12 जुलाई 2026
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भारत-न्यूजीलैंड FTA डील: 2030 तक व्यापार दोगुना, ₹35,000 करोड़ का लक्ष्य

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भारत-न्यूजीलैंड FTA डील: 2030 तक व्यापार दोगुना, ₹35,000 करोड़ का लक्ष्य

सारांश

पीएम मोदी के ऑकलैंड दौरे के बाद न्यूजीलैंड के पीएम लक्सन ने FTA-आधारित नई डील का ऐलान किया — 2030 तक व्यापार दोगुना कर ₹35,000 करोड़ का लक्ष्य, 18 बड़े फैसले और 10 MOU। दोनों देशों के संबंध अब 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर पर पहुँच गए हैं।

मुख्य बातें

न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने 12 जुलाई 2026 को भारत-न्यूजीलैंड FTA-आधारित नई डील की घोषणा की।
लक्ष्य: 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना कर 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर (₹35,000 करोड़) तक पहुँचाना।
दोनों देशों के संबंध 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर पर उन्नत; 'रोडमैप टू 2030' फ्रेमवर्क को मंजूरी।
पीएम मोदी के छह दिवसीय दौरे में 18 बड़े फैसले और 10 MOU पर हस्ताक्षर।
न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था में भारतीय समुदाय की 9% हिस्सेदारी को पीएम लक्सन ने सराहा।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने 12 जुलाई 2026 को घोषणा की कि भारत और न्यूजीलैंड एक नए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) आधारित करार पर सहमत हो गए हैं, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर (लगभग ₹35,000 करोड़) तक पहुँचाना है। यह ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छह दिवसीय तीन-देशीय दौरे के समापन के बाद ऑकलैंड से किया गया, जो भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

समझौते में क्या शामिल है

दोनों देशों ने आपसी संबंधों को औपचारिक रूप से 'रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा दिया है। इसके तहत 'भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी: रोडमैप टू 2030' फ्रेमवर्क को स्वीकृति दी गई, जो अगले चार वर्षों तक दोनों देशों के सहयोग का आधार बनेगा। इस दौरे में कुल 18 बड़े फैसले और 10 समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर हुए।

दोनों पक्षों ने वस्तुओं और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक दोगुना करने के लक्ष्य पर सहमति जताई। साथ ही उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के बीच नियमित दौरे और क्षेत्रीय व बहुपक्षीय मंचों पर बैठकें जारी रखने पर भी सहमति बनी।

लक्सन ने एक्स पर क्या कहा

प्रधानमंत्री लक्सन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'न्यूजीलैंड और भारत एक नई डील पर सहमत हुए हैं जो हमारे मुक्त व्यापार समझौते पर आधारित है। हमने अपने संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया है, जिसमें 2030 तक हमारे देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने की योजना है। इसका मतलब है कि कीवी समुदाय में ज़्यादा पैसा वापस आएगा, नौकरियाँ पैदा होंगी और घर पर सैलरी बढ़ेगी।'

दौरे के प्रमुख क्षण

शनिवार को पीएम मोदी कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल हुए। पीएम लक्सन ने उनके सम्मान में गाला लंच का आयोजन किया, जबकि शाम को प्रवासी भारतीयों के विशेष समारोह 'किआ ओरा मोदी' में उनकी उपस्थिति रही। इस अवसर पर लक्सन ने न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था में भारतीय समुदाय की 9 प्रतिशत हिस्सेदारी की सराहना की और उनकी मेहनत व योगदान को रेखांकित किया।

दौरे के समापन पर पीएम मोदी को राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई। पीएम लक्सन ने उनसे गले मिलकर विदाई दी।

रणनीतिक महत्व

यह साझेदारी ऐसे समय में आई है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। दोनों देशों के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्य, गहरे जन-संपर्क और हिंद-प्रशांत में समान हित इस साझेदारी की नींव हैं। गौरतलब है कि यह भारत की किसी प्रशांत-क्षेत्र देश के साथ पहली औपचारिक 'रणनीतिक साझेदारी' की श्रेणी में आने वाली बड़ी द्विपक्षीय पहलों में से एक है।

आगे क्या

रोडमैप टू 2030 के तहत व्यापार, रक्षा, शिक्षा और तकनीक के क्षेत्रों में सहयोग को संस्थागत रूप दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि FTA-आधारित इस नई डील से कृषि, डेयरी, सॉफ्टवेयर सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों को ठोस लाभ मिल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — क्योंकि दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापार आधार अभी भी सीमित है और 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत हिंद-प्रशांत में अपनी उपस्थिति को व्यापक बना रहा है और न्यूजीलैंड चीन पर अपनी व्यापारिक निर्भरता को संतुलित करना चाहता है। MOU की संख्या और घोषणाओं की भव्यता से परे, यह देखना ज़रूरी होगा कि ये समझौते वास्तविक निर्यात वृद्धि और रोज़गार में कितना योगदान देते हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और न्यूजीलैंड की नई FTA-आधारित डील क्या है?
यह एक द्विपक्षीय व्यापार करार है जिसे पीएम मोदी के ऑकलैंड दौरे के बाद 12 जुलाई 2026 को घोषित किया गया। इसका लक्ष्य 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना कर 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर (लगभग ₹35,000 करोड़) तक पहुँचाना है।
भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी में क्या शामिल है?
'रोडमैप टू 2030' फ्रेमवर्क के तहत व्यापार, रक्षा, शिक्षा और तकनीक में सहयोग को संस्थागत रूप दिया जाएगा। दोनों देशों ने उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित दौरे और बहुपक्षीय मंचों पर बैठकें जारी रखने पर भी सहमति जताई है।
पीएम मोदी के न्यूजीलैंड दौरे में कितने समझौते हुए?
छह दिवसीय दौरे के दौरान कुल 18 बड़े फैसले लिए गए और 10 समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह दौरा तीन देशों की यात्रा का अंतिम चरण था।
न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय की क्या भूमिका है?
पीएम लक्सन ने 'किआ ओरा मोदी' कार्यक्रम में बताया कि भारतीय समुदाय न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था में 9 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है। उन्होंने भारतीयों की मेहनत और देश के विकास में उनके योगदान की विशेष सराहना की।
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य कितना व्यावहारिक है?
दोनों देशों ने वस्तुओं और सेवाओं में व्यापार को 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। विशेषज्ञों के अनुसार कृषि, डेयरी, सॉफ्टवेयर सेवाओं और शिक्षा क्षेत्र में इस लक्ष्य को हासिल करने की सबसे अधिक संभावना है, हालाँकि क्रियान्वयन की गति निर्णायक होगी।
राष्ट्र प्रेस
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