तेलंगाना इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनने के लिए प्रतिबद्ध: श्रीधर बाबू
सारांश
Key Takeaways
- तेलंगाना का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में वैश्विक केंद्र बनने का संकल्प।
- 100 लाख टेलीविज़न यूनिट का उत्पादन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर।
- भविष्य के लिए मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का विकास।
हैदराबाद, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना राज्य के सूचना एवं उद्योग मंत्री दुद्दिला श्रीधर बाबू ने शनिवार को यह स्पष्ट किया कि राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित होने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इसका प्रमुख उद्देश्य एक ऐसा मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है जो सिर्फ असेंबली तक सीमित न रहे।
हैदराबाद के रेडिएंट अप्लायंसेज एंड इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड को 100 लाख टेलीविज़न यूनिट के उत्पादन का मील का पत्थर हासिल करने पर बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य के बढ़ते औद्योगिक आधार को प्रदर्शित करती है।
डॉ. बीआर अंबेडकर तेलंगाना सचिवालय में आयोजित संवाद में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में घटक निर्माण से लेकर उन्नत प्रौद्योगिकियों तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला विकसित करने की दिशा में सक्रिय है, ताकि तेलंगाना को वैश्विक निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।
भारत के 2030 तक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में 500 अरब डॉलर के लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना इस विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
श्रीधर बाबू ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को राज्य की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख चालक बताते हुए कहा कि वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और कुशल कार्यबल का निर्माण करने के प्रयास जारी हैं।