भारत-यूके एफटीए 15 जुलाई से लागू, कारोबारियों की मदद को 1,000 सलाहकार नियुक्त करेगी सरकार
सारांश
मुख्य बातें
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 26 जून 2026 को लंदन में घोषणा की कि भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का लाभ देश के हर कारोबारी तक पहुँचाने के लिए पूरे भारत में 1,000 सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे। यह ऐतिहासिक व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा और इससे दोनों देशों के बीच सालाना लगभग 25.5 बिलियन पाउंड के अतिरिक्त कारोबार की उम्मीद है।
समझौते की मुख्य विशेषताएँ
भारत-यूके कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (सीईटीए) के तहत माल, सेवाओं और निवेश के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे। मंत्रालय के बयान के अनुसार, 1,000 सलाहकारों की नियुक्ति के साथ-साथ व्यापार से जुड़े ऑनलाइन पोर्टल को भी उन्नत किया जाएगा, ताकि छोटे और मध्यम कारोबारी भी इस समझौते का पूरा फायदा उठा सकें।
गोयल ने 10वें वार्षिक यूके-इंडिया वीक के दौरान इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) कैपिटल फ्रंटियर्स फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-ब्रिटेन साझेदारी अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं रही — दोनों देश अब टेक्नोलॉजी, सॉवरेन एआई, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी सहयोग कर रहे हैं।
भारतीय पेशेवरों को विशेष लाभ
सीईटीए के तहत ब्रिटेन में कार्यरत योग्य भारतीय पेशेवरों को पाँच वर्ष तक सोशल सिक्योरिटी योगदान से छूट मिलेगी। इस प्रकार बचाई गई राशि वे भारत में अपने टैक्स-फ्री भविष्य निधि (पीएफ) खाते में जमा कर सकेंगे — जो ब्याज-सहित लाभ देता है। यह प्रावधान उन लाखों भारतीय पेशेवरों के लिए सीधी आर्थिक राहत है जो ब्रिटेन में कार्यरत हैं।
टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान
भारतीय उच्चायोग और फिक्की (FICCI) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री गोयल ने ब्रिटेन पहुँचे भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि यह अब तक का सबसे बड़ा और सर्वाधिक विविध भारतीय व्यापारिक दल है, जिसमें टियर-2 और टियर-3 शहरों की कंपनियाँ और पहली बार निर्यात करने वाले कारोबारी भी शामिल हैं। यह तथ्य इस बात का संकेत है कि एफटीए का लाभ केवल महानगरों तक नहीं, बल्कि छोटे शहरों तक पहुँचाने की मंशा है।
मंत्री ने बर्मिंघम-गुजरात और मैनचेस्टर-महाराष्ट्र जैसी शहर-स्तरीय साझेदारियों का उदाहरण देते हुए कहा कि इस प्रकार के क्षेत्रीय सहयोग दोनों देशों के दीर्घकालिक विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।
व्यापार जगत के लिए संदेश
गोयल ने कारोबारियों से अपील की कि वे 'ब्रांड इंडिया' को पूरे आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करें और भारत की मैन्युफैक्चरिंग, सेवाओं व नवाचार की ताकत का लाभ उठाते हुए ब्रिटेन की कंपनियों के साथ दीर्घकालिक साझेदारियाँ स्थापित करें। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और यह समझौता उस विकास यात्रा को नई गति देगा।
आगे की राह
समझौते के 15 जुलाई 2026 से लागू होने के साथ ही सलाहकार नेटवर्क और उन्नत ऑनलाइन पोर्टल की तैयारियाँ तेज़ की जा रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत कई देशों के साथ एफटीए वार्ताओं में सक्रिय है और ब्रिटेन के साथ यह समझौता उस कूटनीतिक प्रयास की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आने वाले हफ्तों में क्षेत्रवार क्रियान्वयन दिशानिर्देश जारी होने की उम्मीद है।