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एआई द्वारा मेलानोमा के शुरुआती जोखिम का पता लगाने की क्षमता: नया अध्ययन

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एआई द्वारा मेलानोमा के शुरुआती जोखिम का पता लगाने की क्षमता: नया अध्ययन

सारांश

एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मेलानोमा के प्रारंभिक जोखिम की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जानें कैसे स्वास्थ्य प्रणाली में इसे लागू किया जा सकता है।

मुख्य बातें

एआई मेलानोमा के प्रारंभिक जोखिम की पहचान में सहायक हो सकता है।
स्वीडन की वयस्क जनसंख्या से डेटा का विश्लेषण किया गया।
उन्नत एआई मॉडल ने 73 प्रतिशत मामलों में सही पहचान की।
भविष्य में लक्षित स्क्रीनिंग के लिए उच्च जोखिम समूहों की पहचान संभव है।
अधिक शोध की आवश्यकता है इससे पहले कि इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जाए।

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब त्वचा कैंसर के एक गंभीर रूप, मेलानोमा, के प्रारंभिक जोखिम की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह दावा एक नए अध्ययन में किया गया है, जो बुधवार को प्रकाशित हुआ।

यह अध्ययन स्वीडन की वयस्क जनसंख्या से संबंधित व्यापक रजिस्ट्रेशन डेटा पर आधारित है।

अध्ययन में उम्र, लिंग, स्वास्थ्य इतिहास, दवाओं के उपयोग और सामाजिक-आर्थिक स्थिति जैसी जानकारियाँ शामिल की गईं।

डेटा का विश्लेषण 60 लाख से अधिक व्यक्तियों पर किया गया, जिनमें से लगभग 0.64 प्रतिशत लोगों में पांच वर्षों के भीतर मेलानोमा विकसित हुआ।

शोधकर्ताओं का कहना है कि हेल्थकेयर सिस्टम में मौजूदा डेटा का बेहतर उपयोग करके उन व्यक्तियों की पहचान की जा सकती है, जिन्हें भविष्य में इस कैंसर का अधिक खतरा हो सकता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ गोथेनबर्ग के डॉक्टरेट छात्र मार्टिन गिलस्टेड ने कहा, "यह प्रक्रिया अभी नियमित स्वास्थ्य सेवाओं का हिस्सा नहीं है, लेकिन इसके परिणाम भविष्य के लिए संकेत देते हैं।"

अध्ययन में विभिन्न एआई मॉडलों की तुलना की गई, जिसमें पाया गया कि उन्नत मॉडल लगभग 73 प्रतिशत मामलों में सटीक पहचान करने में सफल रहा, जबकि केवल उम्र और लिंग के आधार पर यह आंकड़ा करीब 64 प्रतिशत था।

शोध में यह भी स्पष्ट हुआ कि यदि बीमारी के इतिहास, दवाओं और सामाजिक कारकों को साथ में रखा जाए, तो ऐसे छोटे समूहों की पहचान की जा सकती है जिनमें अगले पांच वर्षों में मेलानोमा का खतरा 33 प्रतिशत तक हो सकता है।

त्वचा रोग विशेषज्ञ सैम पोलेसिस ने कहा, "यदि ऐसे उच्च जोखिम वाले समूहों की पहचान की जाए और उन पर लक्षित स्क्रीनिंग की जाए, तो न केवल बीमारी की निगरानी अधिक प्रभावी हो सकती है, बल्कि स्वास्थ्य संसाधनों का बेहतर उपयोग भी संभव है। यह प्रक्रिया प्रिसिजन मेडिसिन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।"

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक को व्यापक स्तर पर लागू करने से पहले और अधिक शोध और नीतिगत निर्णयों की आवश्यकता है। फिर भी, यह अध्ययन यह संकेत देता है कि बड़े डेटा पर प्रशिक्षित एआई मॉडल भविष्य में व्यक्तिगत जोखिम आकलन और कैंसर स्क्रीनिंग रणनीतियों को और प्रभावी बना सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह स्वास्थ्य प्रणाली में मौजूदा डेटा का बेहतर उपयोग भी कर सकता है। हालांकि, इसे लागू करने से पहले और शोध की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआई मेलानोमा के जोखिम का पता कैसे लगाता है?
एआई विभिन्न डेटा जैसे उम्र, लिंग, स्वास्थ्य इतिहास और सामाजिक कारकों का विश्लेषण करके मेलानोमा के जोखिम का पता लगाता है।
क्या यह अध्ययन सभी के लिए फायदेमंद है?
हां, यह अध्ययन व्यक्तिगत स्वास्थ्य जोखिम की पहचान और लक्षित स्क्रीनिंग के लिए उपयोगी हो सकता है।
क्या एआई तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं में शामिल हो जाएगी?
इस तकनीक को व्यापक स्तर पर लागू करने से पहले और शोध और नीतिगत फैसलों की आवश्यकता है।
क्या एआई मॉडल सटीक होते हैं?
अध्ययन में पाया गया कि उन्नत एआई मॉडल लगभग 73 प्रतिशत मामलों में सही पहचान करने में सक्षम हैं।
मेलानोमा के उच्च जोखिम वाले समूह कैसे पहचाने जाएंगे?
बिमारी के इतिहास और सामाजिक कारकों के आधार पर छोटे समूहों की पहचान की जा सकती है जिनमें मेलानोमा का खतरा अधिक हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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