16 सितंबर 2026
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भारत-न्यूजीलैंड FTA को संसद की मंजूरी, PM लक्सन बोले — '1.4 अरब भारतीय बाजार का द्वार खुला'

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भारत-न्यूजीलैंड FTA को संसद की मंजूरी, PM लक्सन बोले — '1.4 अरब भारतीय बाजार का द्वार खुला'

सारांश

न्यूजीलैंड की संसद ने भारत के साथ FTA को 93-29 से मंजूरी दी — लक्सन के पहले कार्यकाल का सबसे बड़ा व्यापारिक दांव। 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुँच और 95% निर्यात पर शून्य या न्यूनतम शुल्क के साथ, यह समझौता 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने की राह खोलता है।

मुख्य बातें

न्यूजीलैंड की संसद ने 16 सितंबर 2026 को भारत-न्यूजीलैंड FTA को 93-29 के मतदान से मंजूरी दी।
समझौता लागू होते ही भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के 57% निर्यात पर शून्य सीमा शुल्क लागू होगा; पूर्ण क्रियान्वयन पर यह 95% हो जाएगा।
PM क्रिस्टोफर लक्सन ने एक्स पर इसे नेशनल पार्टी के पहले कार्यकाल का पूरा किया गया वादा बताया।
PM नरेंद्र मोदी और PM लक्सन का साझा लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करना है।
द्विपक्षीय वार्ता की घोषणा मार्च 2025 में हुई थी; समझौता 2026 के अंत तक लागू होने की उम्मीद।

न्यूजीलैंड की संसद ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को 93-29 के भारी बहुमत से मंजूरी दे दी, जिसे न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने अपने पहले कार्यकाल की सबसे बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया। यह समझौता न्यूजीलैंड के 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं तक सीधी पहुँच का रास्ता खोलता है और 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के साझा लक्ष्य को बल देता है।

संसदीय मंजूरी और मतदान का विवरण

न्यूजीलैंड की संसद में यह विधेयक 93 मतों के पक्ष और 29 मतों के विरोध में पारित हुआ — एक निर्णायक अंतर जो समझौते को व्यापक राजनीतिक समर्थन का संकेत देता है। न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने बताया कि समझौता लागू होते ही भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात पर कोई सीमा शुल्क नहीं लगेगा। पूरी तरह क्रियान्वित होने पर यह अनुपात बढ़कर 95 प्रतिशत हो जाएगा — यानी लगभग सम्पूर्ण निर्यात शुल्क-मुक्त या न्यूनतम शुल्क पर होगा।

PM लक्सन का X पर संदेश

सामाजिक मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने लिखा, 'लोगों ने मुझसे कहा था कि भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट मुमकिन नहीं है, लेकिन आज उस समझौते को संसद से मंजूरी मिल गई है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि नेशनल पार्टी ने अपने पहले कार्यकाल में यह वादा किया था और उसे पूरा करके दिखाया है। लक्सन के अनुसार, इस समझौते से न्यूजीलैंड के नागरिकों के लिए अधिक नौकरियाँ और बेहतर आमदनी के अवसर बनेंगे।

समझौते के मुख्य प्रावधान

मंत्री टॉड मैक्ले ने बताया कि FTA से सीमा पर माल की त्वरित क्लीयरेंस सुनिश्चित होगी और भारत के तेज़ी से उभरते मध्यम वर्ग तक पहुँच आसान होगी। भारतीय उपभोक्ताओं की माँग भोजन, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, पर्यटन और व्यावसायिक सेवाओं में तेज़ी से बढ़ रही है — और यह समझौता इन्हीं क्षेत्रों में न्यूजीलैंड के निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देगा। गौरतलब है कि इस द्विपक्षीय वार्ता की औपचारिक घोषणा मार्च 2025 में की गई थी।

2030 व्यापार दोगुना लक्ष्य और भारत की भूमिका

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का साझा लक्ष्य तय किया है। मैक्ले के अनुसार, यह FTA उस लक्ष्य की ओर सबसे ठोस संस्थागत कदम है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपनी व्यापारिक साझेदारियों का तेज़ी से विस्तार कर रहा है।

क्या होगा आगे

मंत्री मैक्ले ने संकेत दिया कि सरकार को उम्मीद है कि यह समझौता 2026 के अंत तक लागू हो जाएगा। एक बार लागू होने के बाद, न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भारतीय बाज़ार में शुल्क-मुक्त प्रवेश का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। दोनों सरकारों के बीच क्रियान्वयन की समयसीमा और क्षेत्रवार प्रावधानों पर अंतिम अधिसूचना जल्द जारी होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि व्यापक राष्ट्रीय सहमति का दस्तावेज़ है — जो लक्सन सरकार के लिए राजनीतिक पूँजी है। असली परीक्षा अब क्रियान्वयन की होगी: 57% से 95% निर्यात शुल्क-मुक्त करने की समयसीमा स्पष्ट नहीं है, और भारत के कृषि व डेयरी क्षेत्र पर इसके प्रभाव को लेकर घरेलू स्तर पर सवाल उठ सकते हैं। यह समझौता भारत की एशिया-प्रशांत में बढ़ती व्यापारिक कूटनीति का एक और प्रमाण है, लेकिन 2030 का दोगुना व्यापार का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब क्षेत्रवार बाधाएँ — विशेषकर गैर-शुल्क अवरोध — व्यवस्थित रूप से हटाए जाएँ।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-न्यूजीलैंड FTA क्या है और इसे कब मंजूरी मिली?
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के बीच शुल्क कटौती और व्यापार सुविधा का द्विपक्षीय समझौता है। न्यूजीलैंड की संसद ने इसे 16 सितंबर 2026 को 93-29 के मत से मंजूरी दी। इस पर बातचीत की औपचारिक घोषणा मार्च 2025 में हुई थी।
न्यूजीलैंड के निर्यातकों को FTA से क्या फायदा होगा?
समझौता लागू होते ही भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के 57% निर्यात पर शून्य सीमा शुल्क लागू होगा। पूरी तरह क्रियान्वित होने पर 95% निर्यात शुल्क-मुक्त या न्यूनतम शुल्क पर होगा, जिससे खाद्य, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और पर्यटन क्षेत्रों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा।
FTA कब तक लागू होगा?
न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले के अनुसार, सरकार को उम्मीद है कि यह समझौता 2026 के अंत तक लागू हो जाएगा। दोनों देशों की सरकारें क्रियान्वयन की अधिसूचना और क्षेत्रवार दिशानिर्देश जारी करने की प्रक्रिया में हैं।
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य क्या है?
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने मिलकर 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। यह FTA उस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण संस्थागत कदम माना जा रहा है।
PM लक्सन ने इस समझौते को क्यों महत्वपूर्ण बताया?
PM लक्सन ने एक्स पर लिखा कि नेशनल पार्टी ने अपने पहले कार्यकाल में भारत के साथ FTA का वादा किया था और उसे पूरा किया। उनके अनुसार, 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुँच न्यूजीलैंड के नागरिकों के लिए अधिक नौकरियाँ और बेहतर आमदनी का माध्यम बनेगी।
राष्ट्र प्रेस
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