं को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले किए।

भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक मुद्दों पर आधारित भारत की प्रमुख कॉन्फ्रेंस, रायसीना डायलॉग का 11वां संस्करण गुरुवार को नई दिल्ली में प्रारंभ हुआ, जिसमें विश्व के विभिन्न नेता, नीति निर्माता और रणनीतिक विशेषज्ञ एकत्र हुए।

यह तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) द्वारा विदेश मंत्रालय के सहयोग से आयोजित की गई है, जिसमें देश के प्रमुख, मंत्री, शिक्षाविद, उद्योग जगत के नेता, थिंक टैंक और मीडिया के सदस्य वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किए गए हैं।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस दौरान यूरोप के लिए फ्रांस के राजनीतिज्ञ बेंजामिन हद्दाद, जर्मन आर्थिक सहयोग और विकास मंत्रालय के राज्य सचिव नील्स एनेन और तंजानिया के उपविदेश मंत्री नगवारू जुमाने माघेम्बे से भी मुलाकात की।

रायसीना डायलॉग के इस संस्करण का उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 मार्च को किया। उद्घाटन सत्र में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और अपना संबोधन दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रायसीना डायलॉग क्या है?
रायसीना डायलॉग एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसमें भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक मुद्दों पर चर्चा की जाती है।
इस बार के रायसीना डायलॉग में कौन-कौन से देश शामिल हुए?
इस बार के रायसीना डायलॉग में विभिन्न देशों के नेता, नीति निर्माता और रणनीतिक विशेषज्ञ शामिल हुए हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच हालिया तनाव का कारण क्या है?
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों ने तनाव को बढ़ाया है, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था।
क्या रायसीना डायलॉग का कोई विशेष उद्देश्य है?
हां, रायसीना डायलॉग का उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करना और विभिन्न देशों के दृष्टिकोण को साझा करना है।
इस वर्ष रायसीना डायलॉग कब हुआ?
रायसीना डायलॉग 2026 का आयोजन 5 से 7 मार्च तक किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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