तेलंगाना मंत्री श्रीधर बाबू ने सिंगापुर को 'भारत फ्यूचर सिटी' में निवेश का दिया न्योता, दिसंबर समिट में भागीदारी की अपील
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के आईटी और उद्योग मंत्री दुड्डिल्ला श्रीधर बाबू ने सिंगापुर की कंपनियों को 'भारत फ्यूचर सिटी' में निवेश के अवसर तलाशने का आमंत्रण दिया है। 16 सितंबर 2026 को हैदराबाद स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर तेलंगाना सचिवालय में सिंगापुर के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में उन्होंने यह अपील की। तेलंगाना सरकार इस परियोजना को एक नए शहरी एवं आर्थिक विकास केंद्र के रूप में स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।
बैठक का स्वरूप और प्रतिनिधिमंडल
सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सिंगापुर के व्यापार और उद्योग मंत्रालय के स्थायी सचिव (ऊर्जा और व्यापार) ऑगस्टीन ली ने किया। बैठक में तेलंगाना राज्य औद्योगिक अवसंरचना निगम (TGIIC) के प्रबंध निदेशक शशांक, सिंगापुर के व्यापार और उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ निदेशक डॉ. फ्रांसिस चोंग, भारत निदेशालय की निदेशक जीन यी और दक्षिण एशिया एंटरप्राइज की निदेशक ऑट्रे टून भी उपस्थित रहे।
सेमीकंडक्टर और हाई-टेक उद्योग पर ज़ोर
मंत्री श्रीधर बाबू ने कहा कि सिंगापुर की तकनीकी एवं औद्योगिक विशेषज्ञता तेलंगाना के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने सिंगापुर की कंपनियों को सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, सहायक उद्योगों और एकीकृत सप्लाई चेन में अवसर तलाशने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश में है।
निवेश के प्रमुख क्षेत्र
बैठक में मंत्री ने जिन क्षेत्रों में सिंगापुर के निवेश की संभावनाएँ रेखांकित कीं, वे हैं — आईटी और आईटी-इनेबल्ड सर्विसेज, उभरती टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, लाइफ साइंसेज, बायोटेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस, ग्रीन टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, शहरी बुनियादी ढाँचा, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और स्किल डेवलपमेंट। राज्य सरकार इन क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के ज़रिये तेलंगाना को एक पसंदीदा हाई-वैल्यू निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना चाहती है।
दिसंबर समिट में भागीदारी की अपील
मंत्री श्रीधर बाबू ने सिंगापुर सरकार और कंपनियों को 7 से 9 दिसंबर 2026 तक आयोजित होने वाले 'तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट-2026' में हिस्सा लेने का न्योता दिया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से आग्रह किया कि वे सिंगापुर की कंपनियों के बीच तेलंगाना में निवेश के अवसरों को लेकर जागरूकता फैलाएँ और उन्हें राज्य में निवेश की संभावनाएँ तलाशने के लिए प्रेरित करें। भारत फ्यूचर सिटी इस समिट के निवेश-केंद्रित एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है।
आगे की राह
गौरतलब है कि तेलंगाना पहले से ही देश के प्रमुख आईटी हब के रूप में स्थापित है और अब वह सेमीकंडक्टर तथा उन्नत विनिर्माण क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाना चाहता है। इस बैठक को भारत-सिंगापुर औद्योगिक सहयोग को नए आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दिसंबर समिट की सफलता और सिंगापुर से वास्तविक निवेश प्रतिबद्धताओं पर अब सभी की नज़रें टिकी होंगी।