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भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर को लागू होगा, विजयदशमी पर शुल्क मुक्त कारोबार का नया अध्याय

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भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर को लागू होगा, विजयदशमी पर शुल्क मुक्त कारोबार का नया अध्याय

सारांश

विजयदशमी पर कारोबार की नई सुबह — भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। अधिकांश भारतीय उत्पादों पर जीरो शुल्क और 140 सेवा क्षेत्रों में पहुँच के साथ, दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

मुख्य बातें

भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर 2026 यानी विजयदशमी (दशहरा) को लागू होगा।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे दोनों देशों की साझी जीत बताया; एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी।
न्यूजीलैंड संसद ने 93 बनाम 26 मतों से एफटीए को मंजूरी दी।
भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले अधिकांश उत्पादों पर शून्य शुल्क ; 140 सेवा क्षेत्रों में भारतीय पहुँच।
PM मोदी और न्यूजीलैंड PM क्रिस्टोफर लक्सन ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का संकल्प लिया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 22 सितंबर 2026 को घोषणा की कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आगामी 20 अक्टूबर 2026 यानी विजयदशमी (दशहरा) के अवसर पर औपचारिक रूप से लागू होगा। इस ऐलान के साथ दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय शुरू होने जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

पीयूष गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में इस एफटीए को दोनों देशों की साझी जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल, संस्कृति, कृषि उत्पादकता और तकनीकी सहयोग जैसे कई नए क्षेत्रों में भी अपार संभावनाएं खोलता है।

गोयल के अनुसार, इस समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले अधिकांश उत्पादों पर शून्य (जीरो) शुल्क लागू होगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा। इसके साथ ही न्यूजीलैंड का बाजार भारत के लिए लगभग 140 सेवा क्षेत्रों में खोल दिया गया है।

न्यूजीलैंड संसद की मंजूरी

न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने बताया था कि न्यूजीलैंड की संसद ने इस एफटीए को दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के मजबूत समर्थन के साथ मंजूरी दी। कुल 93 सांसदों ने समझौते के पक्ष में और 26 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। मैक्ले ने इसे न्यूजीलैंड द्वारा किए गए सर्वश्रेष्ठ व्यापार समझौतों में से एक बताया।

2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की प्रतिबद्धता जताई है। मैक्ले ने कहा, 'मुझे लगता है कि अब यह लक्ष्य हासिल करना पूरी तरह संभव है।' यह ऐसे समय में आया है जब भारत दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी व्यापार साझेदारियों को तेज़ी से विस्तारित कर रहा है।

आम जनता और उद्योग पर असर

गौरतलब है कि शुल्क मुक्त बाजार पहुँच से भारतीय वस्त्र, दवा, आईटी सेवाएं और कृषि उत्पादों के निर्यातकों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। न्यूजीलैंड की ओर से डेयरी, पर्यटन और उच्च शिक्षा क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, 140 सेवा क्षेत्रों तक पहुँच भारतीय आईटी और पेशेवर सेवा कंपनियों के लिए एक बड़ा अवसर है।

क्या होगा आगे

20 अक्टूबर 2026 को विजयदशमी के अवसर पर एफटीए के औपचारिक क्रियान्वयन के बाद दोनों देशों के व्यापारिक संस्थान और निर्यातक नए शुल्क ढाँचे का लाभ उठाने की तैयारी में जुट सकते हैं। यह भारत के उन बड़े मुक्त व्यापार समझौतों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिनमें हाल के वर्षों में यूएई और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए समझौते भी शामिल हैं — और जो भारत की 'ट्रेड फर्स्ट' विदेश नीति की दिशा को रेखांकित करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी। भारत के यूएई और ऑस्ट्रेलिया एफटीए के शुरुआती अनुभव बताते हैं कि शुल्क रियायतों का पूरा लाभ तभी मिलता है जब एमएसएमई निर्यातकों तक जानकारी और प्रक्रियागत सुविधा पहुँचे — जो अक्सर पीछे रह जाती है। 140 सेवा क्षेत्रों की पहुँच बड़ा आंकड़ा है, पर यह देखना जरूरी होगा कि इनमें से कितने क्षेत्रों में भारतीय कंपनियाँ वास्तव में बाजार हिस्सेदारी बना पाती हैं। द्विपक्षीय व्यापार का 2030 तक दोगुना होना तभी संभव है जब नियामकीय बाधाओं और गुणवत्ता मानकों के अंतर को भी उतनी ही गंभीरता से संबोधित किया जाए।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-न्यूजीलैंड FTA क्या है और यह कब लागू होगा?
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के बीच शुल्क मुक्त और रियायती कारोबार को बढ़ावा देने वाला द्विपक्षीय व्यापार करार है, जो 20 अक्टूबर 2026 यानी विजयदशमी (दशहरा) को औपचारिक रूप से लागू होगा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 22 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी।
इस एफटीए से भारतीय निर्यातकों को क्या फायदा होगा?
इस समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले अधिकांश उत्पादों पर शून्य (जीरो) शुल्क लागू होगा, जिससे वस्त्र, दवा, आईटी सेवाएं और कृषि उत्पादों के निर्यातकों को सीधा प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा। इसके अलावा लगभग 140 सेवा क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड का बाजार खुल जाएगा।
न्यूजीलैंड की संसद ने इस एफटीए को कितने बहुमत से मंजूरी दी?
न्यूजीलैंड की संसद ने इस एफटीए को 93 सांसदों के समर्थन और 26 सांसदों के विरोध के साथ पारित किया। व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले के अनुसार दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों का इसे मजबूत समर्थन मिला।
भारत और न्यूजीलैंड ने 2030 तक व्यापार के लिए क्या लक्ष्य रखा है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की प्रतिबद्धता जताई है। न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा कि एफटीए लागू होने के बाद यह लक्ष्य हासिल करना पूरी तरह संभव है।
एफटीए में व्यापार के अलावा और किन क्षेत्रों में सहयोग शामिल है?
इस समझौते में वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के अलावा शिक्षा, खेल, संस्कृति, कृषि उत्पादकता और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी का प्रावधान है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे एक व्यापक और ऐतिहासिक समझौता बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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