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भारत-EU एफटीए दिसंबर तक होगा साइन, फरवरी-मार्च 2027 तक लागू : पीयूष गोयल

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भारत-EU एफटीए दिसंबर तक होगा साइन, फरवरी-मार्च 2027 तक लागू : पीयूष गोयल

सारांश

भारत-EU FTA अब सिर्फ कागज़ पर नहीं — वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दिसंबर 2026 तक हस्ताक्षर और फरवरी-मार्च 2027 तक लागू होने की स्पष्ट समयसीमा दी है। 93% भारतीय निर्यात को शुल्क-मुक्त यूरोपीय बाज़ार मिलने की उम्मीद इसे भारत की सबसे बड़ी व्यापार कूटनीतिक उपलब्धियों में से एक बनाती है।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 21 जून को मुंबई में घोषणा की कि भारत-EU FTA दिसंबर 2026 तक साइन होगा।
समझौता फरवरी-मार्च 2027 तक लागू किए जाने की उम्मीद है।
भारत के लगभग 93 प्रतिशत निर्यात को 27 सदस्यीय EU बाज़ार में शुल्क-मुक्त पहुँच मिलने की संभावना।
भारत-EU ने 27 जनवरी को FTA वार्ता पूरी होने की घोषणा की थी; गोयल ने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील' कहा था।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर इसी सप्ताह भारत दौरे पर आने वाले हैं — द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत होगी।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार, 21 जून को मुंबई में घोषणा की कि भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दिसंबर 2026 के अंत तक हस्ताक्षरित हो जाएगा और फरवरी-मार्च 2027 तक लागू किया जा सकता है। यह समझौता भारतीय निर्यात के लिए यूरोपीय बाज़ार के द्वार लगभग शून्य शुल्क पर खोल देगा।

मुख्य घोषणा और समझौते का दायरा

मुंबई में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा, 'अब लगभग जीरो ड्यूटी के साथ, पूरा यूरोपीय बाज़ार हमारे लिए खुल जाएगा। ईयू के साथ एफटीए पर दिसंबर तक हस्ताक्षर हो जाएंगे और यह फरवरी-मार्च तक लागू हो जाएगा।' उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रस्तावित समझौते के तहत भारत के लगभग 93 प्रतिशत निर्यात को 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ के बाज़ार में शुल्क-मुक्त पहुँच मिलने की उम्मीद है।

वार्ता का पृष्ठभूमि और 'मदर ऑफ ऑल डील'

गौरतलब है कि भारत और यूरोपीय संघ ने 27 जनवरी को इस एफटीए के लिए वार्ता पूरी होने की औपचारिक घोषणा की थी। गोयल ने इस समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील' की संज्ञा दी थी। यह सौदा कई वर्षों की रुकी हुई बातचीत के बाद संभव हो सका है और इसे भारत की व्यापार कूटनीति की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

अमेरिका के साथ भी व्यापार वार्ता

गोयल ने इस अवसर पर यह भी बताया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर इसी सप्ताह भारत का दौरा करने वाले हैं, जिसके दौरान दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत होगी। मंत्री ने कहा, 'पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है।' उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि दुनिया भर के देश भारत के साथ आर्थिक साझेदारी मज़बूत करने के इच्छुक हैं।

विकास के साथ विरासत का संदेश

संबोधन के दौरान गोयल ने आर्थिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को संजोने के महत्व पर भी ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा हमसे कहते हैं कि देश को विकास की ज़रूरत है, और देश को अपनी विरासत की भी ज़रूरत है। कोई भी देश अपनी संस्कृति, विरासत और परंपराओं का ध्यान रखे बिना विकसित राष्ट्र नहीं बना है।'

आम जनता और उद्योग पर असर

यदि यह समझौता तय समयसीमा में लागू होता है, तो भारतीय वस्त्र, रत्न-आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद और दवा उद्योग को यूरोपीय बाज़ार में सीधा लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, शुल्क-मुक्त पहुँच से निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और रोज़गार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि समझौते के विस्तृत प्रावधानों — जैसे श्रम मानक, डेटा संरक्षण और भौगोलिक संकेत — पर अभी भी स्पष्टता की दरकार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन समयसीमाएँ पहले भी खिसकती रही हैं — भारत-EU FTA वार्ता एक दशक से अधिक समय तक ठंडे बस्ते में रही थी। 93% निर्यात को शुल्क-मुक्त पहुँच का दावा तब तक अधूरा है जब तक कि श्रम मानक, डेटा स्थानीयकरण और भौगोलिक संकेत जैसे संवेदनशील प्रावधानों का खुलासा न हो। यह ऐसे समय में आया है जब भारत एक साथ अमेरिका के साथ भी व्यापार वार्ता कर रहा है — रणनीतिक रूप से लाभकारी, लेकिन क्रियान्वयन की जटिलता दोगुनी हो जाती है। असली कसौटी दिसंबर 2026 में हस्ताक्षर नहीं, बल्कि उसके बाद की संसदीय स्वीकृति और घरेलू उद्योगों पर पड़ने वाला वास्तविक असर होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-EU FTA क्या है और यह कब लागू होगा?
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) एक द्विपक्षीय व्यापार करार है जो दोनों पक्षों के बीच टैरिफ घटाकर व्यापार को बढ़ावा देगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, यह दिसंबर 2026 तक हस्ताक्षरित होगा और फरवरी-मार्च 2027 तक लागू हो सकता है।
इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को क्या फायदा होगा?
प्रस्तावित समझौते के तहत भारत के लगभग 93 प्रतिशत निर्यात को EU के 27 देशों के बाज़ार में शुल्क-मुक्त पहुँच मिलने की उम्मीद है। इससे वस्त्र, रत्न-आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद और दवा क्षेत्र को सीधा लाभ होगा।
भारत-EU FTA वार्ता कब पूरी हुई थी?
भारत और यूरोपीय संघ ने 27 जनवरी को FTA वार्ता पूरी होने की औपचारिक घोषणा की थी। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील' बताया था।
अमेरिका के साथ भारत की व्यापार वार्ता की क्या स्थिति है?
गोयल ने बताया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर इसी सप्ताह भारत दौरे पर आने वाले हैं। इस दौरे में दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत होगी।
क्या इस समझौते में कोई चुनौतियाँ या विवादित मुद्दे हैं?
आलोचकों का कहना है कि श्रम मानक, डेटा संरक्षण और भौगोलिक संकेत जैसे प्रावधानों पर अभी स्पष्टता नहीं है। इसके अलावा, भारत-EU FTA वार्ता पहले एक दशक से अधिक समय तक अटकी रही थी, इसलिए तय समयसीमा में पूरा होना एक बड़ी कसौटी होगी।
राष्ट्र प्रेस
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