24 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चीन की बिजली उत्पादन क्षमता 4.01 अरब किलोवाट के पार, अमेरिका-EU-भारत सबको पीछे छोड़ा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चीन की बिजली उत्पादन क्षमता 4.01 अरब किलोवाट के पार, अमेरिका-EU-भारत सबको पीछे छोड़ा

सारांश

चीन ने मई 2026 में 4.01 अरब किलोवाट की स्थापित बिजली क्षमता के साथ वैश्विक ऊर्जा में नया कीर्तिमान स्थापित किया — और यह आँकड़ा अमेरिका, EU, भारत, जापान व रूस की कुल क्षमता से भी ज़्यादा है। इससे भी बड़ी बात: कोयले की हिस्सेदारी 61% से 32% पर आ गई, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा 24% से 61% पर पहुँच गई।

मुख्य बातें

चीन की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता मई 2026 के अंत तक 4.01 अरब किलोवाट पर पहुँची।
यह क्षमता अमेरिका, यूरोपीय संघ, भारत, जापान और रूस की संयुक्त स्थापित क्षमता से अधिक है।
कोयला-आधारित बिजली की हिस्सेदारी 2010 के 61% से घटकर मई 2026 में 32% रह गई।
गैर-जीवाश्म ऊर्जा की हिस्सेदारी 25% से बढ़कर 62% और नवीकरणीय ऊर्जा 24% से 61% हुई।
चीन विद्युत उद्योग संघ के उपाध्यक्ष यांग खुन ने इसे ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रमाण बताया।

चीन की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता मई 2026 के अंत तक 4.01 अरब किलोवाट के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई है — यह आँकड़ा अमेरिका, यूरोपीय संघ, भारत, जापान और रूस की संयुक्त स्थापित क्षमता से भी अधिक है। चीनी राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन ने 25 जून 2026 को यह जानकारी सार्वजनिक की, जिसके साथ चीन वैश्विक विद्युत उत्पादन में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।

मुख्य उपलब्धि और वैश्विक संदर्भ

चीन दक्षिणी विद्युत वितरण एवं नियंत्रण केंद्र के निदेशक तेंग वेइसी ने कहा कि 4 अरब किलोवाट का यह आँकड़ा ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक निर्णायक मील का पत्थर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह क्षमता अकेले पाँच प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की सम्मिलित विद्युत क्षमता को पार कर चुकी है, जो वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में चीन की असाधारण बढ़त को रेखांकित करती है।

हरित ऊर्जा में ऐतिहासिक बदलाव

इस उपलब्धि की सबसे उल्लेखनीय बात क्षमता की संरचना में आया आमूल परिवर्तन है। वर्ष 2010 में कोयला-आधारित बिजली उत्पादन की हिस्सेदारी 61 प्रतिशत थी, जो मई 2026 तक घटकर 32 प्रतिशत रह गई। इसके विपरीत, गैर-जीवाश्म ऊर्जा की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से बढ़कर 62 प्रतिशत हो गई है, और नवीकरणीय ऊर्जा की भागीदारी 24 प्रतिशत से 61 प्रतिशत तक पहुँच गई है। यह बदलाव महज़ एक दशक और छह वर्षों में हुआ है, जो किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था के ऊर्जा इतिहास में विरले ही देखा गया है।

औद्योगिक और आर्थिक प्रभाव

बड़े पैमाने पर उपलब्ध और अपेक्षाकृत कम लागत वाली हरित बिजली ने चीन के औद्योगिक उन्नयन, घरेलू ऊर्जा आपूर्ति और उभरते उद्योगों — जैसे इलेक्ट्रिक वाहन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर — के विस्तार के लिए एक मज़बूत आधार तैयार किया है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा और कार्बन उत्सर्जन में कमी दोनों ही प्राथमिकताएँ बन चुकी हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

चीन विद्युत उद्योग संघ के कार्यकारी उपाध्यक्ष यांग खुन के अनुसार, 4 अरब किलोवाट का यह आँकड़ा केवल उत्पादन क्षमता में वृद्धि का प्रतीक नहीं है — यह चीन की ऊर्जा सुरक्षा, हरित एवं निम्न-कार्बन विकास, और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में हुई समग्र प्रगति का प्रमाण है। आलोचकों का कहना है कि कोयले की हिस्सेदारी अभी भी 32 प्रतिशत बनी हुई है, और पूर्ण कार्बन-तटस्थता का लक्ष्य अभी दूर है।

आगे की राह

चीन का लक्ष्य 2060 तक कार्बन-तटस्थता हासिल करना है। इस दिशा में नवीकरणीय ऊर्जा की बढ़ती हिस्सेदारी एक सकारात्मक संकेत है, हालाँकि ग्रिड स्थिरता और ऊर्जा भंडारण की चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। वैश्विक ऊर्जा संक्रमण में चीन की यह भूमिका आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ताओं को भी प्रभावित करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भू-राजनीतिक संदेश भी है — चीन ऊर्जा के मोर्चे पर उतना ही प्रभुत्व स्थापित कर रहा है जितना कि व्यापार और विनिर्माण में। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि कोयले की 32% हिस्सेदारी अभी भी वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में चीन के योगदान को नज़रअंदाज़ नहीं होने देती। नवीकरणीय ऊर्जा की तेज़ वृद्धि प्रभावशाली है, लेकिन ग्रिड स्थिरता और भंडारण क्षमता की कमी एक अनुत्तरित चुनौती बनी हुई है। भारत के लिए यह आँकड़ा एक स्पष्ट संकेत है कि ऊर्जा संक्रमण की गति और पैमाना दोनों मायने रखते हैं।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन की बिजली उत्पादन क्षमता 2026 में कितनी हो गई है?
चीनी राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन के अनुसार, मई 2026 के अंत तक चीन की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 4.01 अरब किलोवाट हो गई है। यह दुनिया में सर्वाधिक है और अमेरिका, यूरोपीय संघ, भारत, जापान व रूस की संयुक्त क्षमता से भी अधिक है।
चीन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी कितनी है?
मई 2026 तक चीन की कुल स्थापित क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 61 प्रतिशत हो गई है, जो 2010 में केवल 24 प्रतिशत थी। गैर-जीवाश्म ऊर्जा की कुल हिस्सेदारी 62 प्रतिशत है।
चीन में कोयले की बिजली उत्पादन में हिस्सेदारी में क्या बदलाव आया है?
2010 में चीन की कुल स्थापित बिजली क्षमता में कोयले की हिस्सेदारी 61 प्रतिशत थी, जो मई 2026 तक घटकर 32 प्रतिशत रह गई है। यह बदलाव चीन के हरित ऊर्जा परिवर्तन की गति को दर्शाता है।
4 अरब किलोवाट की बिजली क्षमता का भारत पर क्या असर है?
यह आँकड़ा भारत सहित अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक संदर्भ बिंदु है, क्योंकि चीन की यह क्षमता अकेले अमेरिका, EU, भारत, जापान और रूस की सम्मिलित क्षमता से अधिक है। ऊर्जा संक्रमण की गति और पैमाने के मामले में यह भारत के लिए एक स्पष्ट तुलनात्मक संकेत है।
चीन का कार्बन-तटस्थता लक्ष्य क्या है?
चीन ने 2060 तक कार्बन-तटस्थता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। नवीकरणीय ऊर्जा की बढ़ती हिस्सेदारी इस दिशा में सकारात्मक संकेत है, हालाँकि कोयले की 32 प्रतिशत हिस्सेदारी और ग्रिड भंडारण की चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले