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सरकार ने 10 भारतीय एआई स्टार्टअप्स को ग्लोबल एक्सीलरेशन प्रोग्राम में किया शामिल

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सरकार ने 10 भारतीय एआई स्टार्टअप्स को ग्लोबल एक्सीलरेशन प्रोग्राम में किया शामिल

सारांश

इंडियाएआई मिशन ने 10 भारतीय एआई स्टार्टअप्स का चयन किया है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ने के लिए ग्लोबल एक्सीलरेशन प्रोग्राम में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम भारत की एआई रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मुख्य बातें

10 भारतीय एआई स्टार्टअप्स का चयन हुआ है।
ग्लोबल एक्सीलरेशन प्रोग्राम में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग का अवसर मिलेगा।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर बढ़ाना है।
चुने गए स्टार्टअप्स को मेंटरशिप प्राप्त होगी।
यह कार्यक्रम नेशनल एआई स्ट्रैटेजी का हिस्सा है।

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के तहत चलने वाले इंडियाएआई मिशन ने अपने ग्लोबल एक्सीलरेशन प्रोग्राम के दूसरे बैच के लिए 10 भारतीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) स्टार्टअप्स का चयन किया है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाना है। सरकार ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी।

इंडियाएआई स्टार्टअप्स ग्लोबल एक्सीलरेशन प्रोग्राम पेरिस के स्टेशन एफ और एचईसी पेरिस के साथ साझेदारी में संचालित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भारत को वैश्विक एआई इकोसिस्टम में मजबूत बनाने की सरकार की व्यापक योजना का हिस्सा है।

सरकार के अनुसार, प्रत्येक बैच में 10 स्टार्टअप्स का चयन किया जाता है, जिन्हें इस प्रोग्राम के तहत संसाधन, मेंटरशिप और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग के अवसर प्रदान किए जाते हैं, ताकि वे अपने व्यवसाय को वैश्विक स्तर पर बढ़ा सकें।

यह प्रोग्राम भारत की नेशनल एआई स्ट्रैटेजी के अनुरूप है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग, वैश्विक नवाचार इकोसिस्टम से जुड़ाव और विदेशी बाजारों में विस्तार पर जोर दिया गया है।

दूसरे बैच के लिए चुने गए स्टार्टअप्स में एआई हेल्थ हाईवे, अविरोस, कॉग्नेक्टो, फ्लॉन्ट, ग्रीनफाई.एआई, क्लाइमेटफोर्स टेक्नोलॉजीज, इन्फीहील हेल्थटेक, इनलस्ट्रो लर्निंग, प्रेडको, स्काईसर्व (हाइस्पेस टेक्नोलॉजीज) और टेस्टिंग सॉल्यूशंस शामिल हैं।

इन स्टार्टअप्स का चयन बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। ये सभी चयनित कंपनियां पहले तीन हफ्तों के ऑनलाइन प्रोग्राम में हिस्सा लेंगी, इसके बाद उन्हें पेरिस में तीन महीने की रेसिडेंसी का मौका मिलेगा।

सरकार ने बताया कि इस दौरान स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से मार्गदर्शन और यूरोप के बड़े टेक इकोसिस्टम से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

इससे पहले मार्च में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने संसद में बताया था कि इंडियाएआई मिशन के तहत 38,000 से ज्यादा जीपीयू जोड़े गए हैं और 190 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के तहत 10 सेमीकंडक्टर यूनिट्स को भी मंजूरी दी गई है, जिससे देश में चिप मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि 38,231 जीपीयू को एक साझा कंप्यूटिंग सुविधा के जरिए स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों को लगभग 65 रुपए प्रति जीपीयू प्रति घंटे की रियायती दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कंपनियों की पहचान भी मजबूत करेगा। यह एक सकारात्मक विकास है जो नवाचार और सहयोग को प्रोत्साहित करेगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडियाएआई मिशन क्या है?
इंडियाएआई मिशन भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा संचालित एक पहल है, जिसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना है।
ग्लोबल एक्सीलरेशन प्रोग्राम का उद्देश्य क्या है?
ग्लोबल एक्सीलरेशन प्रोग्राम का उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने में सहायता करना है।
चुने गए स्टार्टअप्स को क्या सुविधाएँ मिलेंगी?
चुने गए स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, संसाधन और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग का लाभ मिलेगा।
इन स्टार्टअप्स का चयन कैसे किया गया?
इन स्टार्टअप्स का चयन बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है।
इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्टार्टअप्स की संख्या कितनी है?
इस कार्यक्रम के दूसरे बैच में 10 स्टार्टअप्स का चयन किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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