5 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत-EU FTA से 2 अरब लोगों का बाज़ार एक छत के नीचे, पीयूष गोयल बोले — यह 25 साल की मेहनत का नतीजा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-EU FTA से 2 अरब लोगों का बाज़ार एक छत के नीचे, पीयूष गोयल बोले — यह 25 साल की मेहनत का नतीजा

सारांश

25 साल की कूटनीतिक मेहनत के बाद भारत-EU FTA अब हकीकत के करीब है — 2 अरब लोग, 24 ट्रिलियन डॉलर का बाज़ार और 95% शुल्क में राहत। पीयूष गोयल ने मुंबई में बेल्जियम के PM बार्ट डी वेवर के साथ इस ऐतिहासिक समझौते की रूपरेखा साझा की।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने 4 सितंबर को मुंबई में कहा कि भारत-EU FTA 2 अरब लोगों को एक साझा बाज़ार में जोड़ता है।
समझौते में 24 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का बाज़ार शामिल; वैश्विक GDP का एक-चौथाई और विश्व व्यापार का एक-तिहाई।
बेल्जियम के PM बार्ट डी वेवर ने कहा कि 95% से अधिक वस्तुओं पर शुल्क समाप्त या कम किया जाएगा।
EU के सभी 27 देश समझौते के पक्ष में; 25 वर्षों की वार्ता के बाद सहमति बनी।
सेमीकॉन इंडिया 2.0 को 14 अरब डॉलर के बजट से लॉन्च; कुल 70 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य।
भारत का लक्ष्य 2047 तक अर्थव्यवस्था को 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाना।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 4 सितंबर को मुंबई में आयोजित भारत-बेल्जियम उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों महाद्वीपों के किसानों, मछुआरों, एमएसएमई, स्टार्टअप, महिला उद्यमियों और सेवा प्रदाताओं के लिए अभूतपूर्व अवसरों का द्वार खोलता है। उन्होंने बताया कि यह समझौता 2 अरब लोगों को एक साझा बाज़ार में जोड़ता है, जिसमें वैश्विक जीडीपी का एक-चौथाई, विश्व व्यापार का एक-तिहाई और 24 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की आर्थिक शक्ति समाहित है।

25 वर्षों की कूटनीतिक यात्रा का परिणाम

गोयल ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस समझौते पर वार्ता पूरी होने से पहले करीब 25 वर्षों तक काम किया गया। उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देश इस समझौते के पक्ष में हैं और जल्द से जल्द आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी कर इसे लागू करना चाहते हैं। उनके अनुसार, यूरोप के संदर्भ में किसी व्यापार समझौते पर इस तरह का सर्वसम्मत समर्थन मिलना दुर्लभ है। इसी प्रकार, भारत में भी समाज के सभी वर्गों ने इस FTA का पूरे मन से समर्थन किया है।

बेल्जियम के PM बार्ट डी वेवर का संदेश

इस अवसर पर उपस्थित बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने कहा कि यह समझौता व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा और कंपनियों, युवा प्रतिभाओं तथा निवेश के लिए नए मार्ग खोलेगा। उन्होंने एंटवर्प-ब्रुग्स बंदरगाह को भारत और यूरोप के बीच एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक कड़ी बताया। डी वेवर ने कहा कि FTA के तहत 95 प्रतिशत से अधिक भारतीय और यूरोपीय वस्तुओं पर लागू शुल्क या तो समाप्त किए जाएँगे या उनमें कमी की जाएगी। हीरा, खाद्य प्रसंस्करण, औषधि, समुद्री सेवाएँ, हरित हाइड्रोजन और बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इस बैठक में उपस्थित रहे।

भारत-बेल्जियम सहयोग के पाँच प्रमुख क्षेत्र

गोयल ने पाँच ऐसे क्षेत्र गिनाए जहाँ दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएँ एक-दूसरे की पूरक हैं। पहला — रत्न एवं आभूषण, जिसमें प्रयोगशाला में निर्मित हीरे भी शामिल हैं; एंटवर्प, मुंबई और सूरत जैसे हीरा केंद्रों के बीच प्रौद्योगिकी और प्रमाणन में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। दूसरा — सेमीकंडक्टर; बेल्जियम की विश्वस्तरीय माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स अनुसंधान क्षमता को भारत के कुशल कार्यबल से जोड़कर डिजाइन से विनिर्माण तक का पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की बात कही गई। तीसरा — हरित हाइड्रोजन; भारत का हरित हाइड्रोजन मिशन एंटवर्प-ब्रुग्स बंदरगाह की ईंधन आपूर्ति और हरित जहाजरानी के माध्यम से यूरोप की ऊर्जा ज़रूरतें पूरी कर सकता है। चौथा — रक्षा एवं उन्नत विनिर्माण; जॉन कॉकरिल के साथ MoU का उल्लेख करते हुए गोयल ने ड्रोन-रोधी प्रणालियों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, ब्रह्मोस और पिनाका मिसाइलों के पश्चिमी देशों को निर्यात की संभावनाएँ बताईं। पाँचवाँ — कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण; आलू प्रसंस्करण, शीत भंडारण और टिकाऊ कृषि-मूल्य श्रृंखला में संयुक्त अवसरों पर चर्चा हुई।

भारत की आर्थिक महत्वाकांक्षा और तकनीकी छलाँग

गोयल ने बताया कि भारत वर्तमान में PPP के आधार पर 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था है और PPP आधार पर 20 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के GDP के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। 1.4 अरब भारतीयों का लक्ष्य है कि 2047 तक — जब भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा — अर्थव्यवस्था को 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाया जाए। पिछले एक दशक में EU के साथ भारत का व्यापार दोगुना होकर लगभग 140 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है।

तकनीकी मोर्चे पर गोयल ने बताया कि 'सेमीकॉन इंडिया 2.0' को 14 अरब अमेरिकी डॉलर के बजट के साथ लॉन्च किया गया है और यह मिशन सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कुल 70 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को आकर्षित करेगा। भारत का अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्र अभी 8.5 अरब अमेरिकी डॉलर का है और अगले आठ वर्षों में 44 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने की संभावना है। 'शांति अधिनियम' के तहत परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को 60 साल बाद निजी क्षेत्र के लिए खोला गया है, और अगले 20 वर्षों में 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने की योजना है।

एंटवर्प-ब्रुग्स: FTA का प्रवेश द्वार

गोयल ने एंटवर्प-ब्रुग्स बंदरगाह को यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री बंदरगाह बताते हुए कहा कि यह FTA के तहत होने वाले व्यापार का मुख्य प्रवेश द्वार बनेगा। एंटवर्प के अंतर्देशीय जलमार्ग, रेल और सड़क नेटवर्क को ब्रुग्स के गहरे पानी और ऑटोमोबाइल सुविधाओं के साथ जोड़कर भारतीय निर्यातकों को यूरोप के औद्योगिक व उपभोक्ता बाज़ारों तक पहुँचने का बेजोड़ मार्ग मिलेगा। अपने भाषण के अंत में गोयल ने हीरे के बनने की प्रक्रिया का रूपक इस्तेमाल करते हुए कहा कि दबाव और उथल-पुथल से भरी इस दुनिया में भारत और बेल्जियम मिलकर ऐसा कुछ बना सकते हैं जो हीरे की तरह — 'टिकाऊ, सुंदर और कीमती' — हो; न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 25 साल की देरी खुद बताती है कि संवेदनशील क्षेत्रों — खासकर कृषि और डेयरी — पर असहमति कितनी गहरी थी। '95% शुल्क उन्मूलन' का आँकड़ा तब तक अधूरा है जब तक यह स्पष्ट न हो कि शेष 5% में कौन-से भारतीय संवेदनशील उत्पाद बचाए गए हैं। रक्षा और सेमीकंडक्टर सहयोग की संभावनाएँ वास्तविक हैं, लेकिन जॉन कॉकरिल जैसे MoU की घोषणा और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए। असली कसौटी यह होगी कि एमएसएमई और किसान — जिनका नाम सबसे पहले लिया गया — वास्तव में इस समझौते से कितना लाभ उठा पाते हैं।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता क्या है और इसमें क्या शामिल है?
भारत-EU FTA एक द्विपक्षीय व्यापार समझौता है जो भारत और यूरोपीय संघ के 27 देशों के बीच वस्तुओं व सेवाओं के व्यापार को सुगम बनाता है। इसमें 2 अरब लोगों का बाज़ार, 24 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की आर्थिक शक्ति और 95% से अधिक वस्तुओं पर शुल्क समाप्ति या कमी का प्रावधान शामिल है।
भारत-EU FTA पर वार्ता में 25 साल क्यों लगे?
कृषि, डेयरी, बौद्धिक संपदा और सेवाओं जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद के कारण वार्ता लंबी खिंची। पीयूष गोयल के अनुसार, दोनों पक्षों के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए इस समझौते पर कुशलतापूर्वक वार्ता की गई।
इस समझौते से भारतीय किसानों और एमएसएमई को क्या फायदा होगा?
गोयल के अनुसार, FTA से भारत के किसानों, मछुआरों, एमएसएमई, स्टार्टअप और महिला उद्यमियों के लिए यूरोपीय बाज़ार तक पहुँच आसान होगी। खाद्य प्रसंस्करण, आलू प्रसंस्करण और शीत श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में बेल्जियम के साथ संयुक्त अवसर पैदा होंगे।
एंटवर्प-ब्रुग्स बंदरगाह की भारत-EU व्यापार में क्या भूमिका होगी?
यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री बंदरगाह एंटवर्प-ब्रुग्स, FTA के तहत भारतीय निर्यात का मुख्य प्रवेश द्वार बनेगा। इसके अंतर्देशीय जलमार्ग, रेल और सड़क नेटवर्क के ज़रिए भारतीय उत्पाद यूरोप के औद्योगिक और उपभोक्ता बाज़ारों तक पहुँचेंगे।
भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा सहयोग की क्या संभावनाएँ हैं?
जॉन कॉकरिल के साथ MoU के तहत ड्रोन-रोधी प्रणालियों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और ब्रह्मोस व पिनाका मिसाइलों के पश्चिमी देशों को निर्यात की संभावनाएँ तलाशी जा रही हैं। गोयल ने बताया कि जॉन कॉकरिल पहले से ही भारत की बोफोर्स तोपों के लिए गोला-बारूद का निर्माण करती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले