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रायसीना डायलॉग में एस जयशंकर का बयान- भारत सभी देशों को एक मंच पर लाने में सक्षम है

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रायसीना डायलॉग में एस जयशंकर का बयान- भारत सभी देशों को एक मंच पर लाने में सक्षम है

सारांश

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने रायसीना डायलॉग 2026 में हिंद महासागर में भारत की कूटनीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत सभी देशों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की क्षमता रखता है।

मुख्य बातें

रायसीना डायलॉग 2026 का सफल आयोजन हिंद महासागर में भारत की कूटनीति की प्रभावशीलता भारत की साझेदारी का महत्व इंटरनेशनल कोऑपरेशन में भारत की भूमिका नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर के रूप में भारत

नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग 2026 के 11वें संस्करण का आज अंतिम दिन है। इस अवसर पर भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंद महासागर में भारत की कूटनीति की प्रशंसा की। ईएएम जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत के पास सभी देशों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की क्षमता है, क्योंकि वे हम पर अधिक भरोसा करते हैं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "जब हिंद महासागर का प्रश्न आता है तो भारत की एक विशेष महत्वता है, इसलिए हमारी जिम्मेदारी और योगदान भी खास है। यह केवल इसलिए नहीं है कि हम बड़े और केंद्रीय हैं, बल्कि इसलिए भी है क्योंकि हमारे पास अनेक देशों को एक साथ लाने की सक्षमता है। संभवतः वे हम पर अधिक भरोसा करते हैं या हमारे साथ अधिक सुखद अनुभव रखते हैं।"

ईएएम जयशंकर ने आगे कहा, "मेरे लिए इसका अर्थ यह है कि गुरुग्राम के फ्यूजन सेंटर में इतने सारे देशों के प्रतिनिधि एक साथ कार्य करने को तैयार हैं। यह न केवल हिंद महासागर की महत्ता को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को भी उजागर करता है। हम निरंतर ऐसे संस्थानों का निर्माण कर रहे हैं, जिनमें आईओआर, कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन और बिम्सटेक जैसे मंच शामिल हैं।

भारत और इसके सहयोगियों के बारे में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "जब मैं अपने तीन सहयोगियों, सेशेल्स, मॉरीशस और श्रीलंका को उनकी नौसेनाओं और तट रक्षकों के साथ देखता हूं, तो हमें साथ मिलकर काम करने का एक लंबा इतिहास है। हमने एक साथ प्रशिक्षण किया है और बड़े अभ्यासों में ऑस्ट्रेलिया भी एक महत्वपूर्ण भागीदार है।"

उन्होंने कहा कि आप भारतीय नौसेना या भारतीय तट रक्षक को देखें, वास्तव में उनमें यह एक सामान्य तत्व है। हम समुद्री गतिविधियों में सबसे आगे हैं। हम सिंगापुर में समुद्री डकैती से निपटने वाले संगठन के सदस्य हैं। हम ड्रग्स नेटवर्क का मुकाबला करने में मदद करते हैं, आईयूयू मछली पकड़ने से निपटते हैं। हाल ही में श्रीलंका और मॉरीशस में हुए बड़े ऑयल स्पिल में सबसे पहले भारतीय जहाज ही गए थे। मेरे कहने का मतलब यह है कि जब आपने "नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर" शब्द का उपयोग किया, तो हां, हम एक नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता को भी प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रायसीना डायलॉग 2026 का महत्व क्या है?
रायसीना डायलॉग 2026 एक महत्वपूर्ण मंच है, जहाँ विभिन्न देशों के प्रतिनिधि विचार-विमर्श करते हैं, जो वैश्विक मुद्दों और कूटनीतिक संबंधों पर केंद्रित है।
डॉ. एस जयशंकर ने किस विषय पर बात की?
डॉ. एस जयशंकर ने हिंद महासागर में भारत की कूटनीति और सभी देशों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की भारत की क्षमता पर चर्चा की।
राष्ट्र प्रेस
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