असम में एनएफआर ने मालीगांव में 'ज़ुबीन गर्ग' रेलवे बिहुटोली का विकास किया
सारांश
Key Takeaways
- ज़ुबीन गर्ग रेलवे बिहुटोली असम की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
- यह बिहू और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है।
- इसका नामकरण ज़ुबीन गर्ग को समर्पित है।
- इसमें आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
- यह पहल क्षेत्रीय कलाकारों को सम्मानित करने की दिशा में एक कदम है।
गुवाहाटी, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सोमवार को अधिकारियों ने यह जानकारी दी कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने मालीगांव में एक नया 'बिहुटोली' तैयार किया है। यह स्थान बिहू और अन्य महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजनों के लिए एक सांस्कृतिक मंच के रूप में कार्य करेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि इसे प्रसिद्ध असमिया गायक ज़ुबीन गर्ग को समर्पित करते हुए 'ज़ुबीन गर्ग रेलवे बिहुटोली' नाम दिया गया है, जो असम में इस कलाकार के प्रति गहरी सांस्कृतिक कड़ी और प्रशंसा को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि इस बिहुटोली को विभिन्न आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है, जिसमें एक स्थायी मंच, भोजन कक्ष, शौचालय, सामुदायिक स्थल, चारदीवारी और हर मौसम के अनुकूल मैदान शामिल हैं।
यह नया मैदान १४ से १७ अप्रैल तक पांडु बिहु सम्मिलनी, मालीगांव द्वारा आयोजित वार्षिक रोंगाली बिहु समारोह की मेज़बानी के लिए तैयार है। इस सिलसिले में हाल ही में बिहु-पूर्व उद्घाटन समारोह भी आयोजित किया गया था।
इस मौके पर नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव पारंपरिक बिहु समारोहों में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में रेलवे के अधिकारियों, स्थानीय निवासियों और संस्कृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर जुबीन गर्ग की बहन पाल्मी बोरठाकुर भी मौजूद थीं। उन्होंने परिवार की ओर से इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया।
यह पहल क्षेत्रीय संस्कृति का उत्सव मनाने और समाज में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने के प्रति नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बिहुटोली का नामकरण ज़ुबीन गर्ग की स्थायी विरासत का प्रतीक है, खासकर जीवंत बिहु उत्सव के दौरान, जो असम के लोगों के दिलों में विशेष स्थान रखता है।
महान गायक ज़ुबीन गर्ग का १९ सितंबर को सिंगापुर के लाज़रस द्वीप के पास तैरते समय निधन हो गया था। यह घटना उनके 'नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल' में प्रस्तुति देने से ठीक एक दिन पहले हुई थी।
इसके बाद, असम पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने एक विशेष जांच दल गठित किया, जिसने गहन जांच की और दिसंबर में चार्जशीट फाइल की। इस चार्जशीट में सात आरोपियों के नाम शामिल हैं, जिनमें 'नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल' के आयोजक श्यामकानु महंत भी शामिल हैं। इनमें से चार पर हत्या का आरोप लगाया गया है, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई है।
इससे पहले, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने विधानसभा में इसे 'सीधी-सादी हत्या' बताया और इस मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। इसी बीच, सिंगापुर पुलिस की समानांतर जांच में एक अलग निष्कर्ष सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि गर्ग की मौत में किसी प्रकार की गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला।