भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौता 1 जून 2026 से लागू होने की संभावना, 98% निर्यात को मिलेगी ड्यूटी-फ्री एक्सेस
सारांश
भारत-ओमान एफटीए 1 जून 2026 से लागू होने की राह पर है — यह दिसंबर 2025 में हस्ताक्षरित समझौता भारत के 98% निर्यात को ड्यूटी-फ्री बनाएगा। साथ ही भारत-चिली सीईपीए में लिथियम और तांबे जैसे क्रिटिकल मिनरल्स की रियायत मिलने पर भी बातचीत आगे बढ़ रही है।
मुख्य बातें
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 12 मई 2026 को कहा कि भारत-ओमान एफटीए 1 जून 2026 से लागू हो सकता है।
समझौते के तहत भारत के 98% निर्यात को ओमान में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगी — टेक्सटाइल, कृषि उत्पाद और चमड़ा शामिल।
भारत ओमान के खजूर, मार्बल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आयात शुल्क घटाएगा।
भारत-चिली सीईपीए वार्ता जारी; क्रिटिकल मिनरल्स रियायत मिलने पर समझौते की संभावना।
चिली के पास दुनिया का सबसे बड़ा लिथियम भंडार और विशाल तांबा भंडार — भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स व EV उद्योग के लिए अहम।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार, 12 मई 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारत और ओमान के बीच दिसंबर 2025 में हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 1 जून 2026 से प्रभावी हो सकता है। ओमान के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद मंत्री ने यह जानकारी दी, जो व्यापार और निवेश बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने भारत आया हुआ है।
एफटीए में क्या शामिल है
इस समझौते के लागू होने के बाद भारत के 98 प्रतिशत निर्यात को ओमान में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगी। इसमें टेक्सटाइल, कृषि उत्पाद और चमड़े से जुड़े सामान प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके बदले में भारत ओमान के खजूर, मार्बल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आयात शुल्क कम करेगा।
मंत्री की प्रतिक्रिया
गोयल ने बैठक के बाद कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
असली परीक्षा यह होगी कि टेक्सटाइल और कृषि निर्यातक इस अवसर का कितना लाभ उठा पाते हैं — क्योंकि पिछले कई एफटीए में भारतीय निर्यातकों की जागरूकता और क्षमता की कमी के चलते लाभ सीमित रहा है। चिली के साथ सीईपीए वार्ता में लिथियम और तांबे की रियायत की शर्त रखना रणनीतिक रूप से सही है, लेकिन इसमें देरी भारत की EV और सोलर महत्वाकांक्षाओं पर असर डाल सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौता कब से लागू होगा?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, भारत-ओमान एफटीए 1 जून 2026 से प्रभावी हो सकता है। यह समझौता दिसंबर 2025 में हस्ताक्षरित हुआ था।
भारत-ओमान एफटीए से भारतीय निर्यातकों को क्या फायदा होगा?
इस समझौते के तहत भारत के 98% निर्यात को ओमान में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगी। इससे टेक्सटाइल, कृषि उत्पाद और चमड़े के सामान निर्यात करने वाले व्यापारियों को सबसे अधिक लाभ होगा।
ओमान को एफटीए से क्या मिलेगा?
भारत ओमान के खजूर, मार्बल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आयात शुल्क कम करेगा। यह ओमान के इन प्रमुख निर्यात क्षेत्रों के लिए भारतीय बाज़ार तक पहुँच आसान बनाएगा।
भारत-चिली व्यापार समझौते की स्थिति क्या है?
भारत और चिली 2006 के प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट को विस्तारित कर व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) बनाने पर बातचीत कर रहे हैं। क्रिटिकल मिनरल्स रियायत पर सहमति बनने पर इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है।
चिली के साथ समझौते में क्रिटिकल मिनरल्स क्यों अहम हैं?
चिली के पास दुनिया का सबसे बड़ा लिथियम भंडार और विशाल तांबा भंडार है। भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और सोलर उद्योग के लिए ये खनिज अत्यंत आवश्यक हैं, और इन तक किफायती पहुँच भारत की हरित ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं के लिए रणनीतिक महत्व रखती है।