25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत और सिंगापुर का सेमीकंडक्टर सहयोग: निवेश के नए अवसरों पर चर्चा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत और सिंगापुर का सेमीकंडक्टर सहयोग: निवेश के नए अवसरों पर चर्चा

सारांश

भारत और सिंगापुर के बीच सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में उद्योग के प्रमुख अधिकारी एकत्रित हुए और नए निवेश के अवसरों पर चर्चा की।

मुख्य बातें

सामरिक सहयोग को मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक।
भारत और सिंगापुर के बीच निवेश के नए अवसर।
प्रौद्योगिकी और इकोसिस्टम के विकास पर जोर।
दुनिया की सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका।
उद्योग के नेताओं का नीतिगत समर्थन पर ध्यान।

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सामरिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) और सिंगापुर सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री एसोसिएशन (एसएसआईए) ने मिलकर शुक्रवार को सिंगापुर में एक उच्च स्तरीय उद्योग बैठक का आयोजन किया।

बैठक में भारत और सिंगापुर के प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया और सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में सहयोग को और गहरा करने पर विचार किया।

इस अवसर पर दोनों देशों की पूरक ताकतों को उजागर किया गया। जहां सिंगापुर सेमीकंडक्टर निर्माण, उपकरण और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अग्रणी है, वहीं भारत अपनी बढ़ती उत्पादन क्षमता, नीतिगत समर्थन और विशाल बाजार के कारण एक मजबूत साझेदार के रूप में उभर रहा है।

यह कदम आईसीईए और एसएसआईए के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के बाद उठाया गया है, जिसका लक्ष्य दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग के लिए एक संरचित ढांचा तैयार करना है।

बैठक के दौरान दोनों देशों की कंपनियों के बीच साझेदारी, निवेश के अवसरों और तकनीकी सहयोग पर चर्चा हुई। इस दौरान भारत-सिंगापुर के बीच एक विश्वसनीय सेमीकंडक्टर कॉरिडोर विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

चर्चा में आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, तकनीकी सह-विकास, संयुक्त उपक्रम (जॉइंट वेंचर), निवेश प्रवाह और उत्पादन, उपकरण, सामग्री तथा प्रिसिजन इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया गया।

उद्योग के नेताओं ने नीतिगत समर्थन, कौशल विकास और सम्पूर्ण इकोसिस्टम की तैयारी पर भी विचार विमर्श किया।

आईसीईए के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के बीच मजबूत तालमेल को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि सिंगापुर उन्नत मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक सप्लाई चेन विशेषज्ञता लाता है, जबकि भारत पैमाने, मांग और नीतिगत गति प्रदान करता है, जो एक मजबूत और विविध सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।

वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ अमितेश कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा को पहले ही गति मिल चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और सिंगापुर के बीच सेमीकंडक्टर सहयोग का उद्देश्य क्या है?
इस सहयोग का उद्देश्य सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में सहयोग को मजबूत करना है।
बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में निवेश, तकनीकी सहयोग, और आपूर्ति श्रृंखला के विकास पर चर्चा हुई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले