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भारत के FTA से $60 ट्रिलियन के वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच: पीयूष गोयल

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भारत के FTA से $60 ट्रिलियन के वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच: पीयूष गोयल

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया कि मोदी सरकार के FTA भारत को $60 ट्रिलियन के वैश्विक बाज़ारों का दरवाज़ा खोल रहे हैं। पाँच साल में 73% निर्यात वृद्धि और वित्त वर्ष 2025-26 में $863.1 अरब का रिकॉर्ड निर्यात — सरकार इसे अपनी व्यापार रणनीति की सबसे बड़ी उपलब्धि बता रही है।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 29 जुलाई को कहा कि भारत के FTA से $60 ट्रिलियन के वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच बन रही है।
पिछले 5 वर्षों में भारत का निर्यात 73% बढ़ा; FTA से टेक्सटाइल, फार्मा, रत्न-आभूषण और इंजीनियरिंग उत्पादों को शून्य या कम शुल्क का लाभ।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने $863.1 अरब का रिकॉर्ड निर्यात दर्ज किया — $441.8 अरब वस्तु और $421.3 अरब सेवा निर्यात।
डेयरी और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की FTA में सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
FTA के ज़रिये अरबों डॉलर का विदेशी निवेश आकर्षित होने और भारतीय कंपनियों के वैश्विक वैल्यू चेन से जुड़ने का दावा।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार, 29 जुलाई को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा संपन्न किए गए हालिया मुक्त व्यापार समझौते (FTA) देश को लगभग $60 ट्रिलियन मूल्य के वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच दिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये समझौते भारत को एक वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने, विनिर्माण क्षेत्र को मज़बूती देने और बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर सृजित करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।

FTA रणनीति का दायरा और उद्देश्य

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में गोयल ने स्पष्ट किया कि ये व्यापार समझौते भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाज़ार खोलने, घरेलू उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और रोज़गार के नए द्वार खोलने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "यही वजह है कि भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ लगातार मुक्त व्यापार समझौते कर रहा है।"

वीडियो में यह भी रेखांकित किया गया कि पिछले पाँच वर्षों में भारत का निर्यात 73 प्रतिशत बढ़ा है — एक आँकड़ा जिसे सरकार FTA नीति की सफलता का प्रमाण मानती है।

किन क्षेत्रों को मिला सबसे ज़्यादा फ़ायदा

FTA के तहत टेक्सटाइल, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में कम या शून्य आयात शुल्क का लाभ मिला है, जिससे इन उत्पादों की वैश्विक पहुँच और मज़बूत हुई है। साथ ही, सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि डेयरी और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की समझौतों में पर्याप्त सुरक्षा की गई है।

निवेश और वैल्यू चेन एकीकरण

गोयल ने बताया कि FTA के माध्यम से भारत में अरबों डॉलर का विदेशी निवेश आ रहा है, जिससे विनिर्माण क्षेत्र को नई गति मिल रही है और भारतीय कंपनियाँ वैश्विक वैल्यू चेन से जुड़ने में सक्षम हो रही हैं। सरकार के अनुसार, ये समझौते उसकी उस व्यापक रणनीति का अभिन्न अंग हैं जिसका लक्ष्य भारत को निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना है।

रिकॉर्ड निर्यात: संसद में दी गई जानकारी

इससे पहले, मंगलवार को संसद में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने $863.1 अरब का अब तक का सर्वाधिक निर्यात दर्ज किया। इसमें $441.8 अरब का वस्तु निर्यात (मर्चेंडाइज़ एक्सपोर्ट्स) और $421.3 अरब का सेवा निर्यात शामिल है। प्रसाद ने कहा कि दोनों क्षेत्रों के मज़बूत प्रदर्शन ने मिलकर इस रिकॉर्ड को संभव बनाया।

आगे की राह

भारत प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार समझौतों की प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है। गोयल के अनुसार, यह रणनीति घरेलू निर्यातकों को नए बाज़ार दिलाने और भारतीय उद्योग को वैश्विक आपूर्ति शृंखला का मज़बूत हिस्सा बनाने की दिशा में एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें वह सवाल छुपा है जो सरकार नहीं उठाती — इस वृद्धि में FTA का वास्तविक योगदान कितना है और वैश्विक माँग व रुपये की कमज़ोरी जैसे बाहरी कारकों का कितना? $60 ट्रिलियन की 'पहुँच' और वास्तविक बाज़ार हिस्सेदारी के बीच की खाई को पाटना अभी बाकी है। डेयरी और कृषि क्षेत्रों की सुरक्षा का दावा सुकून देता है, लेकिन इन समझौतों के विस्तृत प्रावधान अभी भी पर्याप्त सार्वजनिक जाँच से परे हैं। असली कसौटी यह होगी कि क्या ये FTA छोटे और मझोले निर्यातकों तक लाभ पहुँचाते हैं, या केवल बड़े कॉरपोरेट समूहों की वैल्यू चेन को मज़बूत करते हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत के FTA से $60 ट्रिलियन के बाज़ारों तक पहुँच का क्या मतलब है?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, भारत द्वारा संपन्न मुक्त व्यापार समझौते मिलकर उन देशों की अर्थव्यवस्थाओं तक पहुँच देते हैं जिनका कुल बाज़ार आकार लगभग $60 ट्रिलियन है। इसका अर्थ है कि भारतीय निर्यातकों को इन देशों में कम या शून्य आयात शुल्क पर अपने उत्पाद बेचने का अवसर मिलता है।
भारत का सबसे बड़ा निर्यात रिकॉर्ड कब और कितना रहा?
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने $863.1 अरब का अब तक का सर्वाधिक निर्यात दर्ज किया, जिसमें $441.8 अरब का वस्तु निर्यात और $421.3 अरब का सेवा निर्यात शामिल है। यह जानकारी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने संसद में दी।
FTA से किन भारतीय क्षेत्रों को सबसे ज़्यादा फ़ायदा हो रहा है?
टेक्सटाइल, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद और फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्रों को FTA के तहत अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में कम या शून्य आयात शुल्क का सीधा लाभ मिल रहा है। इससे इन उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ी है।
क्या FTA से डेयरी और कृषि क्षेत्र प्रभावित होंगे?
सरकार के अनुसार, FTA में डेयरी और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इन क्षेत्रों को समझौतों के दायरे से बाहर या विशेष सुरक्षा प्रावधानों के अंतर्गत रखा गया है।
पिछले पाँच वर्षों में भारत के निर्यात में कितनी वृद्धि हुई?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार पिछले पाँच वर्षों में भारत का निर्यात 73 प्रतिशत बढ़ा है। सरकार इस वृद्धि को FTA रणनीति और विनिर्माण क्षेत्र में किए गए सुधारों का परिणाम बताती है।
राष्ट्र प्रेस
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