वैश्विक विद्युत विकास सूचकांक 2026: चीन का विद्युत तकनीकी नवाचार विश्व में पहले स्थान पर
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में 10 जुलाई 2026 को आयोजित वैश्विक ऊर्जा इंटरनेट विषयगत कार्यक्रम में जारी 'वैश्विक विद्युत विकास सूचकांक (2026)' रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने विद्युत तकनीकी नवाचार में विश्व में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह रिपोर्ट 100 देशों की विद्युत विकास स्थिति का व्यापक मूल्यांकन प्रस्तुत करती है और वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में तेज़ी से हो रहे बदलावों को रेखांकित करती है।
सूचकांक में किन आधारों पर हुआ मूल्यांकन
रिपोर्ट में आपूर्ति सुरक्षा, उपभोग सेवा, हरित निम्न-कार्बन और तकनीकी नवाचार — इन चार प्रमुख आयामों के आधार पर दुनिया के 100 देशों की विद्युत विकास स्थिति का आकलन किया गया। समग्र विकास स्तर में शीर्ष पाँच देश क्रमशः फिनलैंड, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, चीन और नॉर्वे रहे।
चीन की उपलब्धियाँ
रिपोर्ट के अनुसार चीन ने तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व स्थापित किया है। विद्युत तकनीकी नवाचार में चीन विश्व में पहले स्थान पर है। इसके अतिरिक्त स्वच्छ ऊर्जा संस्थापित क्षमता में भी चीन विश्व में शीर्ष पर है, और विद्युत डिजिटल-बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग में चीन वैश्विक स्तर पर अग्रणी बना हुआ है।
वैश्विक नवीन ऊर्जा क्षेत्र का परिदृश्य
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2025 तक विश्व भर में नवीन ऊर्जा की कुल संस्थापित क्षमता 3.95 अरब किलोवाट से अधिक हो गई, जो वैश्विक विद्युत संस्थापित क्षमता का लगभग 40 प्रतिशत है। यह आँकड़ा वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में आ रहे तीव्र संरचनात्मक बदलाव का संकेत देता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल ट्विन और आभासी विद्युत संयंत्र जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियाँ अब प्रदर्शन परियोजनाओं से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर व्यावहारिक अनुप्रयोग की ओर तेज़ी से कदम बढ़ा रही हैं।
संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के अध्यक्ष लॉक थापा ने अपने संबोधन में कहा कि विकासशील देशों में हरित ऊर्जा बुनियादी ढाँचे में निवेश बढ़ाया जाना चाहिए, प्रौद्योगिकी के सार्वभौमिक साझाकरण को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और नवाचार के माध्यम से एक लचीला व समावेशी वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन पथ तैयार किया जाना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र के उप-महासचिव ली चूनहुआ ने कहा कि ऊर्जा सतत विकास की नींव है और सभी देशों को ऊर्जा तकनीकी नवाचार एवं ग्रिड अंतर-संपर्क में तेज़ी लानी चाहिए। उन्होंने विकासशील देशों को नीतिगत और तकनीकी सहायता देने तथा बहु-क्षेत्रीय बहुपक्षीय साझेदारी को गहरा करने पर ज़ोर दिया।
कार्यक्रम के आयोजक
यह विषयगत कार्यक्रम वैश्विक ऊर्जा इंटरनेट विकास एवं सहयोग संगठन, संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधिमंडल, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP), संयुक्त राष्ट्र एशिया-प्रशांत आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCAP) तथा संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। आने वाले वर्षों में यह रिपोर्ट वैश्विक ऊर्जा नीति निर्माण में एक महत्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेज़ के रूप में उभर सकती है।