पश्चिम एशिया संकट पर फ्रांस के विदेश मंत्री से जयशंकर की महत्वपूर्ण वार्ता

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पश्चिम एशिया संकट पर फ्रांस के विदेश मंत्री से जयशंकर की महत्वपूर्ण वार्ता

सारांश

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। इस वार्ता का उद्देश्य तनाव को कम करना और कूटनीतिक प्रयासों को बढ़ाना है।

Key Takeaways

  • जयशंकर और बैरोट के बीच विचारों का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण था।
  • संघर्ष 28 फरवरी से जारी है, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए।
  • जयशंकर ने ईरान और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रियों से भी बात की।
  • भारत की कूटनीतिक सक्रियता तनाव को कम करने में सहायक हो सकती है।
  • पश्चिम एशिया की स्थिति वैश्विक सुरक्षा पर बड़ा प्रभाव डालती है।

नई दिल्ली, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के साथ पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर फोन पर संवाद किया।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर साझा किया, ''आज की बातचीत में फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के साथ पश्चिम एशिया के संघर्ष पर विचारों का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण रहा। इसे आगे बढ़ाने की आशा है।”

यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है। यह संघर्ष २८ फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद भड़का, जिसके जवाब में ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों ने अमेरिकी ठिकानों, क्षेत्रीय राजधानियों और सहयोगियों को निशाना बनाया।

एक दिन पहले, विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ फोन पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर बात की।

जयशंकर ने ट्वीट किया, “ईरान के विदेश मंत्री अराघची के साथ वर्तमान स्थिति पर गहन चर्चा हुई। हम संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए।”

यह फोन कॉल दिखाता है कि भारत क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सक्रिय कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते संकट के बीच यह उच्च-स्तरीय वार्ताओं में से एक है।

जयशंकर ने मंगलवार को दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून से भी बात की, जहाँ दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर संवाद किया।

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने कोरियाई प्रायद्वीप और क्षेत्रीय हालात पर भी विचार साझा किए और विशेष रूप से मध्य-पूर्व की स्थिति पर चर्चा की, जो वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव डालती है। दोनों देशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा उपायों में आपसी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।

बातचीत के बाद, मंत्री जयशंकर ने एक बार फिर 'एक्‍स' पर लिखा, “दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून के साथ लाभदायक बातचीत हुई। हमने द्विपक्षीय एजेंडे को आगे बढ़ाने और पश्चिम एशिया की स्थिति, खासकर ऊर्जा पर उसके प्रभाव पर चर्चा की।”

इससे पहले, जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वेडेफुल से भी फोन पर बात की।

Point of View

NationPress
13/03/2026

Frequently Asked Questions

जयशंकर ने किस विषय पर फ्रांस के विदेश मंत्री से बात की?
जयशंकर ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट से बात की।
ईरान के विदेश मंत्री के साथ जयशंकर की बातचीत का क्या विषय था?
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ बातचीत में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर चर्चा की गई।
जयशंकर ने दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री से किस विषय पर चर्चा की?
जयशंकर ने दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून के साथ द्विपक्षीय संबंधों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की।
पश्चिम एशिया में संघर्ष कब शुरू हुआ?
पश्चिम एशिया में संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ।
भारत का इस संघर्ष में क्या रुख है?
भारत ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सक्रिय कूटनीतिक प्रयास किए हैं।
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