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क्या भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से व्यापार में नई ऊँचाई मिलेगी?

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क्या भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से व्यापार में नई ऊँचाई मिलेगी?

सारांश

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए नए एफटीए से व्यापार में संभावित वृद्धि के साथ, यह समझौता दोनों देशों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा। जानें इस ऐतिहासिक समझौते के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।

मुख्य बातें

न्यूजीलैंड के 95% सामानों पर टैरिफ में कटौती।
पहले दिन से 57% वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं।
निवेश के लिए 20 अरब डॉलर का लक्ष्य।
कृषि और एमएसएमई को नए अवसर।
वित्तीय सेवाओं में सहयोग।

नई दिल्ली, 22 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत और न्यूजीलैंड ने एक महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) किया है, जिसमें न्यूजीलैंड की 95 प्रतिशत वस्तुओं पर टैरिफ में कमी की गई है। यह समझौता न्यूजीलैंड के लिए 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुँचने का एक अद्वितीय अवसर प्रस्तुत करता है।

इस ऐतिहासिक समझौते के अंतर्गत न्यूजीलैंड के 95 प्रतिशत निर्यात पर टैक्स को समाप्त और कम किया गया है। पहले दिन से 57 प्रतिशत वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं लगेगा और जैसे-जैसे समझौता लागू होगा, यह बढ़कर 82 प्रतिशत तक पहुँच जाएगा, जबकि शेष 13 प्रतिशत पर टैक्स में भारी कटौती की जाएगी।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह समझौता न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भारत में अपने उत्पाद बेचने में मदद करेगा, जैसे कि मटन, ऊन, कोयला और वनस्पति उत्पाद, जिन पर टैक्स तुरंत समाप्त कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कीवी फल और सेब जैसे उत्पादों के लिए विशेष सुविधाएं दी गई हैं, जबकि मछली जैसे समुद्री उत्पादों पर 7 वर्षों में टैक्स समाप्त हो जाएगा।

यह व्यापार समझौता वित्तीय सेवाएं, ई-पेमेंट्स और फिनटेक जैसे क्षेत्रों पर भी जोर देता है, जिससे भारत और न्यूजीलैंड के बीच नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोमवार को फोन पर बात की और इस एफटीए समझौते की सफलता की घोषणा की। दोनों नेताओं ने अगले 5 वर्षों में व्यापार को दोगुना करने और अगले 15 वर्षों में न्यूजीलैंड से भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश आने का लक्ष्य रखा।

इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार में वृद्धि होगी। कृषि, एमएसएमई, शिक्षा, और खेल जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के नागरिकों को नए अवसर मिलेंगे। दोनों देशों ने इस समझौते के माध्यम से मजबूत आर्थिक संबंध बनाने का वादा किया है।

इस समझौते में खेल, शिक्षा और लोगों के बीच संबंध को भी मजबूत किया जाएगा, जिससे नए मौके मिलेंगे। साथ ही यह समझौता न्यूजीलैंड के निर्यात को दोगुना करने में मदद करेगा।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोशल मीडिया (एक्स) पर कहा कि हमने भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता संपन्न कर लिया है। इससे न्यूजीलैंड के किसानों, उत्पादकों और व्यवसायों के लिए नए अवसर खुलेंगे, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार सृजित होंगे और आय में वृद्धि होगी, जिससे सभी न्यूजीलैंडवासियों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, "पीएम नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के मार्गदर्शन में संपन्न हुए भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) ने हमारी साझेदारी को तीव्र विकास पथ पर अग्रसर किया है। इससे व्यापार, निवेश और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग को निश्चित रूप से बढ़ावा मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे व्यापार, निवेश, और सांस्कृतिक संबंधों में मजबूती आएगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से क्या लाभ होगा?
यह समझौता भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार को बढ़ावा देगा और नए अवसर प्रस्तुत करेगा।
इस एफटीए में किन वस्तुओं पर टैक्स में कटौती की गई है?
न्यूजीलैंड के 95 प्रतिशत निर्यात पर टैक्स को समाप्त और कम किया गया है।
क्या यह समझौता भारत के किसानों के लिए फायदेमंद होगा?
यह समझौता भारतीय किसानों को नए बाजार में प्रवेश करने का एक अवसर प्रदान करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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