भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर को लागू होगा, विजयदशमी पर ऐतिहासिक व्यापार समझौता
सारांश
मुख्य बातें
भारत और न्यूजीलैंड के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर 2026 को विजयदशमी (दशहरा) के शुभ अवसर पर लागू हो जाएगा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि की। इस ऐलान के बाद न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी खुशी साझा करते हुए इसे अपनी पार्टी के वादे की पूर्ति बताया।
लक्सन का वादा और उसकी पूर्ति
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने एक्स पर लिखा, 'लगभग तीन साल पहले, मैंने वादा किया था कि अगर हमारी पार्टी (नेशनल) चुनी जाती है, तो हम अपने पहले कार्यकाल में ही भारत के साथ एक फ्री ट्रेड डील करेंगे। और आज, हमने उस डील को फाइनल कर लिया है, जो अगले महीने से लागू हो जाएगी।' लक्सन ने आगे कहा, 'यह सोचना रोमांचक है कि इस FTA की वजह से कितने बिजनेस बढ़ेंगे, और फिर यह सोचना कि इसका उन बिजनेस, उनमें काम करने वाले लोगों और पूरे देश के लिए क्या मतलब होगा।'
लक्सन ने उम्मीद जताई कि समझौते के लागू होने से न्यूजीलैंड के निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे, व्यवसायों में तेज़ी आएगी और देश में रोज़गार व आमदनी के नए रास्ते बनेंगे।
समझौते की प्रमुख विशेषताएँ
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस FTA को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह समझौता केवल वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई नए क्षेत्रों में अपार संभावनाएँ खुलेंगी। समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले अधिकांश उत्पादों पर अब शून्य (जीरो) शुल्क लगेगा, जिससे भारतीय निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
गोयल के अनुसार, इस समझौते के ज़रिए न्यूजीलैंड का बाज़ार भारत के लिए लगभग 140 सेवा क्षेत्रों में खुल गया है। इसके अतिरिक्त शिक्षा, खेल, संस्कृति, कृषि उत्पादकता और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा।
न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री की प्रतिक्रिया
न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने इस समझौते को दोनों देशों द्वारा किए गए सबसे बेहतरीन व्यापार समझौतों में से एक बताया। मैक्ले ने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को काफी बढ़ावा मिल सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री लक्सन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की प्रतिबद्धता जताई है। मैक्ले ने कहा, 'मुझे लगता है कि अब यह लक्ष्य हासिल करना पूरी तरह संभव है।'
आम जनता और उद्योग जगत पर असर
यह FTA ऐसे समय में लागू हो रहा है जब भारत अपने निर्यात बाज़ारों का विस्तार करने की दिशा में आक्रामक रूप से काम कर रहा है। शून्य शुल्क की सुविधा भारतीय कृषि उत्पादों, कपड़ा, दवाइयों और इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यातकों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद रहेगी। गौरतलब है कि भारत ने हाल के वर्षों में यूएई, ऑस्ट्रेलिया और यूके जैसे देशों के साथ भी FTA की दिशा में तेज़ी से कदम उठाए हैं।
भारत-न्यूजीलैंड के बीच 140 सेवा क्षेत्रों में बाज़ार खुलने से IT, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार यह समझौता दोनों देशों के बीच 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने के लक्ष्य की दिशा में एक ठोस कदम है।
आगे क्या होगा
20 अक्टूबर 2026 की प्रभावी तिथि से दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियाँ नई शर्तों के अनुसार संचालित होंगी। विशेष रूप से निर्यातक समुदाय और सेवा क्षेत्र के कारोबारी इस तिथि के लिए अपनी तैयारियाँ कर रहे हैं। माना जा रहा है कि लागू होने के बाद पहले कुछ महीने समझौते की वास्तविक प्रभावशीलता की वास्तविक परीक्षा होंगे।