21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीयूष गोयल: अगले 6 महीनों में 3 और एफटीए लागू होंगे, भारत वैश्विक व्यापार का भरोसेमंद साझेदार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीयूष गोयल: अगले 6 महीनों में 3 और एफटीए लागू होंगे, भारत वैश्विक व्यापार का भरोसेमंद साझेदार

सारांश

ओमान के साथ एफटीए लागू होने के बाद अब भारत की व्यापार कूटनीति और तेज़ होगी — अगले 6 महीनों में 2-3 और समझौते, और 9-10 महीनों में पाइपलाइन के सभी 9 एफटीए प्रभावी होने की उम्मीद। पीयूष गोयल का यह बयान भारत को वैश्विक विनिर्माण और निवेश के केंद्र के रूप में स्थापित करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने 4 जून 2026 को मुंबई में कहा कि अगले 6 महीनों में 2-3 और एफटीए लागू होंगे।
1 जून 2026 से ओमान के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट प्रभावी हो चुका है।
पाइपलाइन में मौजूद सभी 9 एफटीए अगले 9-10 महीनों में प्रभावी होने की उम्मीद।
सरकार ने पश्चिम एशियाई संकट के बावजूद पेट्रोल, डीजल, ATF, LNG और LPG की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की।
किसानों को उर्वरक अपरिवर्तित कीमतों पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
भारत AI, R&D, डेटा सेंटर और स्वच्छ ऊर्जा में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में अग्रसर।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 4 जून 2026 को मुंबई में आयोजित 'सिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026' में स्पष्ट किया कि भारत व्यापारिक साझेदारियों के लिए पूरी तरह तत्पर है। उन्होंने कहा कि 1 जून से ओमान के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) लागू होने के बाद अगले छह महीनों में दो से तीन और समझौते प्रभावी हो सकते हैं। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत वैश्विक व्यापार तनावों के बीच अपनी आर्थिक कूटनीति को तेज़ गति दे रहा है।

एफटीए पाइपलाइन: क्या है पूरी योजना

गोयल ने कॉन्फ्रेंस में कहा, 'आने वाले वर्ष में लगभग तीन से चार और प्रमुख एफटीए पर हस्ताक्षर किए जाएंगे और अगले 9-10 महीनों में, पाइपलाइन में मौजूद सभी नौ एफटीए के प्रभावी होने की उम्मीद है।' गौरतलब है कि भारत पहले से ही संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया के साथ एफटीए लागू कर चुका है, और ब्रिटेन तथा यूरोपीय संघ के साथ वार्ता अलग-अलग चरणों में जारी है। नए समझौते भारत के निर्यात बाजार को व्यापक आधार देंगे।

ऊर्जा आपूर्ति और महंगाई पर सरकार की स्थिति

मंत्री ने बताया कि हालिया पश्चिम एशियाई संकट और होर्मुज़ स्ट्रेट के आसपास के जोखिमों के बावजूद सरकार ने निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, विमानन टरबाइन ईंधन (ATF), कारखानों के लिए एलएनजी और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखी गई है।

गोयल के अनुसार, भारत ने पहले ही अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना शुरू कर दिया था, जिससे संकट के दौरान आपूर्ति बाधाओं को प्रभावी ढंग से संभाला जा सका। वैश्विक मुद्रास्फीति और ऊर्जा जोखिमों के बढ़ने के बावजूद ईंधन कीमतों में वृद्धि को सीमित रखा गया है।

किसानों को राहत: उर्वरक कीमतें अपरिवर्तित

मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार किसानों को उर्वरक अपरिवर्तित कीमतों पर उपलब्ध करा रही है, जिससे वैश्विक कीमतों में हुई वृद्धि का बोझ कृषि क्षेत्र पर नहीं पड़ा। यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उर्वरकों की कीमतें दबाव में हैं।

भारत: विनिर्माण और इनोवेशन का वैश्विक केंद्र

गोयल ने कहा कि भारत को विनिर्माण और निवेश के लिए विश्व के विश्वसनीय विकल्प के रूप में देखा जा रहा है और देश अगले दो दशकों तक विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत अब केवल असेंबली और आयातित प्रौद्योगिकियों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि डिज़ाइन, अनुसंधान एवं विकास (R&D), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर जैसे उभरते क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है।

स्वच्छ ऊर्जा को भी इस तकनीकी विस्तार का अभिन्न हिस्सा बताया गया, जो डेटा सेंटरों और उभरते टेक्नोलॉजी क्षेत्रों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी। आने वाले महीनों में एफटीए की श्रृंखला और निवेश नीतियों की दिशा तय करेगी कि ये घोषणाएँ ज़मीन पर कितनी उतरती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भारत के व्यापार समझौतों का इतिहास बताता है कि हस्ताक्षर और क्रियान्वयन के बीच अक्सर बड़ा अंतर रहता है — यूएई और ऑस्ट्रेलिया एफटीए के बाद निर्यात वृद्धि अपेक्षाओं से पीछे रही है। असली परीक्षा यह होगी कि नए समझौते भारतीय एमएसएमई और कृषि निर्यातकों को वास्तविक बाज़ार पहुँच दिलाते हैं या केवल बड़े कॉर्पोरेट को लाभ मिलता है। ऊर्जा विविधीकरण की सफलता सराहनीय है, लेकिन दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश की गति निर्णायक होगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने किन एफटीए के जल्द लागू होने की बात कही है?
गोयल ने कहा कि ओमान एफटीए के बाद अगले 6 महीनों में 2-3 और व्यापार समझौते लागू होंगे और 9-10 महीनों में पाइपलाइन के सभी 9 एफटीए प्रभावी होने की उम्मीद है। उन्होंने आने वाले वर्ष में 3-4 और एफटीए पर हस्ताक्षर का भी संकेत दिया।
भारत-ओमान एफटीए कब से लागू हुआ?
भारत और ओमान के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 1 जून 2026 से प्रभावी हो गया है। यह भारत की हालिया व्यापार कूटनीति का हिस्सा है जिसके तहत खाड़ी देशों के साथ आर्थिक संबंध मजबूत किए जा रहे हैं।
पश्चिम एशियाई संकट के बीच भारत ने ईंधन आपूर्ति कैसे बनाए रखी?
गोयल के अनुसार, भारत ने पहले ही ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना शुरू कर दिया था, जिससे होर्मुज़ स्ट्रेट के आसपास के जोखिमों के बावजूद पेट्रोल, डीजल, ATF, LNG और LPG की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित हुई। वैश्विक मुद्रास्फीति के बावजूद ईंधन कीमतों में वृद्धि को सीमित रखा गया।
किसानों को उर्वरक पर क्या राहत दी जा रही है?
सरकार किसानों को उर्वरक अपरिवर्तित कीमतों पर उपलब्ध करा रही है, जिससे वैश्विक बाज़ार में उर्वरक कीमतों में हुई वृद्धि का असर कृषि क्षेत्र पर नहीं पड़ा है। यह राहत संकट के दौरान किसानों की उत्पादन लागत को स्थिर रखने में सहायक रही है।
भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की क्या योजना है?
गोयल ने कहा कि भारत असेंबली और आयातित तकनीक से आगे बढ़कर AI, R&D, डिज़ाइन और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में इनोवेशन हब बनने की दिशा में काम कर रहा है। स्वच्छ ऊर्जा को इस विस्तार का समर्थन करने के लिए प्राथमिकता दी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले