मारुति सुजुकी ने महिला कर्मचारियों की संख्या 1,300 पार की; जेंडर विविधता को दिया बढ़ावा
सारांश
Key Takeaways
- महिला कर्मचारियों की संख्या 1,300 से अधिक हो गई है।
- शॉपफ्लोर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई गई है।
- कंपनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किए हैं।
- सुरक्षा और सुविधाएं बेहतर की गई हैं।
- यौन उत्पीड़न रोकथाम ट्रेनिंग में 100%25 भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने बुधवार को यह जानकारी दी कि कंपनी ने जेंडर विविधता को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों को और तेज कर दिया है, और अब कंपनी में महिला कर्मचारियों की संख्या 1,300 से अधिक हो गई है। कंपनी के अनुसार, गुरुग्राम और मानेसर प्लांट में महिलाओं की भर्ती में इजाफा होने से यह संख्या बढ़ी है।
कंपनी ने पिछले दो वर्षों में वाहन निर्माण, इंजन और ट्रांसमिशन जैसे तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की भर्ती को लगातार बढ़ाया है। अब ये महिला कर्मचारी शॉपफ्लोर पर असेंबली लाइन और क्वालिटी कंट्रोल जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को संभाल रही हैं, जहाँ सटीकता और निरंतरता बहुत महत्वपूर्ण हैं।
कंपनी ने यह भी बताया कि महिला कर्मचारियों को पुरुष कर्मचारियों के समान प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम प्रदान किए जाते हैं, जिससे उन्हें अपने करियर में उन्नति के समान अवसर मिल सकें।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा कि कंपनी के विभिन्न विभागों जैसे इंजीनियरिंग, मार्केटिंग, सेल्स, फाइनेंस, लीगल, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन में पहले से ही महिलाओं की अच्छी भागीदारी रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि असली भागीदारी तब देखने को मिलती है जब महिलाएं सीधे शॉपफ्लोर पर वाहन निर्माण में योगदान देती हैं। उनकी व्यक्तिगत इच्छा है कि शॉपफ्लोर पर महिलाओं की संख्या और बढ़ाई जाए।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए, कंपनी ने कई कदम उठाए हैं। इसके लिए एक आंतरिक सर्वेक्षण किया गया, जिसके आधार पर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किए गए हैं ताकि महिलाओं को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा मिल सके।
इन सुधारों में अलग-अलग रेस्ट रूम, चेंजिंग एरिया, क्रेच सुविधाएं और शाम की शिफ्ट में सुरक्षा के लिए गार्ड और पेट्रोलिंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
इसके अलावा, कंपनी ने कर्मचारियों के लिए सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम भी शुरू किए हैं, जिससे कार्यस्थल पर एक समावेशी और खुला माहौल निर्मित किया जा सके।
मारुति सुजुकी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी कर्मचारी यौन उत्पीड़न रोकथाम (पीओएसएच) ट्रेनिंग में 100 प्रतिशत भाग लें, जिससे कार्यस्थल पर सुरक्षा और जागरूकता बनी रहे।