भारत-यूके FTA: 15 जुलाई से शून्य आयात शुल्क, भारतीय पेशेवरों को मिलेगी सोशल सिक्योरिटी से राहत — पीयूष गोयल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 12 जुलाई को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भारत-यूनाइटेड किंगडम मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को देश की एक ऐतिहासिक व्यापारिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई से यह समझौता प्रभावी होगा और भारतीय निर्यात, सेवा क्षेत्र तथा यूके में कार्यरत भारतीय पेशेवरों के लिए व्यापक अवसर खुलेंगे।
शून्य आयात शुल्क से निर्यात को नई गति
गोयल ने बताया कि 15 जुलाई से भारत से यूके को भेजे जाने वाले अधिकांश सामानों पर शून्य आयात शुल्क (जीरो इम्पोर्ट ड्यूटी) लागू होगी। उनके अनुसार इससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उन्होंने कहा, "भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। इस समझौते से भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाज़ार में बेहतर अवसर मिलेंगे और देश के निर्यात को नई गति मिलेगी।"
भारतीय पेशेवरों को सोशल सिक्योरिटी कटौती से राहत
मंत्री ने विशेष रूप से यूके में कार्यरत भारतीय युवा पेशेवरों के लिए हुए एक महत्वपूर्ण बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "अब तक यूके में दो से पाँच वर्ष तक काम करने वाले भारतीय पेशेवरों की आय का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा वहाँ की सोशल सिक्योरिटी प्रणाली के तहत कट जाता था, जबकि उन्हें उसका प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल पाता था।" यह स्थिति अब बदलने वाली है।
डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन एग्रीमेंट का ब्यौरा
गोयल ने बताया कि भारत और यूके के बीच 'डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन एग्रीमेंट' भी अंतिम रूप ले चुका है, जो 15 जुलाई से प्रभावी होगा। इसके तहत पाँच वर्ष तक यूके में कार्य करने वाले भारतीय कर्मचारियों को वहाँ सोशल सिक्योरिटी योगदान नहीं देना पड़ेगा। इसके बजाय यह राशि भारत में उनके प्रोविडेंट फंड (PF) खाते में जमा होगी, जिस पर 8.25 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह राशि कर-मुक्त रहेगी और भविष्य में कर्मचारियों तथा उनके परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का ठोस आधार बनेगी।
शिक्षा क्षेत्र में भी मंत्री की भागीदारी
इससे पहले गोयल ने मुंबई में बंट समुदाय द्वारा स्थापित शशिकिरण शेट्टी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के एक कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने संस्थान में अध्ययनरत लगभग 3,000 विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की और बंट समुदाय की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।
आगे क्या होगा
भारत-यूके FTA के 15 जुलाई से लागू होने के बाद निर्यातकों, आईटी पेशेवरों और सेवा क्षेत्र के कर्मचारियों पर इसके व्यावहारिक प्रभावों की निगरानी उद्योग संगठनों द्वारा की जाएगी। यह समझौता भारत के व्यापार विविधीकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।