भारत-न्यूजीलैंड FTA: पीएम लक्सन बोले — 'पीढ़ी में एक बार मिलने वाला मौका', 95%25 सामान पर टैरिफ छूट

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भारत-न्यूजीलैंड FTA: पीएम लक्सन बोले — 'पीढ़ी में एक बार मिलने वाला मौका', 95%25 सामान पर टैरिफ छूट

सारांश

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को हस्ताक्षरित FTA को पीएम लक्सन ने 'पीढ़ी में एक बार का मौका' बताया। 95%25 न्यूजीलैंड निर्यात पर टैरिफ छूट, 20 अरब डॉलर निवेश और भारतीय छात्रों के लिए पहली बार पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा — यह डील दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई परिभाषा देती है।

Key Takeaways

  • 27 अप्रैल 2026 को भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए गए।
  • न्यूजीलैंड से भारत आने वाले 95 फीसदी सामान और भारत से न्यूजीलैंड को होने वाले 100 फीसदी निर्यात पर टैरिफ छूट।
  • न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा।
  • भारतीय कुशल पेशेवरों को 5,000 वीजा कोटे के तहत न्यूजीलैंड में 3 साल काम करने का अवसर।
  • किसी भी देश के साथ न्यूजीलैंड का पहला छात्र आवाजाही और पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा अनुबंध; भारतीय छात्र पढ़ाई के दौरान प्रति सप्ताह 20 घंटे काम कर सकेंगे।
  • भारत ने डेयरी उत्पाद (दूध, दही, पनीर आदि) और कई कृषि उत्पादों को FTA के दायरे से बाहर रखा।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो में कहा कि यह डील न्यूजीलैंड के लिए "पीढ़ी में एक बार मिलने वाला मौका" है, क्योंकि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड से भारत आने वाले 95 फीसदी सामान और भारत से न्यूजीलैंड को होने वाले 100 फीसदी निर्यात पर टैरिफ छूट का प्रावधान किया गया है।

समझौते की मुख्य व्यापारिक शर्तें

इस FTA के तहत भारत को न्यूजीलैंड के सभी टैरिफ उत्पादों पर तत्काल 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त पहुँच मिलेगी। यह उन लगभग 450 टैरिफ उत्पादों पर लागू होगी जिन पर न्यूजीलैंड अभी तक 10 प्रतिशत शुल्क वसूलता था। इनमें वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा, टोपी, चीनी मिट्टी के बर्तन, कालीन तथा वाहन एवं वाहन पुर्जे शामिल हैं।

न्यूजीलैंड की ओर से, भारत को निर्यात किए जाने वाले 95 फीसदी सामान पर टैरिफ छूट मिलेगी। पीएम लक्सन ने बताया कि पहले दिन से ही 57 फीसदी सामान टैरिफ-मुक्त होगा और समझौते की अवधि के दौरान यह अनुपात बढ़ता जाएगा।

निवेश और पेशेवरों की आवाजाही

इस मुक्त व्यापार समझौते में एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। इसके अलावा, भारतीय कुशल पेशेवरों को अस्थायी रोजगार वीजा के तहत न्यूजीलैंड में तीन साल तक काम करने का अवसर मिलेगा। हालाँकि, यह सुविधा 5,000 वीजा के कोटे तक सीमित रहेगी।

गौरतलब है कि वर्किंग हॉलिडे वीजा कार्यक्रम के तहत प्रतिवर्ष 1,000 युवा भारतीय 12 महीने की अवधि के लिए न्यूजीलैंड में कई बार प्रवेश कर सकेंगे।

छात्रों के लिए विशेष प्रावधान

यह FTA छात्रों की आवाजाही के लिहाज से भी ऐतिहासिक है। न्यूजीलैंड ने किसी भी देश के साथ पहली बार छात्र आवाजाही और अध्ययन के बाद कार्य वीजा संबंधी अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत भारतीय छात्र न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान प्रति सप्ताह 20 घंटे तक काम कर सकेंगे और विस्तारित पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा का लाभ उठा सकेंगे।

डेयरी और कृषि उत्पाद: भारत का रक्षात्मक रुख

भारत ने इस समझौते में अपने संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। दूध, क्रीम, मट्ठा, दही और पनीर जैसे सभी डेयरी उत्पादों के साथ-साथ कई कृषि उत्पादों को FTA के दायरे से बाहर रखा गया है। यह कदम घरेलू डेयरी और कृषि क्षेत्र की रक्षा के लिए भारत की परंपरागत व्यापार नीति के अनुरूप है।

पीएम लक्सन का नज़रिया और आगे की राह

पीएम लक्सन ने कहा, "जैसे-जैसे भारतीय बाजार बढ़ेगा, हम दुनिया भर के प्रोडक्ट्स से मुकाबला कर सकते हैं। इसका मतलब है कि कीवी लोगों की जेब में ज्यादा पैसा, ज्यादा इनकम और भारत में तेजी से बढ़ने की वजह से ज्यादा नौकरियां।" यह ऐसे समय में आया है जब भारत निम्न-आय से मध्यम-आय वाली अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है और उसकी उपभोक्ता माँग वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है। दोनों देशों के बीच यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।

Point of View

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। 5,000 वीजा का कोटा और डेयरी उत्पादों को बाहर रखना बताता है कि भारत ने घरेलू दबाव समूहों को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक रेखाएँ खींची हैं — जो कूटनीतिक रूप से समझदारी है, लेकिन न्यूजीलैंड के कृषि निर्यातकों के लिए निराशाजनक भी। पीएम लक्सन का '57 फीसदी पहले दिन से टैरिफ-मुक्त' वाला दावा सुनने में प्रभावशाली लगता है, पर यह देखना होगा कि शेष 38 फीसदी की समयसीमा कितनी लंबी है। भारत के लिए यह FTA उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह एक साथ कई देशों से द्विपक्षीय समझौते कर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी जगह मजबूत कर रहा है — और इस दृष्टि से यह डील महत्वपूर्ण, यद्यपि अभी अधूरी, पहल है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

भारत-न्यूजीलैंड FTA क्या है और इस पर कब हस्ताक्षर हुए?
भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर 27 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड से भारत आने वाले 95 फीसदी और भारत से न्यूजीलैंड को होने वाले 100 फीसदी निर्यात पर टैरिफ छूट का प्रावधान है।
इस FTA से भारतीय छात्रों को क्या फायदा होगा?
भारतीय छात्र न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान प्रति सप्ताह 20 घंटे तक काम कर सकेंगे और विस्तारित पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा का लाभ उठा सकेंगे। न्यूजीलैंड ने किसी भी देश के साथ पहली बार इस तरह का छात्र आवाजाही और पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा अनुबंध किया है।
भारतीय पेशेवरों के लिए इस FTA में क्या प्रावधान हैं?
कुशल भारतीय पेशेवरों को अस्थायी रोजगार वीजा के तहत न्यूजीलैंड में तीन साल तक काम करने का अवसर मिलेगा। हालाँकि, यह सुविधा 5,000 वीजा के निर्धारित कोटे तक सीमित रहेगी।
क्या भारत ने डेयरी उत्पादों को FTA में शामिल किया है?
नहीं, भारत ने दूध, क्रीम, मट्ठा, दही और पनीर जैसे सभी डेयरी उत्पादों के साथ-साथ कई कृषि उत्पादों को FTA के दायरे से बाहर रखा है। यह घरेलू डेयरी और कृषि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए किया गया है।
न्यूजीलैंड भारत में कितना निवेश करेगा?
इस FTA के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। यह निवेश प्रावधान समझौते का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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