भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर को लागू होगा, विजयदशमी पर शुल्क मुक्त कारोबार का नया अध्याय
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 22 सितंबर 2026 को घोषणा की कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आगामी 20 अक्टूबर 2026 यानी विजयदशमी (दशहरा) के अवसर पर औपचारिक रूप से लागू होगा। इस ऐलान के साथ दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय शुरू होने जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
पीयूष गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में इस एफटीए को दोनों देशों की साझी जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल, संस्कृति, कृषि उत्पादकता और तकनीकी सहयोग जैसे कई नए क्षेत्रों में भी अपार संभावनाएं खोलता है।
गोयल के अनुसार, इस समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले अधिकांश उत्पादों पर शून्य (जीरो) शुल्क लागू होगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा। इसके साथ ही न्यूजीलैंड का बाजार भारत के लिए लगभग 140 सेवा क्षेत्रों में खोल दिया गया है।
न्यूजीलैंड संसद की मंजूरी
न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने बताया था कि न्यूजीलैंड की संसद ने इस एफटीए को दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के मजबूत समर्थन के साथ मंजूरी दी। कुल 93 सांसदों ने समझौते के पक्ष में और 26 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। मैक्ले ने इसे न्यूजीलैंड द्वारा किए गए सर्वश्रेष्ठ व्यापार समझौतों में से एक बताया।
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की प्रतिबद्धता जताई है। मैक्ले ने कहा, 'मुझे लगता है कि अब यह लक्ष्य हासिल करना पूरी तरह संभव है।' यह ऐसे समय में आया है जब भारत दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी व्यापार साझेदारियों को तेज़ी से विस्तारित कर रहा है।
आम जनता और उद्योग पर असर
गौरतलब है कि शुल्क मुक्त बाजार पहुँच से भारतीय वस्त्र, दवा, आईटी सेवाएं और कृषि उत्पादों के निर्यातकों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। न्यूजीलैंड की ओर से डेयरी, पर्यटन और उच्च शिक्षा क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, 140 सेवा क्षेत्रों तक पहुँच भारतीय आईटी और पेशेवर सेवा कंपनियों के लिए एक बड़ा अवसर है।
क्या होगा आगे
20 अक्टूबर 2026 को विजयदशमी के अवसर पर एफटीए के औपचारिक क्रियान्वयन के बाद दोनों देशों के व्यापारिक संस्थान और निर्यातक नए शुल्क ढाँचे का लाभ उठाने की तैयारी में जुट सकते हैं। यह भारत के उन बड़े मुक्त व्यापार समझौतों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिनमें हाल के वर्षों में यूएई और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए समझौते भी शामिल हैं — और जो भारत की 'ट्रेड फर्स्ट' विदेश नीति की दिशा को रेखांकित करते हैं।